इतिहास के पन्नों में दर्ज 11 जनवरी की महत्वपूर्ण पंक्तियाँ ।



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इतिहास के पन्नों में दर्ज 11 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ ।

10 दिसंबर का इतिहास यहाँ पढ़ें ।
शासक ने मेक्सिको नगर की आधारशिला रखी।
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1325 ईसवी को आज़टेक शासन श्रृंखला के अंतिम शासक ने मेक्सिको नगर की आधारशिला रखी।आज़टेक, दक्षिणी अमरीका की रेड इंडियन जाति के लोग थे जो 12वीं शताब्दी ईसवी में मेक्सिको आए थे। उनका जीवन कृषि पर आधारित था। १६वीं शताब्दी से इस क्षेत्र में स्पेन का वर्चस्व स्थापित हुआ। मेक्सिको के आधिपत्य को लेकर आज़टेक जाति तथा स्पेन के मध्य संघर्ष आरंभ हुआ जिसमें स्पेन को विजय प्राप्त हुई। इसी बीच स्पेन से आकर लाखों लोग मेक्सिको में बस गये।
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1569 - इंग्लैण्ड में पहली लाटरी का शुभारम्भ हुआ।
1613 – मुगल सम्राट जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत में कारखाना लगाने की इजाजत दी।
1613 - जहाँगीर ने ईस्ट इंडिया कम्पनी को सूरत में कारख़ाना लगाने की अनुमति दी।
1681 - ब्रैडेनबर्ग और फ़्राँस के बीच रक्षा गठबंधन हुआ।
1753 - स्पेन नरेश जोकिन मुरात ने नेपोलियन बोनापार्ट का साथ छोड़ दिया।
1759 – अमेरिका के फिलाडेल्फिया में पहली जीवन बीमा कंपनी की शुरूआत हुई।
1779 – चिंग थांग खोंबा मणिपुर के राजा बने।
1866 - आस्ट्रेलिया जाते समय लंदन नामक जहाज़ में हुई दुर्घटना में 231 व्यक्ति डूब गये।
1866 – इंग्लैंड में तूफान की चपेट में आकर ‘स्टीमर लंदन’ के डूबने से 220 लोगों की मौत हुई।
१९०८- ग्रैंड कैनियन नेशनल मोन्युमेंट की स्थापना हुई।
1922 – डायबटीज के मरीजों को पहली इंसुलिन दी गई।
1923- प्रथम विश्व युद्ध की क्षपि-पूर्ति देने के लिए बाध्य करने के उद्देश्य से ब्रिटेन के विरोध के बावजूद फ्रांस और बेल्जियम के सैनिकों ने जर्मनी के रूर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया।
1942 - द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान ने कुआलालंपुर पर अधिकार किया।
1943 - ब्रिटेन और अमेरिका ने चीनी क्षेत्र में अपना दावा वापस ले लिया।
1945 - यूनानी गृहयुद्ध में संघर्ष विराम हुआ।
1946– रियो डी जनेरियो में बारिश के बाद हुए भूस्खलन में 550 लोग मारे गए।
1955 - भारत के अख़बारी काग़ज़ का उत्पादन प्रारम्भ हुआ।
1962 - हिमस्खलन से पेरुवियन एंडेस गाँव में तीन हज़ार मौतें हुई।
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1962: पेरू के बर्फ़ानी तूफ़ान में सैकड़ों मृत

बर्फ़ानी तूफ़ान में हुई मौतों की तादाद दो से चार हज़ार के बीच बताई गईं लेकिन सही संख्या कभी सामने नहीं आई.
पेरू के उत्तरी-पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र में पत्थरों और बर्फ़ की बड़ी-बड़ी चट्टानों के सरकने से कई गांव और शहर बर्फ़ और चट्टानों की तह के नीचे दब गए जिसमें कम से कम दो हज़ार लोगों की मौत हो गई थी.

पेरू की सबसे ऊंची पहाड़ी श्रंखला एंडेस से दस जनवरी की रात लाखों टन बर्फ़, चट्टानें, कीचड़ और मलबा तेज़ी से नीचे की तरफ़ गए और घाटी में बसी आबादी को पूरी तरह से ढक दिया.

रनरहिरका ग्राम और आठ दूसरे शहर पूरी तरह से बर्बाद हो गए.

रनरहिरका के मेयर अलफॉंसो काबालेरो ने कहा, "सिर्फ़ आठ मिनट में रनरहिरका दुनिया के नक्शे से पूरी तरह विलुप्त हो गया."

भयंकर तूफ़ान के कारण राहतकार्यों में भी भारी बाधा हुई लेकिन वैसे भी बर्बादी से कुछ ही लोग बच पाए थे.

पेरू की वायु सेना ने अपने दो जहाज़ों को राहत सामग्री और कुछ लोगों को लेकर भेजा जिन्हें क्षेत्र में जाने वाले मार्गों को खोलने का काम दिया गया था.

पेरू में रेड क्रास के प्रमुख के अनुमान के अनुसार दुर्घटना में दो से ढाई हज़ार लोगों की मौत हुई थी. हालांकि स्थानीय प्रशासन के मुताबिक़ मरने वालों की तादाद तीन से चार हज़ार लोगों के बीच थी.

कुछ जगहों पर ये संख्या चार हज़ार के आसपास बताई गई लेकिन सही संख्या कभी सामने नहीं आ पाई.

आठ सालों के बाद इसी क्षेत्र में आए इससे भी ख़तरनाक बर्फ़ानी तूफ़ान ने 1962 की घटना को मामूली सा बना दिया.

