बात करने में मोबाइल फोन के ज्यादा प्रयोग से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

आज मोबाइल फोन का इस्तेमाल लगभग हर कोई करता है। बिना इसके हम अपने आपको अधूरा सा महसूस करने लगते है। इसके द्वारा हम अपने कई कामों को चुटकी में ही निपटा सकते है। अतः मोबाइल फोन वर्तमान में हमारी जरुरत बन गई है। जहाँ इसके इतने सारे फायदे है वहीं यह हमारे शरीर के लिए खतरनाक भी है।
मोबाइल रेडिएशन से मानव शरीर में होने वाले प्रभावों को जानने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों के वैज्ञानिकों द्वारा कई शोध किया गया। शोध के उपरांत यह निष्कर्ष निकाला गया कि मोबाइल रेडिएशन से हमारे शरीर को ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा नहीं है।
परंतु मोबाइल के मशहूर कंपनी नोकिया कि धरती फ़िनलैंड में रेडिएशन एंड न्यूक्लियर सेफ़्टी ओथोरिटी द्वारा दो साल तक किये गये नवीनतम अध्ययन के उपरांत इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि मोबाइल रेडिएशन से मस्तिष्क के टिश्यू क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। इतना ही नहीं ये रेडिएशन रक्त नालियों कि सिकुड़न के लिए भी ज़िम्मेवार है। इस तरह मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा मोबाइल टावर भी हमारे शरीर के विभिन्न अंगों के लिए खतरनाक है। टावर के 300 मीटर के क्षेत्र रेडिएशन का सबसे अधिक खतरा होता है। इससे बचने के लिए मोबाइल का प्रयोग उतना ही करना चाहिए जितना जरूरी हो। रात को सोने के वक्त मोबाइल को तकिये के नीचे न रखें।

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