इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) क्या है तथा कैसे संभव है?

इंटरनेट ऑफ थिंग्स IoT क्या है?
एक ऐसा कम्प्यूटिंग अवधारणा है जहां लाखों इलेक्ट्रोनिक उपकरण न केवल हाई स्पीड इंटरनेट नेटवर्क की मदद से एक दूसरे से जुड़ पाएंगे बल्कि एक दूसरे से संवाद भी करेंगे तथा खुद-ब-खुद निर्णय लेने के योग्य भी हो जाएंगे। सभी उपकरण बिना स्क्रीन का एक छोटा कम्प्युटर होगा। ये सभी उपकरण स्वयम अपना संचालन करेंगे तथा दूसरे उपकरणों को भी निर्देश दे सकेंगे।

यह कैसे काम करेगा तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स के क्या फायदे है, यह हमारे जीवन में क्या बदलाव लाएगा? यह जानने के लिए जरा सोचिए कि आपके घर में जो फ्रिज है वह अपने अंदर देख सकता है तथा यह पता लगा सकता है कि उसके अंदर क्या-क्या रखा है। वह साथ ही साथ यह गणना कर सकता है की कौन सा समान खत्म होने वाला है या खत्म हो गया है। इतना ही नहीं, गणना करने के उपरांत यह निर्णय ले सकता है की किस सामान कि जरूरत आगे पड़ेगी और फ्रिज स्वयम  ही उन सामानों का ऑर्डर किसी स्टोर को दे देता है।

इसी तरह हमारे दैनिक जीवन के अन्य कार्य जैसे सिक्यूरिटी कैमरे की मदद से अपने आप गेट का खुल जाना, वाहनों का अपने-आप रास्तों में चलना, दूर-दराज के क्षेत्रों में योग्य डॉक्टर के न होने पर भी जटिल से जटिल ऑपरेशन को अंजाम देना, स्मार्ट वॉच जो आपके स्वास्थ्य संबंधी आकड़ों का गणना करके आपातकालीन स्थिति में खुद ब खुद आपके डॉक्टर को सूचना देना इत्यादि। यह सब सुनने में तो हॉलीवुड का कोई साइंस फिक्शन फिल्म की तरह लगता है परंतु अब हम इसके वास्तविकता के काफी करीब पहुँच गए हैं। 
मानव जाति की प्रवृति है कि वह हर दिन नए-नए खोजों में लगा रहता है। हर आने वाले समय में वह नए तकनीक का आविष्कार करता है। प्राचीन काल से अब तक न जाने कितने ही खोज एवं आविष्कार कर चुका है। सूचना प्रौद्योगिकी आज के दैनिक जीवन में काम आने वाली एक क्रांतिकारी तकनीक है जिसके आविष्कार से मानव जीवन को न केवल आरामदायक बनाया है बल्कि उत्पादकता को भी बढ़ाया है। 
इसी क्रम में कम्प्युटर (Computer) तथा मोबाइल फोन (Mobile Phone) का आविष्कार किया। आज हम मोबाइल फोन या कहे स्मार्ट फोन (Smart Phone) की मदद से न केवल दुनिया के किसी भी व्यक्ति से संवाद कर सकते हैं बल्कि लाखों एप्प्स की मदद से हम अपने दैनिक जीवन के कई कार्यों को घर बैठे अंजाम दे सकते हैं। बच्चे अपने पढ़ाई से संबन्धित कई कार्य घर बैठे एप्प्स कि मदद से कर पाते हैं। इंटरनेट (Internet) के आने से सूचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति आई है। घर बैठे ही हम अपने स्मार्ट फोन में हर तरह की सूचनाएँ प्राप्त कर सकते हैं, अपने वित्तीय कार्यों को कर सकते हैं। 
इन सब से आगे कदम बढ़ते हुए मानव अब विभिन्न तरह के ऐसे इलेक्ट्रोनिक उपकारण (Electronic device) बना रहा है जिसमें सभी उपकरण काफी स्मार्ट होंगे। ये उपकरण न केवल एक दूसरे से जुड़ पाएंगे बल्कि एक दूसरे से संवाद भी कर पाएंगे तथा सकारात्मक निर्णय भी ले पाएंगे। 



इंटरनेट ऑफ थिंग्स की अवधारणा से स्वचालित वाहन, वर्चुअल रियालिटि, टेली मेडिसिन, रिमोट सर्जरी, स्मार्ट परिवहन, स्मार्ट कृषि, घर एवं इमारत का ऊर्जा प्रबंधन इत्यादि अन्य नए सेवाओं का सपना सार्थक हो सकेगा। 

