इतिहास के पन्नों में दर्ज 17 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ ।इतिहास के

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*इतिहास के पन्नों में दर्ज  17 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ।*
12 जनवरी का इतिहास यहाँ पढ़ें ।
1584 - मध्य यूरोपीय देश बोहेमिया ने ग्रेगोरियन कैलेंडर अपनाया।
1595 - फ्रांस के राजा हेनरी चतुर्थ ने स्पेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1601 - मुगल बादशाह अकबर ने असीरगढ़ के अभेद किले में प्रवेश किया।
1601 - फ्रांस ने स्पेन के साथ समझौता किया जिसके तहत फ्रांस को ब्रीस, बगेस वोल्रोमेय तथा गेक्स इलाका प्राप्त हुआ।
1757 - जर्मनी ने प्रूशिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1806 – तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन के पोते जेम्स मैडिसन रैंडोल्फ व्हाइट हाउस में पैदा होने वाले पहले बच्चे बने।
1841 – ब्रिटेन के पर्वतारोही जार्ज एवरेस्ट ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी का पता लगाया। इस चोटी का नाम भी इसके बाद एवरेस्ट रख दिया गया।
1852 – ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीका के ट्रांसवाल की स्वतंत्रता को मान्यता दी।
1863 - अमेरिकी राज्य वर्जीनिया में गृह युद्ध।
1895 - फ्रांसीसी राष्ट्रपति कैसिमिर पेरियर ने इस्तीफा दिया।
1913 - रेमंड प्वाइनकेयर फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गये।
1915 – रूस ने बुकोविना और पश्चिमी यूक्रेन पर कब्जा किया।
1917 – अमेरिका ने 2.5 करोड़ डॉलर में वर्जिन आईलैंड्स को डेनमार्क से खरीदा।
1923- जुआन डे ला सिएवा ने बिना रोटरी पावर वाले रोटरी विंड एयरक्राफ्ट का आविष्कार किया।
1928 – पहली बार पूरी तरह से स्वचालित फोटो फिल्म बनाने की मशीन का पेटेंट कराया गया।
1941 - सुभाषचन्द्र बोस ब्रिटिश पहरे से चुपचाप ढंग से निकलकर जर्मनी के लिए रवाना हुए।
1945 - द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के दिनों में सोवियत सेना का पोलैण्ड की राजधानी वारसा में आगमन।
1946 - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक हुई।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद दुनिया की सबसे ताकतवर संस्था है. वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर फैसले करती है. उसकी पहली बैठक आज ही के दिन 1946 में हुई थी.


सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है. विश्व में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा परिषद के पास अहम कदम उठाने और दण्ड देने का अधिकार भी है. सुरक्षा परिषद शांति और सुरक्षा से जुड़े मसलों पर विचार करता है, प्रस्ताव पास करता है और गलती कर रहे देशों को दंड भी देता है. ताजा उदाहरण विवादास्पद परणामु कार्यक्रम के लिए ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाना है.

संयुक्त राष्ट्र संघ की ही तरह उसके सर्वोच्च अंग सुरक्षा परिषद का गठन भी द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में शांति व्यवस्था पर नियंत्रण के मकसद से हुआ था. हालांकि शुरुआती सालों में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध के कारण इसकी भूमिका नगण्य ही रही लेकिन सोवियत संघ के विघटन के बाद इसकी ताकत नाटकीय ढंग से बढ़ती दिखाई दी. कुवैत, नामिबिया, कंबोडिया, बोस्निया, रवांडा, सोमालिया, सूडान और कांगो गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र को शांति कार्यक्रमों में अलग अलग स्तर की सफलता मिली.

सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं. इनमें पांच स्थाई सदस्य (संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस और चीन) हैं और दस अस्थायी सदस्य. इस समय सुरक्षा परिषद के दुनिया भर में 15 अलग अलग शांति कार्यक्रमों पर करीब सवा लाख शांतिरक्षक सैनिक तैनात हैं.

