फिर पुरानी छोड़, नई भर्ती की तैयारी

फिर पुरानी छोड़, नई भर्ती की तैयारी
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की छह साल से हर भर्ती विवादों में फंसी
छह साल से माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड एक भी भर्ती नहीं करा सका है। इस दौरान अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए, परीक्षाएं और इंटरव्यू हुए लेकिन रिजल्ट नहीं आया। वे अभ्यर्थी अभी इंतजार कर रहे हैं लेकिन बोर्ड नई भर्तियों की बात कर रहा है। बोर्ड के नए अध्यक्ष एचएल गुप्ता ने इंटर कॉलेजों में नौ हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान कर दिया है। पुरानी भर्तियां छोड़ नई की तैयारी करने से बोर्ड की मंशा पर अभी से सवाल खड़े होने लगे हैं।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 2010 में आखिरी बार इंटर कॉलेजों में 1200 शिक्षकों की भर्ती करवाई थी। उसके बाद से लगातार कई बार शिक्षक और प्रिंसिपल भर्ती का विज्ञापन निकाला। प्रिंसिपल भर्ती कई बार फंसी और बोर्ड के पुराने सदस्यों व अध्यक्षों पर घपले के आरोप लगे। इस कारण तीन अध्यक्ष, सचिव और सदस्यों को हटाया गया। इससे पहले अध्यक्ष डॉ. सनिल कुमार को कोर्ट द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बाद हटाया गया था। तब से यह पद खाली था।
अटकी हैं 925 प्रिंसिपल, 9125 शिक्षकों की भर्तियां: अध्यक्ष और सदस्यों के न होने से इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की भर्तियां भी रुकी हैं। इंटर कॉलेजों में 925 प्रिंसिपल और 9125 शिक्षकों की भर्तियां लंबे समय से अटकी हैं। प्रिंसिपल भर्ती का मामला तो 2012 से लंबित है। उस समय भी बोर्ड का कोरम पूरा न होने के कारण कोर्ट के आदेश से रोक लगी थी। बाद में 2014 में कोरम पूरा होने पर बोर्ड ने फिर भर्तियां शुरू कर दी थीं। इनमें भी धांधली के आरोप लगे थे। इन विवादों के कारण बोर्ड के तीन अध्यक्षों को पद से हटना पड़ा था। वहीं शिक्षक भर्ती 2013 से अटकी हुई हैं।
अभी बोर्ड का ही कोरम पूरा नहीं: बोर्ड के अध्यक्ष नई भर्तियों की बात तो कर रहे हैं लेकिन सवाल एक बार फिर कोरम पूरा होने का है। पिछली भर्तियों में हुए विवादों और धांधली के आरोपों के बाद से भर्तियां अटकी हैं। उन विवादों की वजह से ही पिछले अध्यक्ष डॉ. सनिल कुमार के साथ तीन सदस्यों को भी हटा दिया गया था। तब से सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है।
इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है। ऐसे में भर्तियां जरूरी हैं लेकिन पहले पुरानी भर्ती कराना जरूरी है। नए आवेदन लेने से काम नहीं चलेगा। बोर्ड भर्तियां पूरी करे और स्कूलों को शिक्षक दे।
-डॉ. आरपी मिश्र,
प्रांतीय मंत्री, माध्यमिक शिक्षक संघ•प्रमुख संवाददाता, लखनऊ

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