साल 1970 में आए तूफ़ान में बीस हज़ार लोग मारे गए थे.
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1970 - अलग हुआ बियाफ्रा राज्य नाईजीरियाई सरकार के हमले को नहीं झेल पाया और आत्म समर्पण कर दिया।
1972 – पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्र देश बना।
1972– बंगलादेश में अबू सईद चौधरी पहले राष्ट्रपति व शेख मुजीब उर रहमान पहले प्रधानमंत्री बने।
1973 - बांग्लादेश को पूर्वी जर्मनी ने मान्यता प्रदान की।
1988 – तत्कालील सोवियत संघ ने सोल ओलंपिक खेलों में भाग लेने की घोषणा की।
1993 - सुरक्षा परिषद ने खाड़ी युद्धविराम का उल्लघंन करने के लिए चेतावनी दी।
1995 -कार्टहेना, कोलम्बिया में विमान दुर्घटना में 52 व्यक्ति मारे गये।
सोमालिया में दो वर्ष से चल रहे संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक अभियान समाप्त।
1998 - लुईस फ़्रेचेट (कनाडा) सं.रा. संघ की उपमहासचिव नियुक्त।
1998 – अल्जीरिया की सरकार ने दो गांवो पर हुए हमलों के लिए, जिसमें 100 लोगों की हत्या कर दी गई थी, इस्लामी चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया था।
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1998: अल्जीरिया में क़त्ले आम~~~

अल्जीरिया की सरकार ने हमलों के लिए इस्लामी चरमपंथियों को ज़िम्मेदार बताया था.
अल्जीरिया की सरकार ने दो गांवो पर हुए हमलों के लिए, जिसमें 100 लोगों की हत्या कर दी गई थी, इस्लामी चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया था.

मुस्लिमों के पवित्र महीने रमज़ान के शुरू होने के बाद उत्तरी-पश्चिमी अल्जीरिया में ऐसे हमलों की शुरूआत हुई थी और ये भी उसी कड़ा का एक हिस्सा थी.

ऐसा समझा गया था कि हमला शाम की नमाज़ के बाद हुआ.

राजधानी अल्जियर्स के दक्षिण में स्थित एक शहर में एक सिनेमा घर और पास के मस्जिद में देसी बम फेंके गए.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि जो लोग बम हमले में बच गए थे और भागने की कोशिश कर रहे थे उन पर गोलियां चलाई गईं और छुरों, भालों और कुल्हाड़ियों से हमले किए गए.
दिसंबर 1997 से क्षेत्र के गांवो और पहाड़ी बसाहटों में 800 से अधिक लोग मारे जा चुके थे।
                    एक हमले में 400 लोगों को एक साथ ही क़त्ल कर दिया गया था. दहशत की वजह से हज़ारों लोग इलाक़ा छोड़कर भाग गए थे.
लोगों का कहना था कि पूरे-पूरे परिवारों को पकड़कर ले जाया गया था और या तो गला रेतकर उनकी हत्या कर दी गई या उन्हें जला दिया गया.
इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि हथियारबंद इस्लामी संगठन जीआईए सुरक्षाबलों के दबाव के कारण शहरी क्षेत्र छोड़कर ग्रामीण इलाकों में चला गया था.
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1999 - शहरी भूमि सीमा क़ानून निरस्त।
2001 -: भारत और इंडोनेशिया के मध्य पहली बार रक्षा समझौता।
2002 -: पेट्रोल व डीजल के दामों में कमी। ट्राई ने बी.एस.एन.एल. को एस.टी.डी. दरों में कमी की मंजूरी प्रदान की।
2004 - ;अहमदाबाद में हुए बलात्कार कांड का आरोपी दिल्ली के नर्सिंग होम से गिरफ़्तार।
2005 -:यूक्रेन में दोबारा हुए राष्ट्रपति चुनाव में पश्चिम समर्थक विपक्षी उम्मीदवार विक्टर युश्चेंको विजेता घोषित।
रिलायंस ने बी.एस.एन.एल. को 84 करोड़ रुपये चुकाए।
2006 -:ओलकलाहोमा राज्य के जंगलों में लगी आग को अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने संघीय आपदा की घोषणा की।
2008 -:कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने दूसरे राज्य पुनर्गठन आयोग के गठन की रूपरेखा तैयार की।
संघर्ष विराम बहाल करने की लिट्टे की अपील को श्रीलंकाई सरकार ने ठुकराया।
2009 -:आईटी कम्पनी सत्यम को बचाने के लिए सरकार ने तीन नामित सदस्यों की नियुक्ति की। अचंता शरत कमल ने 70वीं सीनियर राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में पुरुष एकल वर्ग का ख़िताब जीता।
2009 – 66वें गोल्डन ग्लोब अवार्ड में स्लमडॉग मिलियनेयर को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवार्ड मिला।
2010-:अमेरिका के ताइवान को मिसाइल रोधी प्रणाली बेचने पर सहमति देने के एक हफ्ते बाद चीन ने जमीन आधारित मध्यम दूरी की मिसाइल रोधी प्रणाली का सफल परीक्षण किया।
2010 -::भारत ने उड़ीसा के बालासोर में हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल अस्त्र के दो सफल परीक्षण किए। इस मिसाइल को भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है।
2010-:भारत ने बांग्लादेश के साथ पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किया जिसमें उसे विकास संबंधी परियोजनाओं के लिए एक अरब डॉलर ऋण देने का वादा शामिल है। इनमें आतंकवाद निरोधी सहयोग को बढ़ाने के लिए तीन सुरक्षा समझौते शामिल हैं।
2010-:दिल्ली उच्च न्यायालय की तीन जजों की पीठ ने फ़ैसला सुनाया है कि भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के दफ़्तर के लिए भी सूचना का अधिकार (आरटीआई) क़ानून के तहत सूचना देना अनिवार्य है।
2013- सोमालिया के बुलो मारेर में एक फ्रांसिसी बंधक को छुड़ाने के प्रयास में फ्रांस के एक सैनिक की मौत।
इस दौरान 17 आतंकवादी भी मारे गये।
2017- नार्वे एफएम रेडियो बंद करने वाला विश्व का पहला देश बना. नार्वे 11 जनवरी 2017 से अपना एफएम रेडियो नेटवर्क बंद कर रहा है. अपने डिजिटल रेडियो को सपोर्ट करने के लिए उसने ऐसा किया.
नॉर्वे एफएम की बजाय डिजिटल ऑडियो ब्रॉडकास्टिंग (डैब) तकनीक को अपनाने जा रहा है. नार्वे के अनुसार डिजिटल रेडियो की साउंड क्वालिटी एफएम से ज्यादा अच्छी है और इसकी लागत भी 8 गुना कम है.
स्विट्जरलैंड ने एफएम रेडियो को खत्म करने के लिए वर्ष 2020 की समयसीमा तय की है. भारत में एफएम रेडियो की शुरूआत चेन्नई में वर्ष 1977 में हुई थी. यहां सरकार एफएम कंपनियों से एक ही बार प्रवेश शुल्क लेती है.

