भारतीय रेल से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
16 अप्रैल 2020 को भारतीय रेल का 165वां जन्मदिन था। भारत में सबसे पहले रेल 16 अप्रैल 1853 में शुरू हुआ। अंग्रेजी शासन ने ही रेल का परिचालन कराया, सबसे पहले रेल छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से ठाणे के बीच चली ये रेल। उस समय छत्रपति शिवाजी टर्मिनल को बंदर बोरी कहा जाता था, इस रेल में कुल 400 लोग सवार हुए थे और यह 34 किलोमीटर का सफर 1.15 मिनट में पुरा किया।
भारतीय रेल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यहां हर रोज लोग इतनी यात्रा करते हैं जितना किसी एक देश का जनसंख्या होता है। भारत में अभी 8338 रेलवे स्टेशन है जो भारत के हर कोने कोने में है। भारत में कुल 12,617 रेल गाड़ी है और 7349 मालगाड़ी है। यहां टोटल ट्रेक की लंबाई 115,000 किलोमीटर है। यहां रोजाना लगभग 2.50 करोड़ लोग सफर करते हैं। रेलवे में काम करने वाले लोगों की संख्या 15 लाख से ज्यादा है और लोग अभी बढ़ ही रहे हैं।
सबसे ज्यादा दूरी के लिए चलाई जाने वाली रेल है डिब्रुगढ़ से कन्याकुमारी जिसका नाम विवेक एक्सप्रेस है जिसकी दूरी 4286 किलोमीटर है। यह 80.15 घंटे में सफर तय करती है और 55 स्टेशनों पर रुकती है। और सबसे छोटी दूरी का रेल नागपुर से अजनी है जो बस 3 किलोमीटर के लिए चलाई जाती है।
भारतीय रेल सबसे पहले 1936 में एसी डिब्बे वाला बना। 1986 से रेलवे में कम्प्यूटर पर रिजर्वेशन शुरू हुआ। रेलवे ने रेल के डिब्बे में 1909 में पहली बार टायलेट बनबाया। दुनिया के सबसे तीन लंबे रेलवे प्लेटफार्म में तीनों भारत के ही प्लेट फार्म है। भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन गोरखपुर में है।
भारतीय रेल तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेल से जुड़ा है। पहला समझौता एक्सप्रेस जो दिल्ली से लाहौर जाती, दुसरा लाहौर एक्सप्रेस जो जोधपुर से करांची जाती तीसरा मैत्री एक्सप्रेस जो कोलकाता से ढाका जाता है।

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