नागपंचमी मुबारक : क्या आप नाग देवता के बारे में जानते है? - Wikipedia Hindi


nag panchami in hindi

नमस्कार दोस्तों, विकिपीडिया हिंदी में आपका स्वागत है। आज नागपंचमी है। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पूरे भारत में नाग देवता की पूजा अर्चना की जाती है। इसी दिन नामपंचमी मनाई जाती है। लोग सुबह-सुबह नाग देवता की पूजा करने मंदिरों में जाते हैं। आज हम आपको पूरी दुनिया में सांप की प्रजातियों और सांप के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं। इसलिए ध्यान से पूरा पढ़ने के लिए पहले से ही धन्यवाद.....


दोस्तों नागपंचमी के दिन लोग सांप की पूजा तो करते हैं, साथ में नाग को दूध भी पिलाते हैं। कहते हैं कि सांप को दूध पिलाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अगर भगवान खुश होंगे तो उनकी कृप्या हमपर बनी रहेगी। लेकिन हमारे विशेषज्ञ कहते हैं कि सांप को दूध नहीं पिलाना चाहिए। क्योंकि सांप एक मांसाहारी जीव है। सांप को दूध नहीं पचता है। दूध पिलाने से सांप को निमोनिया हो सकता है, जिससे उसकी मौत भी हो सकती है। इसलिए आप भगवान को खुश करने के चक्कर में किसी नाग देवता को न मार दें। इसलिए मंदिर में जाकर भगवान की पूजा करें और दान पुन्न अवश्य करें।


ये तो हुई नागपंचमी पर सांप को दूध पिलाने से संबंधित सलाह। अब क्या आपको पता हैं कि दुनिया में कितने प्रकार से सांप हैं? दुनिया और भारत में सांप की कितनी प्रजातियां है? क्या सभी सांप जहरीले होते हैं? अगर नहीं तो सांप की कितनी प्रजातियां जहरीली होती है? इसके अलावा आज हम सांप देवता से जुड़ी कहानियों के बारे में भी बात करने वाले है। तो आईए करते हैं शुरू.....


दुनियाभर में करीब 2500 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं। इनमें अपने देश में ही लगभग 250 तरह के सांप हैं। यह बात तो तुम जानते ही होंगे कि सारे सांप जहरीले होते है। सांपों से जुड़ी इसी तरह की जानकारी से आपको रूबरू कराते हैं। अपने देश में पाए जाने वाले सांपों में करीब 50 प्रजाति के जहरीले होते हैं। इनमें कोबरा, मनीर, गोनस व फर्सा सबसे ज्यादा जहरीले होते हैं।


चिकित्सा के क्षेत्र में सांपों के विष का बड़ा महत्त्व होता है। लेकिन यह काफी दुखद है कि पिछले कुछ वर्षों से विषैले सांपों की संख्या लगातार घट रही है। विष वाले सांपों की तुलना में बिना विष वाले सांपों की संख्या अधिक है। बता दें, न्यूजीलैंड और आयरलैंड में सांप बिल्कुल नहीं पाए जाते हैं। दुनियाभर में सबसे जहरीला सांप आस्ट्रेलियन टाइगर होता है और विषैले सांप में सबसे लंबा सांप किंग कोबरा है।


किंग कोबरा नाग नहीं होता, लेकिन नाग की तरह फन निकालता है। वैसे विश्व का सबसे लम्बा सांप एनाकोंडा है, जिस पर फिल्म भी बन चुकी है, लेकिन यह अचरज वाली बात है कि यह जहरीला नहीं होता है। भारत में सबसे लम्बा सांप रेटिक्युलेटेड पायथन है और वह भी जहरीला नहीं होता है।


सबसे जहरीला सांप मनीर है। इसमें नाग की अपेक्षा दस गुना अधिक जहर होता है। मनीर का शरीर काला नीला होता है, उस पर सफेद धारियां होती हैं। यह दिन में आराम करता है और रात में शिकार की तलाश में निकलता है। मिट्टी और पत्थर के ढेर में छिपने की उसकी आदत होती है। फर्सा का शरीर बाकी सांपों की तुलना में छोटा होता है। इसके पूरे शरीर में गहरे भूरे और सफेद निशान होते हैं।


