अजब-गजब : एक ऐसा गांव जहां हर घर में घूमते हैं जहरीले सांप, लोग खेलते हैं और साथ भी सुलाते हैं - Wikipedia Hindi

snake Village Nagchun
नागचुन गांव में लोगों के घरों में घूमते सांप

नमस्कार दोस्तों, विकिपीडिया हिंदी में आपका स्वागत है। सांप एक ऐसा जीव हैं, जिसे देखकर बड़े-बड़े लोग डर जाते हैं। चाहे सांप जहरीला हो या ना, लेकिन सांप के नाम से ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, यहां सांप को घरों में रखा जाता है। लोग सांप को अपने साथ सुलाते हैं। आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने वाले हैं, जहां लोग घरों में सांप पालते हैं। तो आईए आज जानते हैं कुछ नया......




मध्य प्रदेश के एक गांव में इतने अधिक मात्रा में सांप निकलते थे कि उन्हें चुन-चुनकर पकड़ा जाता था। यह गांव खंडवा शहर के नजदीक है। अधिक मात्रा में सांपों के निकलने के वजह से इस गांव का नाम भी नागचुन पड़ गया। नागचुन गांव में हर घर में सांप रखे जाते हैं। लोग सांप के साथ खेलते रहते हैं, लेकिन सांप उन्हें कुछ भी नहीं कहते हैं। इसीलिए यह गांव अजब-गजब है।


snake Village Nagchun


नागचुन गांव की सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि विषैले सांप केवल इस गांव के खेतों और गलियों में ही नहीं बल्कि घरों के बेडरूम, किचन और कपड़ों के हेंगर पर भी लटकते हुए नजर आ जाते हैं। हालांकि, पहले के अपेक्षा अब खेतों में रासयनिक खाद का अधिक इस्तेमाल होने के कारण अब सांपों की संख्या कम होती जा रही है।




नागचुन हवाई पट्टी के सामने 16 एकड़ में फैले खेत में एक पंडित अपने परिवार के साथ रहते हैं। पंडित के खेत और गांव में हजारों जहरीले सांप हैं। ये सांप घरों में आकर किचन, बेडरूम, बाथरूम व आंगन में आकर बैठ जाते हैं। 5-6 पीढ़ियों से उनका परिवार इस जगह पर रह रहा है, लेकिन कभी किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।


इस गांववासी बताते हैं कि कोई भी शुभ कार्य या शादी की शुरुआत नाग देवता के मंदिर में पूजा से होती है। साथ ही नागचुन गांव में नागपंचमी ही नहीं बल्कि हर महीने की पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। इसी वजह से नाग देवता उन्हें कुछ नहीं कहते हैं। सांप की वह पूजा करते हैं।

snake Village Nagchun



जंतु विज्ञान के विशेषज्ञों के अनुसार नागचुन गांव की भौगोलिक स्थित सांपों के लिए बेहद अनुकूल है। यहां बांस के पेड़ के अलावा तालाब, नहर, नाला और चट्टानी इलाका है, जो सांपों के रहने के लिए प्राकृतिक रूप से सही जगह होता है। क्योंकि ऐसे जगहों पर सांपों को भोजन, सुरक्षा और हेचरी आसानी से मिल जाते हैं।


नागचुन गांव का विषैले सांपों से बहुत पुराना नाता है। यहां के निवासी बताते हैं कि गांव में कई परिवार ढाई सौ साल से रह रहे हैं। गांव में सांपों को पकड़ने वाले कालबेलियों का गांव में प्रवेश प्रतिबंधित है। साल 1894 में अंग्रेजों ने इस गांव में 5200 एकड़ भूमि पर तालाब बनवाया, जिससे खंडवा शहर को जल आपूर्ति होती थी। इस गांव में रहने वाले सांप लोगों को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और गांव के लोग भी इन्हें कभी नहीं मारते हैं।




नागचुन गांव में भारत के सबसे विषैले माने जाने वाले सांप इंडियन कोबरा, इंडियन ग्रेट, रसेल वाईपर, एलबिनो कोबरा, पद्मा नागिन, धामन जैसे सांपो के अलावा और 30 फीट तक लंबा अजगर भी अक्सर दिखाई देता है। इस गांव में कुल आबादी एक हजार के आसपास है। जहरीले सांपों के बीच में रहने के बावजूद भी इस गांव में सर्पदंश के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं।



अजीबो गरीब


snake Village Nagchun

दोस्तों नागचुन गांव को एक ऐसा गांव हैं, यहां लोग सांप को अपना परिवारिक सदस्य समझते हैं। इसी लिए सांप को बहुत ज्यादा महत्तता दी जाती हैं, वहीं सांप भी यहां के निवासियों को कुछ नहीं कहते हैं। इसी कारण गांव का नाम नागचुन पड़ा था। अगर आपको भी एक बार मौका मिले तो आप भी इस गांव को देख सकते हैं, जो हकीकत में ही अजीबों-गरीब गांव हैं।




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