राष्ट्रहित एवं जनहित में कार्य करने वाले तमाम लोगो को समर्पित
ये कैसी प्रलय घड़ी आयी है,
कितनों ने प्राण गंवायी है।
घर से बाहर ना जाने को,
इंसानों ने कसमें खायी है।।
चाहे भारत हो या विदेश,
सूना पर गया सारा देश।
फैला कर जन जन में संदेश,
जान बचाना मात्र उद्देश्य।।
धन्य हैं डॉक्टर मतवाले,
लोगों की जान बचाने वाले।
निश्छल भाव से सेवा करते,
प्राणों की आहुति से नहीं डरते।।
ये भी हैं भारत की संतान,
लोग कहते जिसे पुलिस जबान।
डर,भय से रक्षा करना इनका काम,
आओ मिलकर करें इन्हें सलाम।।
सुनो भाई कर्मियों सफाईवाले,
तुम्हे नही हम भुलनेवाले।
तुम करते हो यह कार्य विशेष,
साफ सफाई का फैलाते संदेश।।
किसान भाई का काम निराला,
अन्न उपजा कर देते निवाला।
खेती करना नही काम आसान,
हम सब करते बारम्बार प्रणाम।।
✍️ सुमन
कितनों ने प्राण गंवायी है।
घर से बाहर ना जाने को,
इंसानों ने कसमें खायी है।।
चाहे भारत हो या विदेश,
सूना पर गया सारा देश।
फैला कर जन जन में संदेश,
जान बचाना मात्र उद्देश्य।।
धन्य हैं डॉक्टर मतवाले,
लोगों की जान बचाने वाले।
निश्छल भाव से सेवा करते,
प्राणों की आहुति से नहीं डरते।।
ये भी हैं भारत की संतान,
लोग कहते जिसे पुलिस जबान।
डर,भय से रक्षा करना इनका काम,
आओ मिलकर करें इन्हें सलाम।।
सुनो भाई कर्मियों सफाईवाले,
तुम्हे नही हम भुलनेवाले।
तुम करते हो यह कार्य विशेष,
साफ सफाई का फैलाते संदेश।।
किसान भाई का काम निराला,
अन्न उपजा कर देते निवाला।
खेती करना नही काम आसान,
हम सब करते बारम्बार प्रणाम।।
✍️ सुमन
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