काम की बात / बेकार पड़े बैंक अकॉउंट को नहीं करवाया बंद तो ये होगा नुकसान - Wikipedia Hindi

Multiple Bank account


Multiple Bank Account : नमस्कार दोस्तों विकिपीडिया हिंदी में आपका स्वागत है। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐसी योजनाएं शुरू की है, जिसका देशवासियों को बहुत फायदा हुआ है। जब से मोदी सरकार आई है, तब से हर किसी का बैंक अकाउंट है। जीरो बेलेंस में जन धन अकॉउंट खुलवाने वाली योजना शुरू होने के कारण गरीब लोगों द्वारा भी अपना बैंक अकॉउंट खुलवा लिया। लेकिन कई बार हम अलग अलग बैंकों में एक से ज्यादा अकॉउंट खुलवा लेते हैं, जिसे मल्टीपल बैंक अकॉउंट कहा जाता है।


कई बार न चाहते हुए भी सैलरी अकाउंट या अन्य कारणों से कई लोगों को एक से ज्यादा बैंक अकाउंट खुलवाने पड़ते हैं। इनमें से कुछ खातों का समय के साथ इस्तेमाल कम हो जाता है, लेकिन हम फिर भी उन्हें बंद नहीं कराते हैं। इसके कारण आपको कई तरह के नुकसान उठाने पड़ते हैं। लेकिन लोग इसे हल्के में लेकर छोड़ देते हैं, जो बाद में आपके लिए बड़े परेशानी का कारण बन जाता है।

ये पढ़े- बेकार पढ़े बैंक अकॉउंट को कैसे करवाएं बंद, जानिए अकॉउंट बंद करने की प्रक्रिया?

आज हम इस आर्टिकल में आपको ऐसे कारणों के बारे में बता रहे हैं, जो आपको समझने में मदद करेंगे कि आपको क्यों अपने इस्तेमाल में न आने वाले बैंक अकाउंट बंद कर देने चाहिए और ये आपको क्या व कितना नुकसान पहुंचा सकता है।


बैंक अकॉउंट एक्टिव रखने के लिए क्या जरूरी है?


अगर अपके पास बैंक अकॉउंट है तो उसे एक्टिव रखना भी बहुत जरूरी है। बहुत से लोग क्या करते हैं कि बैंक अकॉउंट तो खुलवा लेते हैं लेकिन बाद उसमें न तो कोई पैसा जमा करवाते हैं और न ही कोई ट्रांजेक्शन करते हैं। इसके बाद किसी कारण नया बैंक अकॉउंट खुलवा लेते हैं और पुराने वाला बैंक खाता बेकार पड़ा रहने देते हैं, उसे बंद तक नहीं करवाते हैं।


बैंक अकॉउंट को एक्टिव रखने के लिए बैंक खातों में एक मंथली एवरेज बैलेंस रखना होता है, जो 500 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक होता है। मंथली एवरेज बैलेंस ना रखने पर बैंक अपनी पॉलिसी के हिसाब से आपके खाते से पैसे काट सकता है। बैंक 150 रुपए तक का चार्ज वसूलते हैं। अलग-अलग बैंकों में मिनिमम बेलेंस रखने की पॉलिसी अलग अलग होती है। इसलिए आपको अपने बैंक की पॉलिसी के हिसाब से ही मिनिमम बेलेंस रखना होगा।



नौकरी छोड़ने पर बंद करा दें अकॉउंट


आजकल सैलरी अकाउंट का बहुत ज्यादा ट्रेंड है। नौकरी पेशा व्यक्ति अपना सैलरी अकाउंट जरूर खुलवाता है। जिसमें हर महीने नियमित उसकी सैलरी आती है, लेकिन कई बार नौकरी बदलने के कारण या फिर किसी अन्य कारण आप किसी दूसरे बैंक में अपना सैलरी अकाउंट खुलवा लेते हैं और पुराने बैंक अकाउंट को बंद करना भूल जाते हैं।


जीरो बैलेंस वाला आपका सैलरी अकाउंट भी लगातार 3 महीनों तक सैलरी ना आने पर सेविंग अकाउंट में तब्दील हो जाता है। जिसमें आपको आम सेविंग अकाउंट की तरह ही मंथली एवरेज बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको बैंक की पॉलिसी के अनुसार चार्ज देना पड़ता है। इसलिए नौकरी छोड़ने के बाद सैलरी अकॉउंट बंद करवा देना चाहिए।



डेबिड कार्ड के लिए भी देना होता है शुल्क 



बैंक में खाता खुलवाने पर कोई अलग से चार्ज नहीं लगता लेकिन बहुत से बैंक अपने डेबिट कार्ड पर कुछ फीस लेते हैं। ये फीस सालाना 100 रुपए से 1000 रुपए तक होती है। ये आपके अकाउंट में अपने आप काट ली जाती है। अगर आप अपने अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तब भी आपको डेबिट कार्ड की फीस भरनी पडे़गी।


SMS भेजने का भी चार्ज वसूलते हैं बैंक


बैंक आपके फोन पर SMS भेजने का चार्ज भी वसूलते हैं जो 30 रुपए प्रति तिमाही हो सकता है। इसके अलावा फोन करके बैलेंस जानने की सुविधा के लिए भी बैंक शुल्क वसूलता है। इसलिए बेकार पड़ा बैंक अकॉउंट भी आपके लिए परेशानी बन सकता है।


SBI और Punjab National Bank में मिनिमम बेलेंस न रखने के चार्ज



■ भारतीय स्टेट बैंक (State Bank Of India) - SBI में ग्रामीण, अर्ध शहरी, शहरी और मेट्रो सिटियों के अलग-अलग जगहों के हिसाब से सेविंग्स अकाउंट के लिए तय मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस बरकरार न रखने पर चार्ज 5 रुपये प्लस GST से लेकर 15 रुपये प्लस GST तक है।


■ पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) -  पंजाब नेशनल बैंक में ग्रामीण, अर्ध शहरी, शहरी और मेट्रो सिटी में अलग-अलग जगहों के हिसाब से सेविंग्स अकाउंट में तय मिनिमम बैलेंस मेंटेन न रखने पर चार्ज प्रति तिमाही 50 रु प्लस GST से लेकर 250 रुपये प्लस GST तक है।


निष्कर्ष ::---


दोस्तों माना कि सेविंग के लिए बैंक अकाउंट बहुत जरूरी है, लेकिन ऐसी सेविंग का भी क्या फायदा जो आपकी लापरवाही के कारण आपको जोखिम में डाल दें और जिसका आपको बाद में नुकसान झेलना पड़े। इसलिए समय रहते ही अपने बेकार पड़े बैंक अकाउंट को बंद करवा देना चाहिए अन्यथा आप को नुकसान हो सकता है।


उम्मीद करते हैं कि आप समझ गए होंगे कि मल्टीपल बैंक अकॉउंट से आपको कितना नुकसान होने वाला है। अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आए तो Whatsapp और Facebook पर शेयर जरूर करें और कॉमेंट करके बताएं आपको जानकारी कैसे लगी।

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