पर्यावरण सुधार का कार्य आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती : कलेक्टर  

ग्वालियर। बिगड़ते पर्यावरण को सुधारना आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है। बढ़ते हुए प्रदूषण के कारण मानव जीवन में अनेक समस्यायें आ रही हैं। इन समस्याओं का निदान केवल पर्यावरण संरक्षण ही है। कलेक्टर अनुराग चौधरी ने रविवार को बाल भवन में समग्र स्वच्छता अभियान के तहत एनसीसी कैडेट को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, 15वीं बटालियन के कमाण्डिंग ऑफीसर कर्नल जोगिंदर तनवर, साइंस कॉलेज के प्राचार्य बी एल अहिरवार, प्रो. नुकुल गुप्ता, मेजर डॉ. अशोक चौहान, नगर निगम के अधिकारी व बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट उपस्थित थे। 
कलेक्टरअनुराग चौधरी ने कहा कि हमारा शहर अगर गंदा है तो यह किसी और की नहीं, हमारी कमजोरी है। शहर के सभी लोग गंदगी करें और कुछ चुनिंदा लोग उसकी सफाई की जिम्मेदारी उठायें तो शहर स्वच्छ और सुंदर होना संभव नहीं हैं। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की जवाबदारी शहर के हर नागरिक को उठानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के कार्य में अपनी अधिक सहभागिता करनी चाहिए। आने वाला समय युवाओं का है। 
कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मैं भी एनसीसी का कैडेट रहा हूँ। एनसीसी में हमें अनुशासन के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी तैयार किया जाता है। एनसीसी के सभी कैडेट को स्वयं स्वच्छता में भागीदार बनने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्वालियर जिले में 8 - 9 पहाडिय़ों को चिन्हित कर वृक्षारोपण का कार्य किया गया है। सिरोल पहाड़ी पर ही 17 हजार पेड़ लगाए गए हैं। जलालपुर में भी 4 हजार से अधिक पौधे रोपित किए गए। इसी प्रकार अन्य जगह पर भी जिला प्रशासन की पहल पर सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से वृक्षारोपण का कार्य किया गया है। 
कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन ने कहा कि नगर निगम द्वारा प्रतिदिन लगभग 450 टन कचरे का कलेक्शन किया जा रहा है। घर-घर से कचरा कलेक्शन का कार्य भी निगम कर रहा है। इसके पश्चात भी शहर में जितनी स्वच्छता होनी चाहिए, उतनी नहीं है। स्वच्छता के कार्य में सभी का सहयोग नितांत आवश्यक है। लोगों में जागरूकता लाकर कचरे को घर में ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर संग्रहित करने की आदत डालनी होगी। इसके साथ ही स्वच्छता के प्रति पूरे शहर में एक माहौल बनना जरूरी है। स्वच्छता का कार्य केवल नगर निगम का ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का कार्य बनेगा, तभी हमारा शहर स्वच्छ और सुंदर बन पायेगा। 
आयुक्त श्री माकिन ने एनसीसी के सभी कैडेट को कार्यक्रम में शपथ दिलाई कि वे स्वयं स्वच्छता के कार्य में सहयोग करेंगे। साथ ही सप्ताह में कम से कम पाँच लोगों को स्वच्छता के कार्य में सहयोग करने हेतु प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में प्रोफेसर नुकुल गुप्ता ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के संबंध में आमजनों को अधिक से अधिक जानकारी देना और उस पर अमल करने हेतु माहौल बनाना आवश्यक है। स्वच्छता के कार्य में समाज के सभी लोगों को जोडक़र कार्य किया जायेगा। तभी हमारा शहर स्वच्छता की रैंक में अपना अच्छा स्थान बना पायेगा। 
कार्यक्रम में साइंस कॉलेज के प्राचार्य  बी एल अहिरवार ने कहा कि स्वच्छता के कार्य में एनसीसी कैडेटों के साथ-साथ सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी अपनी सक्रिय भागीदारी करना चाहिए। इसके लिए हम अपने स्तर से भी विद्यार्थियों से चर्चा कर स्वच्छता अभियान में भागीदारी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हर विद्यार्थी अपने घर के आस-पास भी संपर्क कर स्वच्छता के कार्य में जागरूकता लाने का कार्य करे तो कोई कारण नहीं है कि हमारा शहर स्वच्छता रैंकिंग में अच्छा स्थान न पा सके। 
कार्यक्रम के अंत में 15वीं बटालियन के कमाण्ड ऑफीसर कर्नल जोगिंदर सिंह तनवर ने कहा कि जिला प्रशासन, नगर निगम के सहयोग से स्वच्छता अभियान में एनसीसी कैटेड को जोडक़र जो कार्य किए जा रहे हैं वह सराहनीय हैं। एनसीसी के सभी बच्चे स्वच्छता के कार्य में निरंतर अपना सहयोग प्रदान करते रहेंगे। 


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