शीत युद्ध की समाप्ति के बाद संयुक्त राष्ट्र में सुधार करने और विकासशील देशों के बढ़ते प्रभाव को फैसला लेने की प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की जा रही है. सुरक्षा परिषद का विस्तार कर उसमें प्रमुख विकासशील देशों को शामिल करने की मांग भी है. भारत के अलावा जर्मनी, जापान और ब्राजील ने भी सुरक्षा परिषद की स्थाई सीटों पर दावा जताया है.
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1948 - नीदरलैंड तथा इंडोनेशिया संघर्ष विराम पर सहमत हुए।
1961 - जनवादी कोंगो के प्रधानमंत्री पेट्रिस लुमुम्बा की देश के नये सैन्य शासकों ने हत्या कर दी।
1976 - यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने हरमस रॉकेट लांच किया ।
1979 - सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।
1980 - नासा ने फ्लाट्सट्कोम-3 लांच किया।
1985 - भारतीय क्रिकेटर अजहरुद्दीन ने इंगलैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट शतक लगाया।
1987 - टाटा फुटबॉल अकादमी खुला।
1989 - कर्नल जेके बजाज उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।
1991: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस की सेना के इराक पर हमला करते ही खाड़ी युद्ध शुरू हो गया था.
1995 - जापान के कोबे शहर में 7.2 तीव्रता के भूकंप में 5,372 लोगों की मौत।
2002 - अमेरिकी विदेश मंत्री कॉलिन पावेल भारत पहुँचे, आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख़ का समर्थन किया।
2007 - आस्ट्रेलिया के क्रिकेटर माइकल बेवन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्न्यास लिया।
2008-केन्द्र सरकार ने विकलांगों को नौकरियां देने के लिए 1800 करोड़ रुपये की एक योजना को मंज़ूरी प्रदान की।
मेडागास्कर में हिन्द महासागर के ताड़ के पेड़ की नई प्रजाति मिली।
2009- भारतीय ओलम्पिक संघ के महासचिव रणधीरसिंह ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया।
2010- भारत के उच्चतम न्यायालय ने ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से हमला किए जाने की स्थिति में आत्मरक्षा के अधिकार की प्रो-ऐक्टिव परिभाषा देते हुए कहा है कि क़ानून का पालन करने वाले लोगों को कायर बनकर रहने की ज़रूरत नहीं है। उसकी दो सदस्यीय खंडपीठ ने आत्मरक्षा के अधिकार की 10 सूत्रीय निर्देश तय करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं बनाया जा सकेगा, भले ही उसने हमलावर को जानलेवा क्षति पहुँचायी हो।
2013 - इराक में सिलसिलेवार बम धमाकों में 33 लोगों की मौत।

                   2017 
1. पीएम का पाकिस्तान पर हमला, कहा – जो पड़ोसी आतंक, नफरत को बढ़ावा देंगे उनपर कोई ध्यान नहीं देगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (17 जनवरी) को रायसीना डायलॉग के दूसरे एडिशन में भाषण दिया। वहां उन्होंने पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते होने पर जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी और चीन को हिदायत दी। मोदी ने कहा कि उनका सपना है कि अच्छी तरह से एकीकृत पड़ोस हो। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा पाकिस्तान अगर भारत से बात करना चाहता है तो उससे आतंक का रास्ता छोड़ना होगा। मोदी ने आगे कहा कि जो पड़ोसी देश अहिंसा, नफरत को बढ़ावा देकर आतंकियों को भेजते हैं वह अलग रहते हैं और उनपर कोई ध्यान नहीं देता। मोदी ने चीन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दो बड़े पड़ोसियों के बीच मतभेद होना आम बात नहीं हो सकती। उन्होंने आगे कहा कि रिश्ते बनाए रखने के लिए दोनों देशों को संवेदनशीलता और मूल चिंताओं के प्रति सम्मान दिखाना होगा। मोदी ने यह भी कहा कि उनका सपना है कि अच्छी तरह से रहने वाला ‘एकीकृत पड़ोस’ हो। मोदी ने कहा कि उनकी इसी सोच की वजह से उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में SAARC देशों को बुलाया था। जिसमें पाकिस्तान भी शामिल था। मोदी ने आगे कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा उनके लिए सबसे अहम है। उन्होंने आगे कहा, ‘सिर्फ अपने बारे में सोचना ना तो हमारी संस्कृति में है और ना ही स्वभाव में।’ रायसीना डायलॉग का पहला कार्यक्रम पिछले साल एक मार्च से तीन मार्च के बीच हुआ था। उसमें 35 देशों से 100 से ज्यादा स्पीकर्स बोलने के लिए आए थे। यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय और Observer Research Foundation (ORF) द्वारा मिलकर करवाया जाता है। कार्यक्रम में भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र के मुद्दों पर चर्चा होती है।

