वेतन की मांग को लेकर कोर्ट जाने के मूड में शिक्षक

वेतन की मांग को लेकर कोर्ट जाने के मूड में शिक्षक
आर्थिक संकट से गुजर रहे परिषदीय स्कूलों के शिक्षक
नवनियुक्त प्राइमरी शिक्षकों को पांच माह से नहीं मिला वेतन
परेशानी:
जासं, इलाहाबाद : शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन नहीं होने से प्रदेश भर के साठ हजार नव नियुक्ति शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है। शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। यह हाल तब है, जब केंद्र व राज्य सरकार शिक्षा पर जोर दे रही है। ऐसे में शिक्षक संगठन वेतन पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के मूड में हैं।
72,825 शिक्षक भर्ती के तहत नवंबर 2015 में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में साठ हजार शिक्षकों की काउंसिलिंग कराकर मौलिक नियुक्ति दी गई थी। पांच माह से अधिक समय बीतने के बाद भी अभी तक शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन विभाग नहीं करा सका है। शिक्षकों का वेतन लेखा विभाग नहीं दे रहा है। सत्यापन जल्द कराने की मांग को लेकर कई बार नव नियुक्त शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव समेत कई उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। लेकिन अधिकारी आश्वासन देकर इन्हें चलता कर देते हैं। वेतन के अभाव में नवनियुक्त शिक्षक अपने सगे संबंधियों से ऋण लेकर परिवार का खर्च चलाने को मजबूर हैं। इस भर्ती के तहत इलाहाबाद जनपद में 1250 शिक्षकों को विभिन्न दूरस्थ ब्लाकों में तैनाती दी गई थी। इधर, बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि नव नियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन प्राप्त होना शुरू हो गया है।
यूपी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सिंह के मुताबिक नवंबर में शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति दी गई थी। कहा सब्र की इंतहा हो गई है।
भर्ती के लिए शीर्ष कोर्ट में दस्तक
राब्यू, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों सहायक अध्यापक के रूप में 72825 शिक्षकों की भर्ती के तहत 12091 अभ्यर्थियों को नियुक्त करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। सात दिसंबर के आदेश पर डेढ़ माह में नियुक्ति देनी थी, पर अब तक अमल न होने से आहत युवाओं ने कुशल सिंह व अन्य की ओर से शीर्ष कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। इसकी सुनवाई नौ मई को होने के आसार हैं।
उधर, परिषद के स्कूलों में 15 हजार शिक्षकों की होने वाली भर्ती की सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा। विशिष्ट बीटीसी के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह, शैलेश कुमार व मनोज कुमार गुरुवार से आमरण अनशन पर बैठे हैं। वह नवसृजित 16448 सीटों को मुख्य भर्ती की सीटों में जोड़ने की मांग कर रहे हैं।

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