How To Deal With Fear In Hindi
नमस्कार दोस्तों , कैसे है आप सब उम्मीद है सब जलसा में होंगे। वैसे काफी ज्यादा समय बाद नया आर्टिकल लिख रहा हूँ, तो आशा है सब को आजका टॉपिक पसंद आये।
तो आजका विषय है डर , की कैसे डर अपने अंदर का भय हमारे जीवन के लिए जरुरी है , जैसे हमे दूसरे प्रकार की feeling होती है उसी तरह डर भी एक feeling की तरह ही है। अगर यह भय ही हमारे जीवन में नहीं होगा तो हम कितनी मुसीबते खुद ही मोड़ लेंगे।
Please दोस्तों आजके विषय को थोड़ा ध्यान से समझना क्यूंकि यह विषय काफी मायने रखता है हमारे जीवन में। मैंने जितना डर के विषय के बारे में जाना है उसको थोड़ा मेरे तरीको से बताने की कोसिस करूंगा तो ध्यान से पढ़ना।
डर को दो तरीको से जानेगे , पहला तरीका वोह डर जो हमे आगे बढ़ने से रोकता है...
मुझे सरम आनी चाहिए जिंदगी के हर एक दिन waste करने पर । अपना सारा समय सिर्फ youtube, facebook , insta पे useless कंटेंट देखने में waste करने पर । मुझे सरम आनी चाहिए आलस करने पर , मुझे सरम आनी चाहिए फालतू के thoughts mind में लाने पर।
सुभेह जल्दी ना उठने पर , ज्यादा सोते रहने पर , अपने गलत आदतों पर , अपने गलत नशे की आदतों पर , सब होने के बावजूद अपने खर्चो की आदत पर , ज्यादा विचार करते रहने पर , पैसे recharge पर खर्च करके भी अच्छी चीज़ो के बजाय गलत चीजे देखने पर ,
आखिर क्यों एक पढाई भी ढंग से नई हो पा रही है , कॉलेज भविष्य सुधारने नहीं पर मौज मस्ती समज कर जाना, आखिर क्यों बिना वजह रातको जागना पड़ रहा है , समय सिर्फ चॅटींग में waste हो रहा है।
मुझे सरम आनी चाहिए आज 20 उम्र होने के बाद भी अपने माँ बाप को खुदके पैसो से कही घूमाने नहीं ले गया , mark zukerberg सिर्फ 19 की उम्र में facebook बना दिया वो भी नशे के हालत में और आज वो दुनिया के यंगेस्ट billionaire है।
जब दुसरो का बुरा वक़्त चल रहा होता है तब उनको ज्ञान देने बैठ जाता हूँ, पर जब खुदका बुरा वक़्त आये तब मूड की वाट लग जाती है। आखिर क्यों में आज भी कुछ नहीं कर रहा हूँ , क्यों मेरा दिमाग काम करना बंध कर दिया , आखिर क्यों में यह सोचता हूँ की जिंदगी जैसी चल रही है वैसी ही चलने दो।
मुझे गुस्सा आना चाहिए हर एक काम को आलस से करने पर, कान में हेडफोन्स लगा कर ज्यादा समय गाने सुनने पर।
क्यों में डर जाता हूँ..
अब बस..... और डर नही... और आलस नहीं ... और गुस्सा नही ... और समय waste नहीं ... और बहाने नहीं ...
जिंदगी है , कुछ तो बड़ा जरूर करेंगे , खुदको बड़ी उचाईयो पर देखेंगे, सपनो से आगे जी के दिखेंगे , एक मिसाल बनेंगे , लेकिन ऐसे तो नहीं मरेंगे , और इस जगह तो बिलकुल नहीं।
आपको यह तो जरूर याद होगा जो Bill gates ने कहा था..