2. साइंस और मैथ्स जैसे सब्जेक्ट पढ़ाने वाले मदरसों में मिड-डे मील देगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार उन मदरसों के स्टूडेंट्स को मिड-डे मील देगी,जहां साइंस और मैथ्स जैसे सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को माइनोरिटी कमीशन की एनुअल कांफ्रेंस के बाद एलान किया। उन्होंने कहा कि मदरसों के रिप्रेजेंटेटिव्स के साथ एक मीटिंग की गई और इस मसले पर सुझाव भी मांगे गए। बता दें कि केंद्र ने ये एलान उस वक्त किया है, जब यूपी समेत 5 राज्यों में चुनावों की तारीख तय हो चुकी है।
- नकवी ने कहा, "ये सोचना गलत है कि मदरसे भारत का हिस्सा नहीं हैं। ज्यादातर मदरसों में बहुत अच्छा काम किया जा रहा है।"
- उन्होंने कहा, "मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन (MEAF) की जनरल बॉडी मीटिंग में मिड-डे मील का फैसला लिया गया। ग्रांट देने का फैसला भी लिया गया।"
- "जो मदरसे मेनस्ट्रीम एजुकेशन यानी साइंस और मैथ्स जैसे सब्जेक्ट्स पढ़ाते हैं, उन्हें केंद्र मदद करेगा। ऐसे मदरसों में मिड-डे मील दी जाएगी। ये फैसला करीब एक सप्ताह से भी पहले ले लिया गया था।"

3. सैमसंग ने लॉन्च किया पहला 6GB वाला स्मार्टफोन; 36,900 हजार रुपए कीमत

साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग ने भारत में पहला 6 जीबी रैम वाला स्मार्टफोन Galaxy C9 Pro लॉन्च किया। इसकी प्री-ऑर्डर बुकिंग 27 जनवरी से शुरू होगी। यूजर ऑनलाइन के अलावा चुनिंदा ऑफलाइन स्टोर से भी हैंडसेट की बुकिंग कर सकेंगे। इसकी कीमत 36,900 रुपए है और यह ब्लैक और गोल्ड कलर में मिलेगा।
- सैमसंग ने पहली बार किसी मोबाइल फोन में 6GB रैम दी है। इससे पहले तक सैमसंग के 4GB रैम वाले मॉडल मार्केट में अवेलेबल थे। 6GB वाला फोन अक्टूबर में चीन में लॉन्च किया गया था।
- सैमसंग मोबाइल बिजनेस के डिप्टी जनरल मैनेजर आदित्य बाबर ने कहा, "भारत एक फास्टेस्ट ग्रोइंग स्मार्टफोन मार्केट है। यहां के लोग बड़ी स्क्रीन और अच्छे स्टोरेज वाले मोबाइल फोन पसंद करते हैं। उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर हमने यह फोन लॉन्च किया।"

4. महंगाई से परेशान वेनेजुएला सरकार ने जारी किए500 और 20,000 बोलिवर के नए नोट

वेनेजुएला सरकार ने पिछले महीने बंद किए गए 100बोलिवर के नोट के बाद 500 और 20,000 बोलिवर के नए नोट जारी किए हैं। सरकार ने यह कदम देश में बढ़ती महंगाई दर और तबाह होती इकोनॉमी को बचाने के लिए उठाया है। नए नोट जारी होने के बाद ATMs के बाहर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। इतना ही नहीं यहां के लोग नए नोटों पर इतनी सारी जीरो देखकर भी हैरान हो रहे हैं।
- वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो ने पिछले महीने100 बोलिवर के नोट बंद करने का एलान किया था। देश की टोटल करंसी का 77% हिस्सा 100 बोलिवर के नोट में था।
- उस वक्त तक सरकार नई करंसी तैयार नहीं करा पाई थी। लिहाजा, काफी हिंसा हुई और 7 लोगों की मौत हो गई थी।
- सरकार का कहना है कि देश में महंगाई दर (inflation rate) तीन अंकों में पहुंच गई है। इसके अलावा कालाबाजारी भी बेकाबू हो रही थी। इसलिए बड़े नोट लाना जरूरी थी। दिसंबर के दूसरे हफ्ते में यहां महंगाई दर 180अंकों तक पहुंच गई थी।
- सरकार के सामने एक बड़ा खतरा फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का भी था। ये खत्म हो रहा था और इसकी वजह से देश में फूड प्रोडक्ट्स की कमी हो रही थी। वेनेजुएला में सरकार को फूड इम्पोर्ट पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है।