फर्सा मेंढ़क, पक्षी, छिपकलियां, गिरगिट खाता है, साथ ही अन्य सांपों और बिच्छू को चट कर जाता है। सांपों का जहर कई विषैले तत्त्वों और एंजाइम व प्रोटीन से मिलकर बना होता है। नाग और मनीर का विष मनुष्य की तंत्रिका प्रणाली पर असर करता है, जबकि गीनस व फर्सा का विष रक्त संचार पर। भारी भरकम शरीर वाले चपटे तिकोने से सिर वाले गोनस पर चेन पैटर्न होते हैं, इसलिए इसकी पहचान करना सरल होता है।


विशेषकों के अनुसार इनके अलावा ज्यादातर सांप सिर्फ डराने के काम वाले होते हैं। माना कि सांप एक जहरीला जीव है, लेकिन इनमें इतना जहर भी नहीं होता कि मौके पर ही मनुष्य की मौत हो जाए। उपर बताई चार प्रजातियां ऐसी हैं, जिनके डंसने से व्यक्ति का मौके पर इलाज न हुआ तो मौत होना संभव है। इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा जहरीला सांप कहा जाता है।


हमने कहानियों व फिल्मों में देखा है कि कुछ सांप मणिधारी होते हैं। लेकिन विज्ञान ये नहीं मानता है, क्योंकि अभी तक किसी भी रिसर्च में ऐसे किसी सांप के बारे में पता नहीं चला है। ये एक भ्रम है। कोबरा सांप जब फन फैलाता है तो उसे फन के ऊपर एक चमकीला निशान दिखाई देता है। अंधेरे में जब इस पर प्रकाश पड़ता है तो ये चमकता है। हो सकता है कि इसी को लोग मणि समझते हों और कहते हों कि सांप मणिधारी होते हैं।


नाग देवता के जन्म से जुड़ी कथा...



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नाग की उत्पत्ति के संबंध में महाभारत की एक कथा के अनुसार ऋषि कश्यप और दक्ष पुत्री कद्रु से नागों का जन्म हुआ है। कद्रू और कश्यप से एक हजार नाग प्रजातियों का जन्म हुआ था। इनमें से आठ नाग प्रमुख थे। वासुकि, तक्षक, कुलक, कर्कोटक, पद्म, शंख, चूड़, महापद्म और धनंजय। नागों की ये आठ मूल प्रजातियां थीं।

इन्हीं से कई उप प्रजातियां बनीं। वासुकि इन सब नागों के बड़े भाई थे। वे ही पुराणों में नागों के राजा कहलाए हैं। तक्षक का उल्लेख भागवत में राजा परीक्षित को डसने के समय आता है। धार्मिक मान्यताओं से एकदम अलग वैज्ञानिक तथ्य हैं। विज्ञान बिना सबूतों के किसी बात विश्वास नहीं करता।



सांपों की उम्र क्या होती है

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सांप दो साल की उम्र में मेच्योर हो जाते हैं। हालांकि उनकी उम्र प्रजाति, वजन और लंबाई पर निर्भर करता है। कुछ सांप एक से लेकर चार साल की उम्र तक बढ़ते हैं, लेकिन उनका विकास उनके खानपान पर निर्भर करता है। चार साल के बाद सांपों का विकास धीरे धीरे होता है। वो एक साल में कुछ सेंटीमीटर ही बढ़ते हैं। जैसे जैसे वो उम्रदराज होते हैं उनका रंग हल्का पड़ने लगता है।


हालांकि जंगली सांपों की उम्र ज्यादा होती है। सामान्य मामलों में सांपों की उम्र 10 से 15 साल तक होती है, लेकिन कुछ सांप 25 साल तक भी जीते हैं। सबसे ज्यादा उम्र किंग कोबरा की मानी गई है, जो करीब 40-45 वर्ष मानी गई है। छोटे सांप प्राय दस पंद्रह साल जीते हैं जबकि अजगर आसानी से 25 से लेकर 40 साल तक जी सकता है।


दोस्तों आज नागपंचमी पर सांप देवता के बारे में आपको जानकारी दी गई है। नागपंचमी के दिन आप जिस देवता की पूजा कर रहे हैं आपको उसके बारे में पता होना चाहिए। इसलिए नाग देवता की पूजा जरूर करिए, लेकिन उन्हें दूध न पिलाएं, दूध आप किसी जरूरतमंद को पिला सकते हैं वो भी आपको भगवान की तरह दुआ ही देगा। धन्यवाद


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