डिजिटल ऑडियो ब्रॉडकास्टिंग (डैब) तकनीक के बारे में:~~~
डिजिटल ऑडियो ब्रॉडकास्टिंग एक ऐसी तकनीक हैं जिसमें एनालॉग ऑडियो सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में बदला जाता है. इसे ऑडियो की अब तक की बहुत ही अच्छा तकनीक माना जाता है.
इस तकनीक को अपनाने से 2.35 करोड़ डॉलर की सलाना बचत होगी. नार्वे में 20 फीसदी निजी कारें ऐसी है जिनमें पहले से ही डैब रेडियो सिस्टम मौजूद है.
एफएम को डैब रेडियो सिस्टम में बदलने में 174.70 डॉलर की लागत आती है.
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11 जनवरी को जन्मे व्यक्ति===---
1320 - जापान के सम्राट कोमयो (निधन 1380)।
1860 - श्रीधर पाठक - भारत के प्रसिद्ध कवियों में से एक।
1842 - विलियम जेम्स - प्रसिद्ध अमरीकी दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक का न्यूयाॅर्क।
1842 – मशहूर अमरीकी विचारक व दार्शनिक विलियम जेम्ज़ का न्यूयॉर्क में जन्म हुआ।
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1842 ईसवी को मशहूर अमरीकी विचारक व दार्शनिक विलियम जेम्ज़ का न्यूयॉर्क में जन्म हुआ। उन्होंने आरंभिक व माध्यमिक शिक्षा फ़्रांस में हासिल की थी। उसके बाद उन्होंने मनोविज्ञान और फिर दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया। उन्होंने बड़े अध्ययन के बाद प्रैग्मटिज़्म या व्यवहारवाद का विचार पेश किया। विलियम जेम्ज़ का मानना था कि इंसान की मुक्ति उसके संकल्प पर निर्भर है। उनका मानना था कि दुनिया हर तरह से अच्छी नहीं है लेकिन अगर हम चाहें तो उसे अच्छा बना सकते हैं। दुनिया में एक व्यवस्था नहीं है बल्कि अनेक व्यवस्थाएं हैं। एक दूसरे की विरोधी प्रक्रियाएं हैं जिनमें कुछ अच्छी तो कुछ बुरी हैं। हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम बुराई को दूर करें और अच्छाई को स्थापित करें। उनका यह भी मानना था कि भलाई के लिए लड़ने का अगर परिणाम न भी निकले तब भी इस क़दम से ख़ुशी हासिल होती है। यह बात भी याद रखना चाहिए कि इस प्रकार की जंग में ईश्वर हमारा मददगार है। उन्होंने अनेक मुल्यवान किताबें लिखीं जिसमें प्रैग्मटिज़्म ए न्यू नेम फ़ॉर ओल्ड वेज़ ऑफ़ थिन्किंग बहुत मशहूर है। विलियम जेम्ज़ का 26 अगस्त 1910 में 68 साल की उम्र में देहान्त हुआ।
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1954 – बाल मजदूरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले नोबल विजेता कैलाश सत्यार्थी का जन्म हुआ।
1944 - शिबु सोरेन, भारतीय राजनीतिज्ञ
1973 - राहुल द्रविड़, भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी।
•°○○○●○●○●▪○●राहुल द्रविड
राहुल द्रविड

