राजस्थान के महत्वपूर्ण नगरों के प्राचीन नाम पूरी जानकारी के साथ - राजस्थान के इतिहास की महत्वपूर्ण टिप्पणियां - Ancient Names Of Current Cities Of Rajasthan
Rajasthan GK tricks | Rajasthan ka itihaas | Rajasthan general knowledge. | Rajasthan ke ke shahron ke purane Naam.
राजस्थान जीके ट्रिक | राजस्थान के वर्तमान शहरों के पुराने नाम | राजस्थान जीके हिंदी में | राजस्थान का सामान्य ज्ञान | Rajasthan ke vartman shahron ke prachintam naam
Hello दोस्तो आज हम जानेगे की अपने वर्तमान राजस्थान के जो महत्वपूर्ण शहर हैं उनको इतिहास पे किन नामो से जाना जाता था। तो चलिये हम सुरू करते हैं -
1. ढूँढार:- जयपुर, पश्चिमी सवाई माधोपुर व उत्तरी टोंक का क्षेत्र ढूँढ़ारकहलाता है। यह नाम 'ढूँढ नदी' के कारण पड़ा। ढूँढार राज्य की स्थापना 1137 ई0 में कछवाहा वंश के 'दूलह राय' ने की।
2. शेखावटी:- सीकर एवं झुंझुनू, उत्तर-पूर्वी नागौर, पूर्वी चुरू संयुक्त रूप से शेखावटी कहा जाता हैं। राव शेखा जिनका जन्म 1480 ई0 में हुआ, इन्हीं के नाम पर शेखावटी नाम पड़ा।
3. खेराड़एवं माल खेराड़ :- बनास नदी बेसिन का अधिकांश भाग अर्थात् भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील एवं टोंक जिले के अधिकांश भाग पर यह क्षेत्र विस्तृत हैं।
4. ऊपरमाल:- भैंसरोड़गढ़ से लेकर बिजौलिया तक के पठारी प्रदेश जिसमें भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़ व बूंदी जिले के भाग सम्मिलित हैं। आर्द्र प्रदेश होने के कारण कृषि की दृष्टि से महत्तवपूर्ण हैं। बिजौलिया किसान आन्दोलन यहीं से शुरू हुआ था।
5. छप्पन का मैदान - प्रतापगढ़ और बाँसवाड़ा के मध्यवर्ती भाग में छप्पन ग्राम समूह थी एव इस भू–भाग का नाम 'छप्पन क्षेत्र' पड़ गया। इस मैदान मेंसोम, माहीं, जाखम नदियाँ बहती हैं।
6. भौमटइस क्षेत्र के अन्तर्गत दूंगरपुर, पूर्वी सिरोही, उदयपुर जिलों का अरावली पर्वतीय अगम्य क्षेत्र सम्मिलित हैं।
7. भौराट का पठार :- गोगुन्दा व कुम्भलगढ़ के बीच अवस्थित अरावली पर्वतीय क्षेत्र हैं।
8. मेरवाड़ा. :- यह क्षेत्र अजमेर जिले के अधिकांश भाग खेर (राजसमंद) व टाटगढ़ पर विस्तृत हैं।
9. थली या उत्तरी मरूभूमि :- इस क्षेत्र में बीकानेर, चुरू का अधिकांश भाग, दक्षिणी गंगानगर तथा दक्षिणी-पूर्वी हनुमानगढ़ के मरूस्थलीय भाग आदि सम्मिलित हैं।
10. गोड़वाड़:- यह क्षेत्र लूनी बेसिन का ही एक अंग है जिसके अन्तर्गत दक्षिणी-पूर्वी बाड़मेर, जालौर तथा पश्चिमी सिरोही, दक्षिण-पश्चिम पाली सम्मिलित हैं।
11. गिरवा:- उदयपुर के चारों ओर पहाड़ियाँ होने से इस क्षेत्र को गिरवा के नाम से पुकारा जाता हैं।
12. पुष्प क्षेत्र:- डूंगरपुर और बाँसवाड़ा को संयुक्त रूप से 'बांगड़ कहा जाताहै। घने जंगलों और पुष्प सलिला माही नदी के इस भू-भाग को 'पुष्प क्षेत्र' भी कहा जाता है।
14 जांगल देश :- वर्तमान बीकानेर और जोधपुर के जिले महाभारत काल में जांगल देश कहलाते थे। बीकानेर राज्य के राज्य चिह्न में 'जय जगंलधर बादशाह' लिखा मिलता हैं। इसकी राजधानी 'अहिच्छत्रपुर' थी जिसको वर्तमान में 'नागौर' कहते हैं।
15. यौद्वेय:- गंगानगर के आस-पास का प्रदेश यौद्वेय कहलाता था।
16. शूरसेन देश :- महाजनपद युग में भरतपुर और धौलपुर राज्य तथा करौली राज्य के अधिकांश भाग शूरसेन देश के अन्तर्गत आते हैं।
17. विराट:- जयपुर, टोंक के चारों ओर का प्रदेश 'विराट' कहलाता था। इसकी राजधानी 'विराट नगर' थी।
18. शिवि :- उदयपुर राज्य का प्राचीन नाम 'शिवि' था। जिसकी राजधानी 'मध्यमिका' थी। आजकल मध्यमिका को 'नगरी' कहते हैं जो चित्तौड़ के 11 किमी. उत्तर में हैं। यहां पर 'मैव' जाति का अधिकार रहा जिससे उसे'मेदपाट' या 'प्राग्वाट' भी कहा जाने लगा।
19. बांगड़:- डूंगरपुर, बाँसवाड़ा के प्रदेश को 'व्याघ्रवाट', बाद में 'बांगड़' कहते थे। आज भी यह भाग उसी नाम से जाना जाता हैं।
20. गुर्जरत्रा- जोधपुर, पाली का समीपवर्ती प्रदेश 'गुर्जरत्रा' कहलाता था।
21. माड - जैसलमेर राज्य का पुराना नाम माड था। इसे प्राचीनकाल में 'वल्ल देश' भी कहा जाता था। इसे 'दुंगल' नाम से भी जाना जाता था।
22. श्रीमाल बाड़मेर का प्रदेश पहले 'श्रीमाल', बाद में भीनमाल' के नाम से भी जाना जाता था।
23. अबूंद:- सिरोही व आबू के आस-पास का क्षेत्र आबूंद देश कहलाता था। इसे 'चन्द्रवती' भी कहा जाता था। 11. राजपूताना :- जॉर्ज थॉमस ने सन् 1800 में देश के इस भाग के लिए सर्वप्रथम 'राजपूताना' शब्द का प्रयोग किया। कर्नल टॉड ने इस राज्य का नाम
24.-मेवात प्रदेश:- इसमें अलवर, भरतपुर, धौलपुर-एवं-करोली का पूर्वी भाग एवं चम्बल के बीहड़ क्षेत्र सम्मिलित हैं। इसे 'मत्स्य प्रदेश' भी कहते हैं। यहां ब्रज बोली जाती हैं। सर्वप्रथम राजस्थान निर्माण के समय यह क्षेत्र मत्स्य संघ के रूप में 17 मार्च, 1948 को सम्मिलित हुआ।
मेने आज आपको Rajasthan के विभिन्न महत्वपूर्ण नगरों के प्राचीन नाम पूरी जानकारी के साथ संबंधित पूरी जानकारी देने की कोशिश की है अगर इसके बारे में आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करें और अगर यह जानकारी आपको फायदेमंद लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें
Comments
Post a Comment
Ask me anything here...