5G वायरलेस नेटवर्क (5G Wireless Network) के आने से इंटरनेट ऑफ थिंग्स की अवधारणा को सार्थक रूप में साकार करने का समय आ गया है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स की प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए कम बिलंबता, तेज डेटा स्पीड एवं अधिक घनत्व के साथ इंटरनेट कनैक्शन की आवश्यकता पड़ेगी जो वर्तमान की 5जी वायरलेस नेटवर्क पूरा कर सकता है। 

5G वायरलेस नेटवर्क की शुरुआत विश्व के कई देशों में हो चुकी है। भारत में भी इस तकनीक की शुरुआत के लिए कार्य चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि 2025 तक पूरे विश्व में 5G नेटवर्क (5G Network) के लिए आधारभूत संरचना का निर्माण कर लिया जाएगा तब हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स की परिकल्पना (Concept of Internet of Things) को साकार होते देख सकेंगे।
आईओटी से बनेगी जिंदगी आसान

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से टेक्नोलोजी की दुनिया में कई बड़े बदलाव आने वाले हैं। इससे दुनिया आपस में और तेजी से कनेक्ट हो जाएगी। आपकी जरूरत की हर चीज को पहले से ही आपके जरूरतों के बारे में पता होगा। आपके जीवन में जुड़ा हर डिवाइस आपस में कनेक्ट होंगे। आपको बेहतर सर्विस मिलेगी। आपका जीवन आसान होगा और आप क्रिएटिव तरीके से जिंदगी जी पाएंगे। आईओटी के लिए कई कंपनियाँ तेजी से काम कर रही हैं।

स्मार्ट सिटी का सपना साकार होगा

दुनिया के कई शहर स्मार्ट सिटी इनिशिएटिव्स के तहत आईओटी सर्विस विकसित कर रहे हैं। नॉर्थ कैरोलीना का कैरी शहर ट्रैफिक लाइट्स को जोड़ने के लिए आईओटी डाटा की मदद लेता है। यदि ट्रैफिक लाइट्स बंद होती है तो पता लग जाता है। कैलिफोर्निया का सैन डिएगो शहर इंटेलीजेंट लाइटिंग और औटोमेटेड स्ट्रीट मीटर्स काम में लेता है। 5जी नेटवर्क से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को बढ़ावा मिलेगा। इससे डिवाइसेज से कम बैटरी पवार के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है।
आईटीओ भोजन को सुरक्षित रखेगा

आईओटी भोजन को सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत सोच प्रदान करता है। कंपनियाँ फूड सेफ़्टी सुनिश्चित करने के लिए हीटिंग मैप्स, अलर्ट्स और रिपोर्ट्स की मदद से मुख्य फूड स्टोरेज फ़ैसिलिटीज में तापमान और वातावरण का पता लगा सकती है। इससे फूड सेफ़्टी के लिए तुरंत कार्यवाही की जा सकती है। यह लोगों को सुरक्षित भोजन के बारे में जागरूक कर सकता है।

बेहतर स्मार्ट स्टोर्स बनेंगे 

आईओटी की मदद से स्टोर्स और भी स्मार्ट बन पाएंगे। रेडियो फ्रिक्वेंसि आईडेंटिफिकेशन (आरएफ़आईडी) टैग्स से प्रोडक्ट इनवेंटरी के बारे में ग्राहकों को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। स्मार्ट लाइटिंग की मदद से स्टोर्स को पता लग पाएगा की ग्राहकों ने किसी खास प्रोडक्ट या शेल्फ के पास कितना समय गुजारा। इससे उन्हें सर्विस को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। स्टोर्स की बिक्री भी बढ़ेगी और ग्राहकों को अच्छा एक्सपीरियंस मिलेगा।
मैन्युफैक्चरिंग में मदद

आईओटी की मदद से मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी में किसी तरह की परेशानी होने पर सहायता मिलेगी। इससे फील्ड सर्विस टेक्नीशियन के साइट पर पहुँचने से पहले सेंसर गाइडेंस उपलब्ध हो सकेंगे। स्मार्ट फैक्ट्रीज में इस तरह का मैंटेनेंस काफी उपयोगी साबित होगा। वर्कर्स भी वियरेबल डिवाइसेज की मदद से सुरक्षित माहौल में काम कर पाएंगे। इससे मैन्युफैक्चरिंग फील्ड पूरी तरह से बदलेगा। इससे प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और डिलीवरी पर भी असर पड़ेगा। 

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