व्यक्तिगत परिचय
पूरा नाम राहुल शरद द्रविड।
अन्य नाम जैमी, द वॉल, मि. भरोसेमंद।
जन्म तिथि = 11 जनवरी 1973।
जन्म भूमि--- इंदौर, मध्य प्रदेश।
ऊँचाई-- 5 फुट 11 इंच।
अभिभावक ---शरद द्रविड और पुष्पा द्रविड।
पत्नी--- विजेता पेंधारकर
संतान दो पुत्र
खेल परिचय========
बल्लेबाज़ी शैली--- दाएँ हाथ।
टीम भारत, एशिया एकादश, आईसीसी विश्व एकादश, कर्नाटक, राजस्थान रॉयल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
भूमिका===-
उच्चक्रम बल्लेबाज़ और विकेटकीपर।
पहला टेस्ट ---जून, 1996 इंग्लैंड के विरुद्ध।
आख़िरी टेस्ट--- 24 जनवरी, 2012 ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध।
पहला वनडे---3 अप्रॅल, 1996 श्रीलंका के विरुद्ध।
आख़िरी वनडे----16 सितम्बर, 2011 इंग्लैंड के विरुद्ध।
कैरियर आँकड़े=====
प्रारूप टेस्ट क्रिकेट :एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय प्रथम श्रेणी
मुक़ाबले 164 344 298
बनाये गये रन 13288 10889 23794
बल्लेबाज़ी औसत 52.31 39.16 55.33
100/50 36/63 12/83 68/117
सर्वोच्च स्कोर 270 153 270
फेंकी गई गेंदें 120 186 617
विकेट 1 4 5
गेंदबाज़ी औसत 39.00 42.50 54.60
पारी में 5 विकेट - - -
मुक़ाबले में 10 विकेट - - -
सर्वोच्च गेंदबाज़ी 1/18 2/43 2/16
कैच/स्टम्पिंग 210 196/14 353/1
अन्य जानकारी राहुल द्रविड ने सिर्फ़ एक ही अंतर्राष्ट्रीय टी-ट्वेंटी मैच इंग्लैंड के विरुद्ध खेला जिसमें 31 रन बनाए थे।
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 कर्नाटक के भारतीय पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को टीम के मिस्टर रिलायबल और दीवार के विशेषण से भी नवाजा जाता था। 11 जनवरी 1973 को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में जन्मे राहुल शरद द्रविड़ ने जून 1996 में टेस्ट करियर का आगाज किया था। द वॉल आज 43वां जन्मदिन बना रहे है। अगर भारत के अभी तक के टेस्ट इतिहास की बात करें तो निश्चित तौर पर राहुल द्रविड़ का नाम हमेशा महान बल्लेबाजों में शुमार किया जाएगा। भारत ही नहीं द्रविड़ ने अपने करियर में जिस तरह की बल्लेबाजी की, उन्हें विश्व के दिग्गज बल्लेबाजों में हमेशा शामिल किया जाता है। अगर रिकॉर्ड की बात करें तो वैसे तो द्रविड़ ने अपने 16 साल के करियर में कई रिकॉर्ड अपने नाम किये। गेंजबाजों के पसीने आ जाते थे द्रविड़ के आगे: राहुल द्रविड़ जब विकेट पर होते थे तो टीम को उनके उपर भरोसा रहता था। द्रविड़ की डिफेंस इतनी मजबूत थी कि उनके विकेट को हासिल करना दुनिया के तमाम मशहूर गेंदबाजों की चाहत हुआ करती थी। प्रथम क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए द्रविड़ ने टेस्ट और वनडे, दोनों में ऐसी पारियां खेलीं, जो उनके करियर के लिहाज से मील का पत्थर रहीं। इसमें पाकिस्तान के खिलाफ रावलपिंडी में खेली गई 270 रन की पारी (वर्ष 2004 )और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडीलेड में खेली गई 233 रन की बेहतरीन पारी (वर्ष 2003) शामिल रही। इन दोनों टेस्ट मैचों में टीम इंडिया को जीत दिलाने में द्रविड़ के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। लंबी पारी खेलना आदत थी: कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में खेली गई राहुल द्रविड़ की 180 रन की बेहतरीन पारी का जिक्र भी जरूरी है। बेशक इस टेस्ट को वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण की 281 रन की पारी के लिए याद किया जाता है, लेकिन इसमें राहुल की भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। मैच की दूसरी पारी में राहुल और लक्ष्मण के बीच पांचवें विकेट के लिए हुई 376 रन की साझेदारी ने ही भारत को करिश्माई जीत दिलाई थी। इस मैच में फॉलोआन खेलने के बावजूद भारत ने शानदार जीत दर्ज की थी। दरअसल लंबी पारियां खेलना बचपन से ही राहुल द्रविड़ की आदत थी। वे अपने विकेट के लिए गेंदबाजों से इतनी मशक्कत कराते थे कि कई बार वह झुंझलाकर रह जाते थे। टेस्ट करियर में राहुल ने पांच दोहरे शतक जमाए और पाकिस्तान के खिलाफ 270 उनका टॉप स्कोर रहा। पहला दोहरा शतक जिम्बाब्वे, दिल्ली (200 नाबाद): उस समय भारतीय टीम बदलाव के दौर में थी और सौरव गांगुली के रूप में भारत को नया कप्तान मिला था। नवम्बर-दिसम्बर 2000 में जिम्बाब्वे की टीम भारत के दौरे पर आई थी, जहाँ उन्होंने दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली। इस सीरीज का पहला मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में खेला गया, जहाँ राहुल द्रविड़ ने अपने करियर का पहला दोहरा शतक लगाया था। द्रविड़ ने इस मैच की पहली पारी में नाबाद 200 और दूसरी पारी में 70 रन बनाये और भारत ने ये मैच 7 विकेट से जीता था। हालांकि इतनी बेहतरीन बल्लेबाजी के बावजूद इस मैच में राहुल द्रविड़ को मैन ऑफ द मैच नहीं चुना गया। मैच में 9 विकेट लेने वाले जवागल श्रीनाथ को ये पुरस्कार मिला था। दूसरा दोहरा शतक इंग्लैंड, ओवल (217): राहुल द्रविड़ ने अपना दूसरा दोहरा शतक इंग्लैंड के विरुद्ध 2002 के ओवल टेस्ट में लगाया था। इंग्लैंड की पहली पारी के 515 के जवाब में भारतीय टीम ने 508 रन बनाये थे, जिसमें द्रविड़ का योगदान 217 रनों का था। ये मैच ड्रॉ रहा था और भारत ने इस तरह इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज को भी 1-1 से बराबर करवाया था। इस टेस्ट में दोहरा शतक बनाने के लिए न सिर्फ द्रविड़ को मैन ऑफ द मैच चुना गया, बल्कि सीरीज में 602 रन बनाने के लिए मैन ऑफ द सीरीज के पुरस्कार से भी नवाजा गया था। तीसरा दोहरा शतक न्यूजीलैंड, अहमदाबाद (222): 2003 में न्यूजीलैंड की टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत के दौरे पर आई थी। इस सीरीज का पहला मैच अहमदाबाद में खेला गया और भारत को मैच में शिकंजा कसने के बावजूद जीत नसीब नहीं हुई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दिन ये मैच ड्रॉ करवा लिया था। भारत ने पहली पारी में 500/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और पारी घोषित की। इसमें सबसे बड़ा योगदान राहुल द्रविड़ का था, जिन्होंने 222 रनों की लाजवाब पारी खेली थी। उस मैच में भारत के कप्तान सौरव