राजस्थान - का परिचय || राजस्थान का नाम केसे पड़ा
Hello दोस्तों
मे tricky electrical man से
आज आपको मे बताने जा रहा हु की अपने राजस्थान का नाम केसे पड़ा व किसके द्वारा राजस्थान का नाम राजस्थान रखा गया। इस blog मे आप को राजस्थान के बारे बहुत कुछ जानने को मिलेगा तो चलो सुरू करते हैं
राजस्थान - का - परिचय
राजस्थान हमारे देश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है, जो हमारे देश के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह भू–भाग प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक कई मानव सभ्यताओ के विकास एवं पतन की स्थली रहा है।
![]() |
| राजस्थान - का परिचय || राजस्थान का नाम केसे पड़ा |
यहाँ पूरा-पाषाण युग, कांस्य युगीन सिंधु सभ्यता की प्राचीन बस्तियाँ, वैदिक सभ्यता एवं ताम्रयुगीन सभ्यताएँ खूब फली फूली थी।
छठी शताब्दी के बाद राजस्थानी भू–भाग मे राजपुत राज्योका उदय प्रारम्भ हुआ। जो धीरे धीरे सम्पूर्ण क्षेत्र में अलग-अलग रियासतो के रूप मे विस्तृत हो गयी। ये रियासते राजपूत राजाओ के अधीन थी। राजपूत राजाओ की प्रधानता के कारण कालांतर मे इस सम्पूर्ण क्षेत्र को "राजपूताना” कहा जाने लगा। वाल्मीकि ने राजस्थान प्रदेश को "मरूकांतार" कहा है।
राजस्थान शब्द का प्राचीनतम प्रयोग "राजस्थानीयादित्य" वी.स. 682 मे उत्कीर्ण वसंतगढ़ (सिरोही) के शिलालेख में उपलब्ध हुआ है। उसके बाद मुहणौत नैन्सी के ख्यात व रजरूपक मे राजस्थान शब्द का प्रयोग हुआ है। परंतु इस भू–भाग के लिए राजपूताना शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम 1800 ई. मे जॉर्ज थॉमस द्वारा किया गया था।
कर्नल जेम्स टॉड (पश्चिमी एवं मध्य भारत के राजपूत राज्यो के पॉलिटिकल एजेंट) ने इस राज्य को "रायथान" कहा, क्योंकि स्थानीय साहित्य एवं बोलचाल मे राजाओ के निवास को रायथान कहते थे।
उन्होने1829 ई. मे लिखित अपनी प्रसिद्ध ऐतिहासिक पुस्तक "Annals & Antiquities of Rajasthan" or Central and Western Rajpoot States of India में सर्वप्रथम इस भौगोलिक प्रदेश के लिए "Rajasthan"शब्द प्रयुक्त किया।
स्वन्त्रता के पश्चात 26 जनवरी 1950 को औपचारिक रूप से इस प्रदेश का नाम "राजस्थान" स्वीकार किया गया।
स्वतन्त्रता के समय राजस्थान 19 देसी रियासतो, 3 ठिकाने कुशनगढ़, लावा व नीमराना तथा चीफ कमिश्नर द्वारा प्रशाषित अजमेर मेरवाड़ा प्रदेश में विभक्त था। स्वतंत्रता के बाद अजमेर-मेरवाड़ा के प्रथम एवं एकमात्र मुख्यमंत्री श्री हरिभाऊ उपाध्याय थे। राजस्थान अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवम्बर, 1956 को आया। मे आशा करता हु की आपको राजस्थान के बारे मे दी गई जानकारी अछि लगी होगी येसी ही रोचक बातो के किए आप like करे अपनी पोस्ट को
यदि आप इशी जानकारी को video के द्वारा समझना चाहते है जो नीचे दिये गए लिंक से video देखे
धन्यवाद

Comments
Post a Comment
Ask me anything here...