पुरानी कुछ इमारतें कई बार पैदा की जाती है हर बार एक नया नाम देकर उन्हें फिर लावारिस छोड़ दिया जाता है
कुछ की
किस्मत में
नहीं होता है
खुद जन्म लेना
उन्हें पैदा
किया जाता है
नश्वर
नहीं होते हैं
पर
मरने का उनके
मौका भी
नहीं आता है
जरूरी नहीं है
जीवन होना
सब कुछ में
कुछ निर्जीव
चीजों को भी
आदत हो जाती है
झेलना
जीवन को
जिसका असर
समय समय पर
देखा भी जाता है
कुछ
इमारतों के
पत्थर
आईना
हो जाते हैं
समय
का चेहरा
उनमें
बहुत साफ
नजर आता है
इतिहास
लिख देना
किसी चीज का
अलग बात हो जाती है
लिखने वाला
सामान्य मनुष्य ही हो
जरूरी नहीं हो जाता है
पूर्वाहग्रह ग्रसित होना
किसी
मानसिक रोग
की
श्रेणी में
कहीं
लिखा हुआ
नजर नहीं आता है
ना नया
गृह बनता है
ना गृह प्रवेश होता है
कुछ घरों का नाम
समय के साथ
बदल दिया जाता है
जन्मदिन
मनाया जाता है
नगाढ़े भी बजते हैं
ढोल भी पीटे जाते हैं
अखबार के पन्ने को भी
रंग दिया जाता है
‘उलूक’
कुछ लावारिस
ऐसी ही
किस्मत लेकर
पैदा होते हैं
हर बार
जन्म देने के बाद
एक लम्बे समय के लिये
फटे हाल
होने के लिये
उन्हें छोड़ दिया जाता है।
चित्र साभार: https://making-the-web.com/university-cliparts
किस्मत में
नहीं होता है
खुद जन्म लेना
उन्हें पैदा
किया जाता है
नश्वर
नहीं होते हैं
पर
मरने का उनके
मौका भी
नहीं आता है
जरूरी नहीं है
जीवन होना
सब कुछ में
कुछ निर्जीव
चीजों को भी
आदत हो जाती है
झेलना
जीवन को
जिसका असर
समय समय पर
देखा भी जाता है
कुछ
इमारतों के
पत्थर
आईना
हो जाते हैं
समय
का चेहरा
उनमें
बहुत साफ
नजर आता है
इतिहास
लिख देना
किसी चीज का
अलग बात हो जाती है
लिखने वाला
सामान्य मनुष्य ही हो
जरूरी नहीं हो जाता है
पूर्वाहग्रह ग्रसित होना
किसी
मानसिक रोग
की
श्रेणी में
कहीं
लिखा हुआ
नजर नहीं आता है
ना नया
गृह बनता है
ना गृह प्रवेश होता है
कुछ घरों का नाम
समय के साथ
बदल दिया जाता है
जन्मदिन
मनाया जाता है
नगाढ़े भी बजते हैं
ढोल भी पीटे जाते हैं
अखबार के पन्ने को भी
रंग दिया जाता है
‘उलूक’
कुछ लावारिस
ऐसी ही
किस्मत लेकर
पैदा होते हैं
हर बार
जन्म देने के बाद
एक लम्बे समय के लिये
फटे हाल
होने के लिये
उन्हें छोड़ दिया जाता है।
चित्र साभार: https://making-the-web.com/university-cliparts

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