गांगुली ने भी शतक जड़ा था। द्रविड़ ने मैच की दूसरी पारी में भी 73 रन बनाये और टेस्ट में 295 रन बनाने के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। चौथा दोहरा शतक ऑस्ट्रेलिया, एडिलेड (233): राहुल द्रविड़ के करियर का यह सबसे बेहतरीन टेस्ट प्रदर्शन था। भारतीय टीम चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थी। पहला टेस्ट भारत ने सौरव गांगुली के शानदार शतक की बदौलत ड्रॉ करवा लिया था और दूसरा टेस्ट खेलने दोनों टीमें एडिलेड पहुंची। ऑस्ट्रेलिया ने इस टेस्ट में पहले बल्लेबाजी करते हुए 556 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था और जवाब में जब भारत का स्कोर 85/4 हो गया तो हार की चर्चाएं शुरू हो गई थी। लेकिन यहाँ से भारतीय उप-कप्तान राहुल द्रविड़ ने एक ऐसी पारी खेली कि ऑस्ट्रेलिया वाले हक्के-बक्के रह गए। द्रविड़ ने वीवीएस लक्ष्मण के साथ 303 रनों की बेमिसाल साझेदारी निभाई और भारत ने पहली पारी में 523 रन बना डाले। इसमें द्रविड़ का योगदान 233 रनों का था और ये ऑस्ट्रेलिया में किसी भी विदेशी बल्लेबाज द्वारा खेली गई सर्वश्रेष्ठ पारियों में आज भी गिनी जाती है। दूसरी पारी में अजित अगरकर के 6 विकेटों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया सिर्फ 196 रनों पर सिमट गई और भारत को जीत के लिए 230 रनों का लक्ष्य मिला। द्रविड़ ने दूसरी पारी में भी शानदार बल्लेबाजी का सिलसिला जारी रखा और 72 रनों की नाबाद पारी खेल भारत को 4 विकेट से जीत दिलाकर सीरीज में 1-0 से आगे कर दिया। इस टेस्ट में 305 रन बनाने के लिए राहुल द्रविड़ को मैन ऑफ द मैच चुना गया। सीरीज के चार टेस्ट में द्रविड़ ने 619 रन बनाये थे और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज भी चुना गया था। पांचवां दोहरा शतक पाकिस्तान, रावलपिंडी (270): राहुल द्रविड़ ने अपना आखिरी दोहरा शतक 2004 में भारत के ऐतिहासिक पाकिस्तान दौरे पर लगाया था। भारतीय टीम पांच एकदिवसीय और तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने पाकिस्तान गई थी। एकदिवसीय सीरीज में 3-2 से जीत हासिल करने के बाद भारत ने मुल्तान में खेला गया पहला टेस्ट वीरेंदर सहवाग ने शानदार तिहरे शतक की बदौलत पारी और 52 रनों से जीता था। लेकिन दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान ने वापसी की और 9 विकेट से भारत को हराकर सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। तीसरा और आखिरी टेस्ट रावलपिंडी में खेला गया और पहली पारी में पाकिस्तान महम 224 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। जवाब में वीरेंदर सहवाग के पहली ही गेंद पर आउट होने से भारत को झटका लगा लेकिन पहले दो टेस्ट में भारत के कप्तान रहे राहुल द्रविड़ का इस मैच में इरादा कुछ और ही था। उन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी को इस ऐतिहासिक दौरे के आखिरी मैच के लिए बचाकर रखा था। सहवाग के आउट होने के बाद द्रविड़ ने एक क्षोर संभाला और अपना पांचवां दोहरा शतक लगाया। इस दोहरे शतक के साथ उन्होंने भारत की तरफ से सबसे ज्यादा दोहरे शतक बनाने के मामले में सुनील गावस्कर को पीछे छोड़ा। इस पारी में उन्होंने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में 250 का आंकड़ा पार किया और उनके पास तिहरा शतक बनाने का बहुत ही बेहतरीन मौका था। लेकिन दूसरे क्षोर पर अंत में विकेट गिरने के कारण द्रविड़ भी तेज बल्लेबाजी के दबाव में आ गए और 270 के स्कोर पर आउट हो गए। भारत ने उनकी इस पारी के बदौलत 600 रन बनाये और पाकिस्तान को टेस्ट में एक पारी और 131 रनों से मात देकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। राहुल द्रविड़ को अपने सर्वाधिक स्कोर के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। वनडे में तेज बैटिंग कर आलोचकों को चौंकाया: राहुल द्रविड़ को हालांकि वनडे के लिहाज से बैटिंग को आदर्श नहीं माना जाता था क्योंकि वे हवा में शॉट बेहद कम मौकों पर खेलते थे। लेकिन कई मौकों पर वे बेहद तेज गति से बैटिंग करके अपने आलोचकों को हैरान भी किया। नवंबर 1999 में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सचिन तेंदुलकर के साथ ऐसी ही पारी खेली थी। इस पारी में 153 गेंदों पर 15 चौकों और दो छक्कों की मदद से 153 रन ही बनाए थे। खास बात यह है कि सचिन (186रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए उन्होंने 331 रन की साझेदारी की थी। इन दोनों की बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने हैदराबाद में हुआ यह मैच 174 रन के विशाल अंतर से जीता था। टेस्ट और वनडे, दोनों ही तरह के क्रिकेट में 10 हजार से अधिक रन बनाने वाले द्रविड़ को क्रिकेट का मिस्टर जेंटलमैन कहा जाता था। यही कारण रहा कि बल्लेबाजी को मजबूती देने के लिए टीम के हित में वर्ल्डकप-2003 में वे विकेटकीपर बल्लेबाज की हैसियत से खेले। द्रविड़ के रिकॉर्ड उनकी महानता की कहानी खुद बयां करते हैं। एक नजर करियर पर: 164 टेस्ट में उन्होंने 52.31 के औसत से 13288 रन बनाए जिसमें 36 शतक शामिल रहे। इसी तरह 344 वनडे मैचों में द्रविड़ ने 39.16 के औसत से 10889 रन बनाए, जिसमें 12 शतकीय पारियां शामिल रहीं। यही नहीं, द्रविड़ को स्लिप का बेहतरीन क्षेत्ररक्षकों में भी शुमार किया जाता था। अपनी इसी कैचिंग की बदौलत उन्होंने टेस्ट में 210 कैच लपके। वर्ष 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी द्रविड़ कोच के तौर पर क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। पिछले साल जूनियर वर्ल्डकप के फाइनल तक पहुंची भारतीय टीम के ऋषभ पंत, ईशान किशन, सरफराज जैसे खिलाडियों की प्रतिभा को तराशने का काम द्रविड़ ने बखूबी किया है। ऋषभ पंत का चयन हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की टी20 टीम में किया गया है। भारत ए की टीम के भी द्रविड़ कोच रहे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि द्रविड़ सर अपनी कोचिंग से टीम इंडिया के लिए नई बल्लेबाजी प्रतिभाएं सामने लाने का काम आगे भी करते रहेंगे।
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राहुल द्रविड़ के करियर की टॉप पांच पारियां



