*संवेगों की विशेषताएं*

*संवेगों की विशेषताएं*---- :   संवेगों की मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है. संवेगों की प्रकृति भावनात्मक होती है जो व्यक्ति को क्षणिक उत्तेजना प्रदान करते हैं। संवेगो को व्यक्ति के मुख-मुद्रा, वाणी तथा अन्य व्यवहार के अवलोकन से पहचाना जा सकता है। *संवेगों की निम्नलिखित विशेषताएं होती है---*
1-: संवेगों में व्यापकता पाई जाती है। संवेग पशु-पक्षी, बालक वृद्ध,  सभी में पाए जाते हैं।
2-: मनुष्य की सभी दशाओं एवं अवस्थाओं में संवेग पाए जाते हैं।
3-: संवेगात्मक अनुभूतियों के साथ-साथ कोई ना कोई मूल प्रवृत्ति अथवा मूलभूत आवश्यकता जुड़ी रहती है।
4-: सामान्य रूप से संवेग की उत्पत्ति प्रत्यक्षीकरण के माध्यम से होती है ।
5-: किसी भी संवेग को जागृत करने के लिए भावनाओं का होना आवश्यक है।
6-:प्रत्येक संवेगात्मक अनुभूति व्यक्ति में कई प्रकार के शारीरिक और शरीर संबंधी परिवर्तनों को जन्म देती है।
7-: संवेग में अस्थिरता पाई जाती है।
8-: संवेग मनोशारीरिक होता है।
9-:संवेग की दशा में बुद्धि काम नहीं करती है।
10-: संवेग पर परिस्थिति और ग्रंथियों का प्रभाव पड़ता है।
11-: संवेग का प्रकाशन हर एक व्यक्ति व्यक्तिगत ढंग से करता है।
12-: संवेग का परिणाम कोई क्रिया अवश्य होती है।
13-: प्रशिक्षण, ज्ञान ,अनुभव की वृद्धि आदि के परिणाम स्वरुप मनुष्य में विशेषकर संवेगों का स्थानांतरण होता है।

Comments

Popular posts from this blog

Gove confirms mandatory housebuilding targets for councils will be abolished in face of Tory rebellion – UK politics live

Kotak Mahindra Bank Recruitment 2022 Released for Graduate Candidates And Apply Online