संथाल-हुल विद्रोह(1855-56)

संथाल-हुल विद्रोह 1855-56

-/1836 ईसवी तक दामिन ए कोह में संथाल गांवों की संख्या 427 तक हो गई और इन्होंने ने ही 1855 ईसवी की हुल में भाग लिया।
-/1855 ईसवी के आरंभ में 6-7 हजार संथाल विरभूम, बांकुड़ा छोटानागपुर-खास और हजारीबाग से एकत्रित हुए। भगनाडीह के चुन्नू मांझी के चार बेटों सिद्धू, कान्हू, चांद तथा भैरव ने संतालों को नेतृत्व प्रदान किया।
-/1855 ई के एक्ट 37 के अनुसार संथाल परगना जिला की स्थापना हुई।
-/ जुलाई 1855 ई में राजमहल की पहाड़ियों के संतालों का विद्रोह शुरू हुआ। 19 फरवरी 1856 में हजारीबाग के संतालों ने विद्रोह किया।
-/संथाल विद्रोह का वास्तविक विद्रोह अप्रिल 1856 ई में शुरू हुआ।
-/ अर्जून मांझी हजारीबाग के संतालों का महत्वपूर्ण नेता था।
-/ इस विद्रोह का दौर मार्च 1856 के प्रथम सप्ताह में शुरू हुआ जब संतालों ने खडगडीहा परगना के जगन्नाथडीह तथा चक्रडीह पर हमला किया और महाजनों तथा दुकानदारों को लूट लिया।
-/संभालो ने खड़गडीहा परगना में गुआ से 10- 12 किलोमीटर दक्षिण- पश्चिम में अखलापुर बाजार को 20 मार्च 1856 ईसवी में कुलियों, लक्ष्मी ठकुराइन तथा धर्मा के नेतृत्व में लूट लिया।
-/27 अप्रैल 1856 ई को विद्रोहियों के बीच से ही आए हुए 2 संथालो ने खड़गड़ीहा स्थित डिप्टी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर विद्रोहियों के नये नेता सेरजडीह का लुबई मांझी तथा गोवा, दोरूंदा,किस्को और बैरिया के विषय में खुलासा कर दिया। अतः 2 मई 1856 ई को कमिश्नर ने प्रिंसिपल असिस्टेंट के द्वार बंदी बनावा लिया।
-/संथाल विद्रोह और अंग्रेज अधिकारियों का पहला सीधा संघर्ष 29 अप्रैल 1856 ईस्वी को चतरोचट्टी में हुआ।
-/100रूपये के लोभ में जासूस टेक नारायण सिंह से सूचना पाकर 28 मई 1856 को अलेक्जेंडर ने भैरव मांझी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।जिसके बाद हजारीबाग में संथाल विद्रोह कमजोर पड़ गया।
-/₹100 के इनाम के लोभ में प्रताप सिंह ने 2 जून 1856 को संभाल नेता बुका मांझी को पकड़वा दिया।

Comments

Popular posts from this blog

Gove confirms mandatory housebuilding targets for councils will be abolished in face of Tory rebellion – UK politics live

Kotak Mahindra Bank Recruitment 2022 Released for Graduate Candidates And Apply Online