आज भारतीय टीम के सबसे कामयाब बल्लेबाजों में से एक राहुल द्रविड़ का जन्मदिन हैं. राहुल द्रविड़ का जन्म 11, जनवरी 1973 को इंदौर में हुआ था. आज राहुल द्रविड़ 44 वर्ष के हो गये हैं.
भारतीय क्रिकेट जगत के इतिहास में एक समय ऐसा भी हुआ करता था, जब पूरी टीम राहुल द्रविड़ पर ही निर्भर हुआ करती थी. टेस्ट क्रिकेट हो या वनडे क्रिकेट दोनों ही प्रारूपों में टीम इंडिया के लिय राहुल द्रविड़ विकेट पर खूंटा गाड़ कर बल्लेबाज़ी किया करते थे.
राहुल द्रविड़ ने देश की कई यादगार और ऐतिहासिक जीतों में अहम भूमिका निभाई हैं. राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम के लिए अपनी शानदार कप्तानी से भी बहुत योगदान दिया हैं. देश हित के बारे में सोचते हुए तो, राहुल द्रविड़ विकेटकीपर भी बन गये थे.
आज राहुल द्रविड़ का जन्मदिन हैं. आइये डालते हैं, एक नज़र उनके करियर की पांच यादगार और बेहतरीन परियों पर. आगे आने वाली स्लाइड्स में देखें ‘द वॉल’ के नाम से मशहुर द्रविड़ की पांच बड़ी पारियां-
5- 217 बनाम इंग्लैंड, ओवल

