अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाने |

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाने |



Ajinkya Rahane – अजिंक्य रहाने भारतीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर है और वह दाये हाथ के बल्लेबाज है। उन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय टी 20 मुकाबला 31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। भारतीय प्रिमिअर लीग में अजिंक्य रहाने 2008 से 2010 तक मुंबई इंडियन्स के लिए, 2011 से 2015 तक राजस्थान रॉयल्स के लिए और 2016 से अब तक पुणे सुपरजायंट के लिए खेल चुके है।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाने – Ajinkya Rahane

अजिंक्य रहाने का जनम 6 जून 1998 को अहमदनगर जिले में मराठी परिवार में हुआ। मधुकर बाबुराव रहाने और सुजाता रहाने इनके माता पिता है। जब अजिंक्य रहाने सात साल के थे तब उनके पिताजी उन्हें डोम्बिवली के एक छोटे से कोचिंग शिविर में ले गए क्यु की वे महँगी कोचिंग नहीं ले सकते थे।
जब वो 17 साल के थे तब से उन्होंने पूर्व भारतीय बल्लेबाज प्रवीन अमरे से शिक्षा लेना प्रारंभ कर दिया। डोम्बिवली के एस वी जोशी विद्यालय से इन्होने अपनी माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र की परीक्षा उत्तीर्ण की।
26 सितम्बर 2014 को अजिंक्य रहाने की राधिका धोपवकर से शादी हुई।

अजिंक्य रहाने का करियर – Ajinkya Rahane Career

6 जून 1988 को जन्मे अजिंक्य रहाने अपने आयु का क्रिकेट खेलते हुए और आगे बढ़ते हुए आखिरकार उचे अंको के साथ मुंबई के रणजी ट्राफी तक पहुचे। वो घरेलु स्थर पर उत्कृष्ट स्कोरर थे और रणजी ट्राफी के अकेले संस्करण में 1000 से अधिक रन बनाने वाले 11 वे खिलाड़ी थे।

19 साल के निचे के स्थर पर इन्होने भारत का प्रतिनिधित्व किया है और आई पी एल में मुंबई और राजस्थान के लिए भी खेल चुके है। ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाले “उभरते हुए खिलाडी ट्राफी” के लिए उनका चयन हुआ था और इस श्रुंखला में दो शतक जड़कर शानदार प्रदर्शन किया था।
उस शानदार प्रदर्शन के आधार पर इनका 2011 में इंग्लैंड के दौरे के लिए एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले के लिए भारतीय संघ में चयन हुआ था। इन्होने ओ डी आई के मेचो की शुरुवात की और अपने निडर उद्देश और स्ट्रोक से सभी को प्रभावित किया और जब जब उन्हें मौका मिला तब तब उन्होंने इसका सही इस्तेमाल किया।
2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला टेस्ट का मैच खेला। जब भारतीय संघ दक्षिण अफ्रीका, न्यू ज़ीलैण्ड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रलिया के दौरे पर था तब रहाने ने टेस्ट मेचो में शानदार प्रदर्शन किया।
आई पी एल में भी इनका अच्छा प्रदर्शन रहा है। 2012 के आई पी एल के संस्करण में इन्होने बंगलौर के खिलाफ शतक लगाया था और इस संस्करण में 500 से भी अधिक रन बनाए थे। 2013 के आई पी एल में भी रहाने का प्रदर्शन समानरूप से शानदार रहा। उन्होंने लगातार तीन अर्ध शतको के साथ इस संस्करण की शुरुवात की और 488 रन बनाए।
अजिंक्य रहाने के करियर काफ़ी उतार चढाव आये। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट मैच में रहाने अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। ओ डी आई में भी वो कभी अन्दर तो कभी बाहर रह चुके है। 2013 में इन्हें पाकिस्तान दौरे के लिए ओ डी आई संघ में फिर से बुलाया था क्यु की इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।
2013 के दक्षिण अफ्रीका के दौरे से वो भारतीय ओ डी आई संघ के नियमित सदस्य रहे है और एशिया कप में भी इनका अच्छा प्रदर्शन रहा है।
सचिन तेंडुलकर के निवृत्ति के बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओ ने खेल के सबसे लम्बे प्रारूप में इनका चयन किया। क्रमशः दक्षिण अफ्रीका और न्यू ज़ीलैण्ड के विरुद्ध वेलिंगटन और डरबन में शतक और अर्द्धशतक बनाकर काफ़ी अच्छा प्रदर्शन किया। उनके इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर 2014 के आई पी एल में राजस्थान ने इनका चयन किया।
2014 के इंग्लैंड दौरे मे अच्छे रन बनाने वाले बल्लेबाजो में से वो एक थे। उन्होंने जेम्स एंडरसन औए उनके संघ का अच्छे तरीक़े से सामना किया और लॉर्ड्स के मैदान पर शतक बनाकर भारत को जीत दिलायी। अगली ओ डी आई श्रुन्खलाओ में भी इनका प्रदर्शन अच्छा रहा। वेस्ट इंडीज और श्रीलंका के विरुद्ध अच्छा प्रदर्शन ना करने बाद भी, इन्होने सात मुकाबले में एक शतक और एक अर्धशतक बनाया।
2014 – 15 में खेली गयी बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी में भी रहाने का अच्छा प्रदर्शन रहा जहा पर मेलबोर्न में उन्होंने एक शानदार शतक बनाया।वहा पर इन्होने 4 टेस्ट मेचो की श्रुंखला में 399 रन बनाए।
अजिंक्य रहाने ने 2015 के विश्व कप में केवल एक ही अर्धशतक बनाया, दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध बनाए 79 रनों की काफ़ी प्रशंसा हुई। बाकि की प्रतियोगिता में उन्हें अछि शुरुवात मिली लेकिन वो इनका ज्यादा फ़ायदा उठा नहीं सके। एक तरफ़ वो एक दिवसीय संघ के केवल एक सदस्य है तो दूसरी तरफ़ टेस्ट संघ के श्री विश्वसनीय कहलाते है।
2015 में पी सारा ओवल मैदान में श्रीलंका के खिलाफ बनाए 126 रनो ने प्रतियोगिता में समानता बनाने के लिए महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। दिल्ली में उनके दो शतको की मदत से दक्षिण अफ्रीका को 3-0 से मात दी। इसके बाद उन्होंने जमेका में एक और शतक बनाया। इसके पश्चात 2016 में न्यू ज़ीलैण्ड के खिलाफ इन्दोर टेस्ट में 188 रन बनाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ट पारी खेली।

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