इन कही न कही पर एक डर जरूर छुपा होता है , जो हमारे दिमाग में घूमते रहता है। की अगर मैंने यह काम किया तो ऐसी मुसीबत देखनी पड़ेगी या पैसो को invest करने में डर।
इसी डर के वजह से हम कई बार एक बड़ी opportunity भी खो देते है , अरे अभी शुरुआत नहीं करोगे तो कब करोगे , यही तो उम्र है कुछ नया करना और failure का सामना करने की।
अगर हम किसी चीज़ को करते है और वो डर सच भी होता है तो हमे एक experience मिलता है। तभी हमारी गलती नजर आती है।
सिर्फ नसीब के सहारे बैठे रहते तो आज elon musk ,thomas alva edison जैसे लोग हमे नहीं देखने मिलते।
यह बात भी सही है , "की जिंदगी नसीब से चलती है , और अगर दिमाग से चलती तो बीरबल बादशाह होता"।
लेकिन इस विषय में बीरबल अपनी जगह सही था, वो राजा का कार्य करने में समर्थ नहीं था , बीरबल को राजा बनने की कभी इच्छा नहीं थी और नहीं की अकेले सम्राट हो सकता था।
इसी तरह आप कोई काम करते हो और उसमे आपको डर लगे तो यह भी अच्छी बात है क्यों की अगर मन डर ही नहीं होगा और आगे चलके आपके काम में कोई बड़ी समस्या आये तो आप उससे लड़ने के लिए तैयार भी नहीं होंगे क्यूंकि यह समस्या के बारे में तो अपने नहीं सोचा था , इसको अपने डर के रुपमें देखा ही नहीं था।
इस वजह से डर आपको आगे बढ़ने, लड़ने के काम आता है। एक तरह से यह PlanB की तरह काम आता है।
डर कभी हमे पीछे नहीं खींचता और नहीं की हमारे बुरे के लिए होता है, वह अपने जगह सही है अगर आगे बढ़ना हो तो हमे डर से जितना है डर को निकाल देना नहीं। क्यों हमारे लिए खतरा क्या है यह डर ही रुबरुह करता है।
हर कोई यही समजता है की डरना बुरी बात है , हां हमे कई बार हिम्मत दिखानी चाहिए, लेकिन goal हासिल करने की बात आये तब वही सफल हो पाए जिन्होंने डर पे भी जीत हासिल की।
Please दोस्तों आजके विषय को थोड़ा ध्यान से समझना क्यूंकि यह विषय काफी मायने रखता है हमारे जीवन में। मैंने जितना डर के विषय के बारे में जाना है उसको थोड़ा मेरे तरीको से बताने की कोसिस करूंगा तो ध्यान से पढ़ना।
डर को दो तरीको से जानेगे , पहला तरीका वोह डर जो हमे आगे बढ़ने से रोकता है...
मुझे सरम आनी चाहिए जिंदगी के हर एक दिन waste करने पर । अपना सारा समय सिर्फ youtube, facebook , insta पे useless कंटेंट देखने में waste करने पर । मुझे सरम आनी चाहिए आलस करने पर , मुझे सरम आनी चाहिए फालतू के thoughts mind में लाने पर।
सुभेह जल्दी ना उठने पर , ज्यादा सोते रहने पर , अपने गलत आदतों पर , अपने गलत नशे की आदतों पर , सब होने के बावजूद अपने खर्चो की आदत पर , ज्यादा विचार करते रहने पर , पैसे recharge पर खर्च करके भी अच्छी चीज़ो के बजाय गलत चीजे देखने पर ,
आखिर क्यों एक पढाई भी ढंग से नई हो पा रही है , कॉलेज भविष्य सुधारने नहीं पर मौज मस्ती समज कर जाना, आखिर क्यों बिना वजह रातको जागना पड़ रहा है , समय सिर्फ चॅटींग में waste हो रहा है।
मुझे सरम आनी चाहिए आज 20 उम्र होने के बाद भी अपने माँ बाप को खुदके पैसो से कही घूमाने नहीं ले गया , mark zukerberg सिर्फ 19 की उम्र में facebook बना दिया वो भी नशे के हालत में और आज वो दुनिया के यंगेस्ट billionaire है।
जब दुसरो का बुरा वक़्त चल रहा होता है तब उनको ज्ञान देने बैठ जाता हूँ, पर जब खुदका बुरा वक़्त आये तब मूड की वाट लग जाती है। आखिर क्यों में आज भी कुछ नहीं कर रहा हूँ , क्यों मेरा दिमाग काम करना बंध कर दिया , आखिर क्यों में यह सोचता हूँ की जिंदगी जैसी चल रही है वैसी ही चलने दो।
मुझे गुस्सा आना चाहिए हर एक काम को आलस से करने पर, कान में हेडफोन्स लगा कर ज्यादा समय गाने सुनने पर।
क्यों में डर जाता हूँ..