इंग्लैंड के विरुद्ध ओवल के मैदान पर खेली गयी यह पारी राहुल द्रविड़ के करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक हैं. राहुल द्रविड़ ने इस मैच में लाजवाब 217 रनों का योगदान दिया था. इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी के 515 रन बनाये थे, जिसके जवाब में भारतीय टीम ने 508 रन बनाये थे.
राहुल द्रविड़ का टेस्ट करियर का यह दूसरा दोहरा शतक था. राहुल द्रविड़ की इसी पारी के बदौलत टीम इंडिया यह मैच ड्रा कराने में कामयाब रही थी. राहुल द्रविड़ ने अपनी इस साहसी पारी के दौरान 629 मिनट का समय पिच पर व्यतीत किया था, जिस दौरान द्रविड़ ने 468 गेंदों का सामना करते हुए लाजवाब 28 चौके मारे थे.
इस टेस्ट में दोहरा शतक बनाने के लिए न सिर्फ द्रविड़ को ”मैन ऑफ़ द मैच” चुना गया, बल्कि सीरीज में 602 रन बनाने के लिए ”मैन ऑफ़ द सीरीज” के पुरस्कार से भी नवाज़ा गया था.
4- 233 बनाम ऑस्ट्रेलिया, एडिलेड

राहुल द्रविड़ की यह पारी में वाकई में उनके करियर की सबसे लाजवाब पारियों में से एक हैं. ऑस्ट्रलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ द्रविड़ ने उन्हीं के घर पर शानदार233 रनों की पारी खेल डाली थी. राहुल द्रविड़ एन अपनी पारी के दौरान 446 गेंदों का सामना करते हुए, 23 चौके और 1 छक्का भी लगाया था.
ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अपनी पहली पारी के दौरान 556 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था और जिसके जवाब में एक समय भारत का स्कोर 85/4 हो गया, लेकिन विकेट पर डटकर खेलने के लिए प्रसिद्ध राहुल द्रविड़ ने तब लाजवाब 233 रन बना डाले थे. भारतीय उप-कप्तान राहुल द्रविड़ ने वीवीएस लक्षमण के साथ 303 रनों की बेमिसाल साझेदारी कर डाली और भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी के दौरान बढ़िया 523 रन बना डाले.
राहुल द्रविड़ की इस शानदार पारी को आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विदेशी बल्लेबाज़ द्वारा खेली गयी पारी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता हैं. आपको बता दे, कि भारतीय टीम ने यह मैच चार विकेट से जीतकर अपने नाम किया था और लक्ष्य का पीछा करते हुए भी द्रविड़ ने लाजवाब 72 रनों की नाबाद पारी खेली थी. राहुल द्रविड़ को ”मैन ऑफ़ दमैच” का ख़िताब भी मिला था.
3- 153 बनाम न्यूजीलैंड, हैदराबाद


भारत और न्यूजीलैंड के विरुद्ध हैदराबाद के मैदान पर खेला गया यह एकदिवसीय, आज भी लोगों के जहन में ताज़ा हैं. इस मैच में राहुल द्रविड़ ने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर वो कर डाला था, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में आज तक कोई नहीं कर पाया था.
राहुल द्रविड़ ने इस मैच में सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर लाजवाब 331 रनों की साझेदारी कर डाली थी. वनडे क्रिकेट में आज भी यह एक बड़ा रिकॉर्ड हैं. राहुल द्रविड़ ने इस पारी के दौरान शानदार 153 रन बनाये थे. द्रविड़ ने अपनी लाजवाब पारी के दौरान 15 चौके और 2 छक्कें मारे थे.
राहुल द्रविड़ के वनडे की यह सबसे बड़ी पारी थी. इस मैच में भारतीय टीम ने 174 रनों के बड़े अंतर से मेहमान टीम न्यूजीलैंड को पटखनी दी थी.
2- 270 बनाम पाकिस्तान, रावलपिंडी

पाकिस्तान के खिलाफ खेली यह पारी उनके करियर की सबसे शानदार पारियों में से एक रही. राहुल द्रविड़ ने पाकिस्तान के खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना करते हुए अपना अंतर्राष्ट्रीय करियर की सबसे बड़ी पारी खेल डाली. राहुल द्रविड़ ने इस मैच में रावलपिंडी के मैदान पर अद्भुत270 रनों की पारी खेल डाली थी.
राहुल द्रविड़ ने इस पारी के दौरान 740 मिनट मैदान पर बिताते हुए, 495 गेंदे खेली थी और अपनी सबसे बड़ी पारी के दौरान 34 चौके और एक लाजवाब छक्का भी लगाया था.
भारतीय टीम ने यह टेस्ट मैच राहुल द्रविड़ की साहसी पारी के कारण पारी और 131 रनों से जीतने में कामयाब रही थी. राहुल द्रविड़ के टेस्ट करियर का यह आखिरी दोहरा शतक रहा.
1- 180 बनाम ऑस्ट्रेलिया, ईडन गार्डन्स

मेरी नज़र में यह पारी राहुल द्रविड़ के अंतर्राष्ट्रीय करियर की सबसे यादगार और बड़ी पारी रही. आपकों बता दे, कि यह वही पारी उस मैच के दौरान देखने को मिली थी, जिसके बाद भारतीय टीम का दबदबा टेस्ट क्रिकेट में बहुत बढ़ गया था.
राहुल द्रविड़ ने इस मैच में छटे क्रम पर खेलते हुए लाजवाब180 रनों की पारी को अंजाम दिया था. अपनी इस शानदार पारी के दौरान राहुल द्रविड़ ने 353 गेंदे खेलते हुए, लाजवाब20 चौके मारे थे. यह पारी खास और महत्वपूर्ण इसलिए थी, क्योंकि राहुल द्रविड़ ने पारी फॉलो ऑन खेलते हुए खेली थी और वीवीएस लक्षमण के साथ मिलकर रिकॉर्ड 376 रनों की साझेदारी कर डाली थी.
ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहली पारी में 445 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था और भारतीय टीम पहली पारी में मात्र 171 रनों पर सिमट गयी थी, लेकिन दूसरी पारी में टीम ने लाजवाब 657 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया था और यह मैच 171 रनों से जीतकर अपने नाम किया था.~•○●~~○●~○○●●~○\•
आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर हम आपको एक खास रिकॉर्ड के बारे में बता रहे हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सभी इंटरनेशनल्स फॉर्मेट में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड राहुल द्रविड़ के नाम है. उन्होंने साल 1999 में अपने बल्ले से 2626 रन बनाए थे. इस साल वो क्रिकेट विश्वकप 1999 में भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बने थे. राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय बल्लेबाज़ों में एक साल दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड साल 2016 में विराट कोहली के नाम दर्ज हुआ है उन्होंने पिछले साल 2595 रन बनाए लेकिन वो राहुल द्रविड़ के इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए.

