World Heart Day: बीमार नहीं, ऐसे बनें Healthy Heart के हीरो

High BP से बे्रन स्ट्रोक का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है क्योंकि लंबे समय तक बढ़ते दबाव के कारण धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे हृदय को ब्लड पंप करने में काफी परेशानी होती है। खानपान व जीवनशैली में बदलाव कर नियंत्रित किया जा सकता है।

सेहत के 3 सूत्र
नो करी ( No Curry ) : ग्रेवी वाले फूड न लें। इसमें क्रीम, घी, बटर और शुगर ज्यादा होता है। ऐसे भोजन का असर हार्ट की धमनियों पर होता है।

नो वरी ( No Worry ): ज्यादा तनाव और चिंता से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ता है। इससे नसों में संकुचन से आर्टरीज ब्लॉक हो सकती हैं। हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।

नो हरी ( No Hurry ): काम में हड़बड़ी को हरी सिकनेस कहते हैं। काम जल्द न होने पर गुस्सा भी आता है। इससे रक्त प्रवाह तेज हो जाता है। इससे हृदय की शिराओं के फटने का खतरा रहता है।

बीमारियों से बचने के लिए ये तीन बदलाव आज से ही करें

खानपान- (Eating Habit)
कैसा हो खानपान : ज्यादा पका व तला-भुना खाना, जंकफूड, सॉफ्ट ड्रिंक पीने से बचें। दो-तीन चम्मच घी-तेल, मक्खन (10-15 मिली.) चम्मच ले सकते हैं। खाने में 50 प्रतिशत सब्जियां, फ्रूट्स होने चाहिए। सात रंग के फल, सब्जियों का आहार, सलाद खाएं। हाई फाइबर वाली चीजें लें।
सावधानी : एक ही तेल का प्रयोग न करें। ऑलिव व राइस ब्रान ऑयल हार्ट के लिए अच्छा है। चावल (सफेद), चीनी, मैदा न खाएं। एक बार प्रयोग हुए ऑयल को दोबारा प्रयोग न करें।
जीवन शैली (Lifestyle)
ऐसी हो जीवन शैली : रात में दस बजे तक सो जाएं। सुबह सूर्योदय से पहले उठें। उठने के 2-3 घंटे में ब्रेकफास्ट, दोपहर में 1-2 बजे के बीच लंच व रात में आठ बजे तक डिनर करें। सोने से आधे घंटे पहले नियमित एक गिलास लो फैट (3 प्रतिशत) मिल्क पीएंं।
यह भी जरूरी: तीन मुख्य आहार के लेने का समय तय होना चाहिए। तय समय खाने से आहार शरीर को लगता है। लंच से एक घंटे पहले एक प्लेट सलाद व तीन घंटे बाद दो मौसमी फल खाना चाहिए।
योग व्यायाम (Yoga-Exercise )
ऐसे करें योग-व्यायाम : रोजाना 30 मिनट कॉर्डियो एक्सरसाइज जैसे ब्रिस्क वॉक, जॉङ्क्षगग, साइक्लिंग, स्वीमिंग व डांस करें। एक मिनट में 45-50 कदम, ब्रिस्क वॉक में 75-80 कदम और जॉगिंग में 150-160 कदम चलें। इससे पहले 15-30 मिनट तक योग-प्राणायाम करें।
ये भी ध्यान रखें : यदि किसी तरह की समस्या है तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। योगासन व प्राणायम बिना विशेषज्ञ के निर्देशन में करें। इसका पूरा फायदा मिलेगा।

एक्सपर्ट पैनल : डॉ. एम. वली, वरिष्ठ फिजिशियन, सर गंगाराम हॉस्पिटल, नई दिल्ली



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2m3NXqu

Comments

Popular posts from this blog

Gove confirms mandatory housebuilding targets for councils will be abolished in face of Tory rebellion – UK politics live

Kotak Mahindra Bank Recruitment 2022 Released for Graduate Candidates And Apply Online