5. राहुल के खिलाफ EC पहुंची BJP, हर धर्म में कांग्रेस का निशान होने का दिया था बयान

राहुल गांधी के हर धर्म में हाथ का निशान नजर आने वाले बयान को लेकर बीजेपी इलेक्शन कमीशन पहुंच गई है। पार्टी ने कांग्रेस के चुनाव चिह्न को सीज करने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "अपने बयान से वे (राहुल/कांग्रेस) यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर आप उनके सिंबल पर वोट देते हैं तो अपने धर्म को वोट दे रहे हैं।' बता दें कि राहुल ने 11 जनवरी को दिल्ली में जन वेदना सम्मेलन में हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख संप्रदाय के प्रतीकों में कांग्रेस का सिंबल होने की बात कही थी। बीजेपी ने इसकी चुनाव आयोग से लिखित शिकायत की थी। मंगलवार को बीजेपी नेता आयोग से मिलने पहुंचे।
- चुनाव आयोग पहुंचे मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "राहुल का यह बयान मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का वॉयलेशन है,ऐसे में कांग्रेस सिंबल सीज होना ही चाहिए।"
- नकवी ने कहा, "इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि उन्होंने इस बयान को बहुत गंभीरता से लिया है और इस पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।"
- उधर राहुल के बयान पर यूनियन मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है, "यह महापुरुषों का अपमान है। राजनीति के लिए ये मजहब का उपयोग है। हमने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।"

6. मुलायम ने अखिलेश को 38 कैंडिडेट्स की लिस्ट सौंपी, शिवपाल का नाम नहीं

मुलायम सिंह यादव अब अखिलेश के सामने झुकते नजर आ रहे हैं। खबर आ रही है कि वह अब न नई पार्टी बनाएंगे और न अपने कैंडिडेट्स इलेक्शन में उतारेंगे। मंगलवार को जब अखिलेश मुलायम से मिलने पहुंचे तब उन्होंने 38 कैंडिडेंट्स की लिस्ट सौंपी। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बात चली। कहा जा रहा है कि इस लिस्ट को अखिलेश ने मंजूर भी कर लिया है। इस लिस्ट में शिवपाल यादव का नाम नहीं है। उनके बेटे आदित्य यादव, जसवंत नगर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
- इस मीटिंग में मुलायम और अखिलेश के साथ शिवपाल भी मौजूद थे। इसमें आपसी मतभेद भुलाने की बात कही गई।
- मुलायम ने सबको चुनाव की तैयारियां शुरू करने को कहा है। कहा जा रहा है कि सीटों पर फैसला कांग्रेस गठबंधन के बाद किया जाएगा।
- शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी के हर आदेश का पालन होगा। पार्टी टिकट देगी तो चुनाव लड़ेंगे।
- मुलायम के करीबी सूत्रों के मुताबिक, इस लिस्ट में ओमप्रकाश सिंह, नारद राय और शादाब फातिमा का नाम है। इसके अलावा अपर्णा यादव का का नाम भी शामिल है।

7. छह महीने बाद गुजरात लौटते ही हार्दिक पटेल का नरेंद्र मोदी पर निशाना, बोले- लाखों का सूट पहन खुद को गांधी कहते हो