साल 1999 में राहुल द्रविड़ ने महज़ 2 फॉर्मेट यानि वनडे और टेस्ट में मिलाकर ये रन(2626) बनाए जबकि विराट कोहली ने साल 2016 में वनडे, टी20 और टेस्ट तीन फॉर्मेट में मिलाकर ये रन(2595) बनाए.

इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर सौरव गांगुली हैं जिन्होंने साल 1999 में ही 2580 रन बनाए थे. उनके अलावा सचिन तेंदुलकर के एक साल में सबसे ज्यादा रन 2541 हैं. जो कि उन्होंने 1998 में बनाए थे.

इस लिहाज़ से एक साल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन राहुल द्रविड़ के बल्ले से निकले हैं जो कि 1999 में बनने के बाद से अब 2017 तक यानि 18 सालों तक एक रिकॉर्ड के रूप में शुमार है.

राहुल द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में 13288 रनों के साथ चौथे पायदान पर हैं. जबकि वनडे में उन्होंने 10889 रन बनाकर टॉप-10 बल्लेबाज़ों में अपनी जगह बनाई है. द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में कुल 36 और वनडे में 12 शतक लगाए हैं.°•○°•○~°•~~°•~○•••○○••••○
1946-:अंजू महेन्द्रू‎ - भारतीय अभिनेत्री
1993 - हुकम सिंह।
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11 जनवरी को हुए निधन====---
1889 – फ्रांस के रसायनशास्त्री मिशल यूजीन शेवरल का निधन हुआ। उन्होंने एक प्रकार की मोमबत्ती का अविष्कार किया जिसे चूने की मोमबत्ती कहा जाता है।
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 1889 ईसवी को फ्रांस के रसायनशास्त्री मिशल यूजीन शेवरल का निधन हुआ। वे 1786 ईसवी में जन्मे थे। उन्होंने दूध और विभिन्न वनस्पतियों के तैलीय पदार्थ के संबंध में महत्वपूर्ण शोधकार्य किया। उन्होंने एक प्रकार की मोमबत्ती का अविष्कार किया जिसे चूने की मोमबत्ती कहा जाता है।
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1966 - लाल बहादुर शास्त्री, स्वतंत्र भारत के तीसरे प्रधानमंत्री। जय जवान जय किसान का नारे देने वाले तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का ताशकंद में निधन हुआ था।
~~••○•○○○○○○*लाल बहादुर शास्त्री के बारे में महत्वपूर्ण जानकारीलाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे वह अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे थ्ो आइये जानते हैं -लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय*

● लाल बहादुर शास्त्री जन्म 2 अक्टूबर सन 1904 मुगलसराय में हुआ था

● इनके पिता का नाम शारदा प्रसाद श्रीवास्तव (Sharada Prasad Srivastava) तथा माता का नाम रामदुलारी (Ram Dulari) था

● लाल बहादुर अपने परिवार में सबसे छोटेे थे इसलिए सभी इन्हें प्यार नन्हें कहकर पुकारते थे

● इनके पिता इनके बचपन में ही स्वर्गवासी हो गयेथे तो इनकी माता इन्हें लेकर इनके नाना के यहाॅॅलेकर चली गयीं

● शास्त्री जी का विवाह 1928 में मिर्जापुर निवासी गणेशप्रसाद की पुत्री ललिता से हुआ

● शास्त्री जी गांधीवादी थेे उन्होंने अपना सारा जीवन गरीबों की सेवा में लगाया था

● शास्त्री जी गांधी जी के साथ असहयोग अंदोलन कार्यरत रहे और कुछ समय केे लिए जेेल भी गयेे

● लाल बहादुर शास्त्री जी 1929 में इलाहाबाद आ गयेे और यहाॅॅ आकर उनकी मुलाकत नेेहरू जी से हुईइसके बाद वे नेहरू जी के मंत्रिमंडल में गृहमंत्री के तौर पर शामिल हुऐ इस पद पर वे 1951तक बने रहे

● इसके बाद शास्त्री जी 1952 में संसद के निर्वाचित हुए और केंद्रीय रेलवे व परिवहन मंत्री बने

● शास्त्री जी ने रेलवे में थर्ड क्लास की शुरूआत की थी उन्होंनं फर्स्ट क्लास और थर्ड क्लास के किराया मे काफी अंतर कर दिया था इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत मिली थी

● लाल बहादुर शास्त्री जी ने ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग आरंभ किया था

● लाल बहादुर शास्त्री जी को नेहरू जी की मृत्युके बाद 1964 को भारत का दूसरा प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था

● “जय जवान-जय किसान” का नारा शास्त्री जी ने दिया था


● ताशकंद समझौते के बाद दिल का दौरा पड़ने से 11जनवरी, 1966 को ताशकंद में शास्त्री जी का  निधन हो गया

● शास्त्री जी को वर्ष 1966 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।~~~•••••••○○○○○○•••
1990 -राम चतुर मल्लिक, ध्रुपद-धमार शैली के गायक।
2008 - सर एडमंड हिलेरी, शेरपा तेनज़िंग के साथ माउन्ट एवरेस्ट के प्रथम आरोहनकर्ता और समाजसेवी।


11 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव====-----
अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय)।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह।

06 जनवरी का इतिहास यहाँ देखें ।

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