अब बस..... और डर नही... और आलस नहीं ... और गुस्सा नही ... और समय waste नहीं ... और बहाने नहीं ...
जिंदगी है , कुछ तो बड़ा जरूर करेंगे , खुदको बड़ी उचाईयो पर देखेंगे, सपनो से आगे जी के दिखेंगे , एक मिसाल बनेंगे , लेकिन ऐसे तो नहीं मरेंगे , और इस जगह तो बिलकुल नहीं।
आपको यह तो जरूर याद होगा जो Bill gates ने कहा था..
" गरीब पैदा होना येह आपका दोष नहीं है ,
लेकिन आप गरीब मरते है यह आपका दोष है। " इन कही न कही पर एक डर जरूर छुपा होता है , जो हमारे दिमाग में घूमते रहता है। की अगर मैंने यह काम किया तो ऐसी मुसीबत देखनी पड़ेगी या पैसो को invest करने में डर।
इसी डर के वजह से हम कई बार एक बड़ी opportunity भी खो देते है , अरे अभी शुरुआत नहीं करोगे तो कब करोगे , यही तो उम्र है कुछ नया करना और failure का सामना करने की।
अगर हम किसी चीज़ को करते है और वो डर सच भी होता है तो हमे एक experience मिलता है। तभी हमारी गलती नजर आती है।
सिर्फ नसीब के सहारे बैठे रहते तो आज elon musk ,thomas alva edison जैसे लोग हमे नहीं देखने मिलते।
यह बात भी सही है , "की जिंदगी नसीब से चलती है , और अगर दिमाग से चलती तो बीरबल बादशाह होता"।
लेकिन इस विषय में बीरबल अपनी जगह सही था, वो राजा का कार्य करने में समर्थ नहीं था , बीरबल को राजा बनने की कभी इच्छा नहीं थी और नहीं की अकेले सम्राट हो सकता था।
इसी तरह आप कोई काम करते हो और उसमे आपको डर लगे तो यह भी अच्छी बात है क्यों की अगर मन डर ही नहीं होगा और आगे चलके आपके काम में कोई बड़ी समस्या आये तो आप उससे लड़ने के लिए तैयार भी नहीं होंगे क्यूंकि यह समस्या के बारे में तो अपने नहीं सोचा था , इसको अपने डर के रुपमें देखा ही नहीं था।
इस वजह से डर आपको आगे बढ़ने, लड़ने के काम आता है। एक तरह से यह PlanB की तरह काम आता है।
डर कभी हमे पीछे नहीं खींचता और नहीं की हमारे बुरे के लिए होता है, वह अपने जगह सही है अगर आगे बढ़ना हो तो हमे डर से जितना है डर को निकाल देना नहीं। क्यों हमारे लिए खतरा क्या है यह डर ही रुबरुह करता है।
हर कोई यही समजता है की डरना बुरी बात है , हां हमे कई बार हिम्मत दिखानी चाहिए, लेकिन goal हासिल करने की बात आये तब वही सफल हो पाए जिन्होंने डर पे भी जीत हासिल की।
इसी तरह जिंदगी में हर एक भावना हमारे लिए जरुरी होती है , हम इसे पूरी तरह से मिटा नहीं सकते,
डर पर जीत हासिल करने का एक ही तरीका है जिस चीज में डर लगता है वोह करदो और कोई रास्ता नहीं है डर को ख़तम करने का !
डर के विषय में दूसरे तरीके के बारेमे हम दूसरे आर्टिकल में जानेंगे तब के लिए खुश रहे , स्वस्थ रहे !
आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद !

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