छह महीने बाद गुजरात लौटने पर हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा हमला बोला है। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्‍होंने खादी कैलेंडर मामले के जरिए पीएम पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा, ”दो लाख रुपये का सूट पहनते हो और आप खुद को गांधी कहते हो। आप चरखे के पास बैठ नहीं सकते और खुद को गांधी कहते हो।” उन्‍होंने पाटीदार आरक्षण आंदोलन को फिर से जिंदा करने का आह्वान भी किया। गौरतलब है कि हार्दिक को पिछले साल छह महीने के लिए गुजरात से बाहर रहने की शर्त पर जमानत दी थी। उनकी यह समयसीमा 17 जनवरी को समाप्‍त हो गई। हार्दिक ने आगे कहा कि उनके खिलाफ जो भी केस चल रहे हैं उन्‍हें इसकी चिंता नहीं है। वे आरक्षण करते रहेंगे। उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा का विरोध करने की बात भी कही। पटेल नेता ने बताया कि जो भी पार्टी उनका सहयोग करेगी वह उनका साथ देंगे। इससे पहले हार्दिक ने दोपहर में रतनपुर सीमा से अपने गुजरात में प्रवेश किया पटेल समुदाय के सैकड़ों नौजवानों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह पटेल समुदाय की एक रैली को संबोधित करने के लिए साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर शहर के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर हार्दिक ने अपने समुदाय के लिए न्याय पाने का संकल्प जताया। हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाले पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) ने आज की रैली को ‘‘पटेल कोटा आंदोलन के दूसरे दौर की शुरूआत’’ के रूप में वर्णित किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने इस पूरे प्रकरण पर टिप्पणी देते हुए कहा कि उनकी सरकार हार्दिक और आरक्षण के मुद्दे पर अन्य पक्षकारों से बातचीत के लिए तैयार है। रूपानी ने कहा, ‘‘हमने उन्हें वहां ‘‘हिम्मतनगर में’’ रैली के आयोजन की अनुमति दी है। विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए हमलोग हमेशा ही सकारात्मक माहौल में सभी पक्षकारों के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।’’

8. तीन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स ने उठाए पीएम मोदी के फैसलों पर सवाल, कहा – जितना सोचा था भारत उतनी तरक्की नहीं कर रहा

पिछले तीन दिनों में तीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मोदी सरकार के फैसलों पर सवाल खड़े होते हैं। पहली रिपोर्ट वर्ल्ड बैंक की तरफ से आई। 11 जनवरी को आई उस रिपोर्ट में कहा गया कि नोटबंदी की वजह से भारत की आर्थिक विकास की स्पीड में कमी आएगी। दूसरी रिपोर्ट इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) ने दी। उसमें कहा गया कि भारत के आर्थिक विकास की दर 6.6 रही। जबकि उम्मीद थी कि वह 7.6 रहेगी। वहीं तीसरी बड़ी रिपोर्ट वर्ल्ड इक्नॉमिक फोर्म (WEF) की तरफ से आई। उसमें कहा गया कि उभरती अर्थव्यवस्था के मामले में भारत चीन और पाकिस्तान से पीछे है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत 60वें नंबर पर है और पड़ोसी चीन 15वें और पाकिस्तान को 52वें नंबर दिया गया है। लिस्ट में कुल 79 देश शामिल हैं। वर्ल्ड इक्नॉमिक फोर्म (WEF) की रिपोर्ट को ‘Inclusive Growth and Development Report 2017’ के नाम से स्वीट्जरलैंड के दावोस में रिलीज किया गया था।Inclusive Growth and Development Report 2017 में 12 इंडिकेटर को ध्यान में रखकर परफॉर्मेंस देखा जाता है। उस रिपोर्ट को तैयार करते वक्त तीन पिलर्स को ध्यान में रखा जाता है। जिसमें विकास, समावेशन और स्थिरता को देखा जाता है। चीन को इसमें 15वीं पोजिशन मिली। नेपाल 27वें नंबर पर है। वहीं बांग्लादेश 36वें और पाकिस्तान 52वें स्थान पर है। वहीं ब्रिक्स के सदस्य रूस13वें स्थान पर है। वहीं ब्राजील इसमें 30वें स्थान पर है। भारत के पिछड़ने पर इसमें बारीकी से चर्चा तो नहीं की गई है। लेकिन कई लोग नोटबंदी को इसकी प्रमुख वजह मानते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब विदेश की मीडिया या फिर वहां के लोगों ने नोटबंदी के फैसले को गलत बताया। हालांकि, कुछ विदेशी नेताओं ने पीएम मोदी के कदम को ठीक बताकर उसका समर्थन भी किया था। 

