69000 SHIKSHAK BHARTI सूचना के अधिकार में बदला सवाल का जवाब
प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती में पूछे सवालों के जवाब का विवाद हाईकोर्ट के फैसले से हो चुका है। अब फिर सोशल मीडिया पर एक प्रश्न के जवाब को लेकर हंगामा मचा है। वजह, लोकसभा सचिवालय से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उसका जवाब मांगा गया, सचिवालय ने जो जवाब दिया है वह प्रश्न के जवाब से इतर है। इससे अभ्यर्थी फिर मांग कर रहे हैं कि उन्हें परीक्षा में अंक और दिया जाए।
बेसिक शिक्षा परिषद की प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक की लिखित परीक्षा में प्रश्न पूछा गया था कि भारत की संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे, परीक्षा संस्था ने इसका जवाब विषय विशेषज्ञों के अनुसार सच्चिदानंद सिन्हा माना है, जबकि सूचना का अधिकार में पूछे गए इसी प्रश्न का जवाब लोकसभा सचिवालय ने राजेंद्र प्रसाद दिया है। अभ्यर्थियों का एक वर्ग इसकी मांग लंबे समय से कर रहा था। इसी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका हुई उसमें डबल बेंच ने विषय विशेषज्ञों के जवाब को सही ठहराया है। उधर, परीक्षा संस्था के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि यह जवाब उन्होंने नहीं तय किया है, बल्कि विषय विशेषज्ञों का है। कोर्ट ने भी सही माना है। इसलिए विवाद की गुंजाइश नहीं है।
बेसिक शिक्षा परिषद की प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक की लिखित परीक्षा में प्रश्न पूछा गया था कि भारत की संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे, परीक्षा संस्था ने इसका जवाब विषय विशेषज्ञों के अनुसार सच्चिदानंद सिन्हा माना है, जबकि सूचना का अधिकार में पूछे गए इसी प्रश्न का जवाब लोकसभा सचिवालय ने राजेंद्र प्रसाद दिया है। अभ्यर्थियों का एक वर्ग इसकी मांग लंबे समय से कर रहा था। इसी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका हुई उसमें डबल बेंच ने विषय विशेषज्ञों के जवाब को सही ठहराया है। उधर, परीक्षा संस्था के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि यह जवाब उन्होंने नहीं तय किया है, बल्कि विषय विशेषज्ञों का है। कोर्ट ने भी सही माना है। इसलिए विवाद की गुंजाइश नहीं है।

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