9. चिनम्मा की मुश्किलें बढ़ाने आईं जया की भतीजी दीपा जयकुमार

तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता के निधन के एक महीने बाद ही 'अम्मा' जैसी दिखने वाली भतीजी दीपा कुमार ने अब राजनीति में आने का फैसला कर लिया है। AIADMK में बगावत के सुर को बढ़ावा देते हुए दीपा ने साफ कहा है कि वह पार्टी महासचिव के पद पर जया के अलावा किसी और को स्वीकार नहीं करेंगी। बता दें कि पार्टी में शशिकला नटराजन के खिलाफ लोगों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि दीपा जयकुमार शशिकला को टक्कर दे सकती हैं। दीपा ने घोषणा की है कि उनकी आगे की रणनीति क्या होगी इस पर वह जयललिता के जन्मदिन यानी 24फरवरी को खुलासा करेंगी। इससे पहले जया के करीबी रहे और विधायक मुन्नासामी ने भी खुलकर शशिकला का विरोध किया था। उन्होंने शशिकला के परिवार के दावों को भी झूठा बताया था जिसमें कहा गया है कि जया शशिकला के बताए रास्ते पर चलती थीं। दीपा जयकुमार ने भी शशिकला नटराजन के परिवार के दावों को भी झूठा बताया और कहा कि जयललिता हमेशा खुद फैसले लेती थी। बता दें कि शशिकला के परिवार ने यह दावा किया था कि जयललिता उनके बताए रास्ते पर चलती थीं। उन्होंने ही साल 2011 में जयललिता को बचाया। बीजेपी से समर्थन मिलने की खबरों को खारिज करते हुए दीपा बोलीं,'मुझे बदनाम करने के लिए कई अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, लोग सच्चाई नहीं जानते हैं।'उन्होंने कहा कि 24 फरवरी को वह अपनी रणनीति सार्वजनिक करेंगी।

10. अनुराग कश्यप का मोदी पर निशाना-भक्तों के बॉस को करूंगा ट्रोल

अनुराग कश्यप जितना अपने काम को लेकर चर्चा में रहते हैं,उतना ही अपने बयानों के लिए भी। बॉलिवुड के इस ऐक्टर-डायरेक्टर ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा है। अपने एक ट्वीट में अनुराग यहां तक कह गए कि जिन लोगों ने नरेन्द्र मोदी के नाम पर बीजेपी को वोट दिया है, अब उन्हें अपनी भूल का अहसास हो रहा है। वोट देने वाले लोग डाइनिंग टेबल पर बैठकर अपनी गलती पर विचार करते हैं। अनुराग के ताजा ट्वीट्स पर उन्हें खासी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। एक ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री की ट्रोल आर्मी की तारीफ की तो दूसरे में कश्यप ने उन लोगों पर निशाना साध दिया जिन्होंने मोदी को वोट दिया। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, 'नरेन्द्र मोदी की पूरी ट्रोल आर्मी मस्त है। क्या आपने उनके लिए प्राइवेट क्लासेस दिलाई थीं। वह सभी देश के गौरव हैं।'

13 जनवरी का इतिहास यहाँ पढ़ें ।
17 जनवरी को जन्मे व्यक्ति===---
1860 – रूस के लेखक आन्तवान चेख़ोफ़ का जन्म हुआ।
1863 - आधुनिक रंगमंच को अपनी यथार्थवादी शैली से नया रूप देने वाले महान रूसी रंगकर्मी 'कोंस्तेंतिन स्तानिस्लावस्की' का जन्म हुआ।
1888 - बाबू गुलाबराय - भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, निबन्धकार और व्यंग्यकार।
1908 - एल. वी. प्रसाद - भारतीय सिनेमा के सफल फ़िल्मकार, निर्माता-निर्देशक और अभिनेता।
1917 - एम जी रामचंन्द्रन राजनेता एवं अभिनेता का जन्म।
1918 - कमाल अमरोही, प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता-निर्देशक।
1920 - तुर्की के क्रांतिकारी कवि 'नाजिम हिकमत' का जन्म हुआ।
1923 - रांगेय राघव हिन्दी साहित्यकार का जन्म।
1930 - अरविंद कुमार, माधुरी और सर्वोत्तम पत्रिकाओं के प्रथम सम्पादक।
1942 - मुहम्मद अली - विश्वविख्यात अमेरिकी मुक्केबाज
1945 -जावेद अख्तर--पटकथा लेखक और हिन्दी फ़िल्मों के गीतकार जावेद अख़्तर का जन्म।

14 जनवरी का इतिहास यहाँ पढ़ें

17 जनवरी को हुए निधन====
1951 - ज्योति प्रसाद अग्रवाल - असम के प्रसिद्ध साहित्यकार, स्वतंत्रता सेनानी तथा फ़िल्म निर्माता।
2010- भारत के प्रसिद्ध मार्क्सवादी राजनीतिज्ञ ज्योति बसु का निधन।
2014 - सुचित्रा सेन, प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेत्री

17 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव=====----

अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय).
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह.
16 जनवरी का इतिहास यहाँ पढ़ें ।

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