जानिए कब और कैसे हमला करता है डेंगू का मच्छर? जानें बचाव के तरीके - Wikipedia Hindi
नमस्कार दोस्तों, विकिपीडिया हिंदी में आपका स्वागत है। दोस्तों गर्मी के साथ-साथ बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में डेंगू मच्छर भी आम सी बात है। लेकिन बारिश के बीच मच्छर बढ़ने के साथ बीमारियों का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है। इसी लिए आज हम इस पोस्ट में आपको डेंगू मच्छर क्या है, वह कब और कैसे हमला करता है और उससे बचाव के तरीकों के बारे में बताने वाले हैं। तो आईए जानते हैं.....
मॉनसून आते ही वायरस और बैक्टीरिया से पैदा हुए इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। बारिश के इस मौमस में मच्छरों के कारण चिकनगुनिया, मलेरिया और डेंगू (Dengue) जैसी भयंकर बीमारियां भी फैलती हैं। डेंगू बुखार डेंगू नाम के वायरस की वजह से होता है, जो एडिस नाम के मच्छर के काटने से शरीर में फैलता है। आइए आपको बताते हैं एडिस मच्छर (Aedes mosquito) की पहचान क्या है और ये किस वक्त इंसान पर हमला करता है।
एडिस नाम का ये मच्छर इंसान पर दिन के वक्त हमला करता है। स्टडीज के मुताबिक, डेंगू का मच्छर सूर्योदय होने के 2 घंटे बाद और सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले तक ज्यादा एक्टिव रहता है। आमतौर पर ये मच्छर इंसान की कोहनी या एड़ी पर काटता है। जैसे ही ये मच्छर काटता है तो एक अजीब सा दर्द होने लगता है। जिसे हम मसल कर हटा देते हैं।
एडिस मच्छर बेहद छोटे और गहरे रंग के होते हैं। इस मच्छर की सबसे बड़ी पहचान इसकी लंबी टांगें होती हैं। मच्छर की टांगों पर सफेद और काली रंग की धारियां देखकर समझ जाइए कि ये एडिस ही है। ये मच्छर ज्यादातर घर में ही लोगों को शिकार बनाता है। एडिस दिन के वक्त पानी में अंडे देता है।
डेंगू के लक्षण
डेंगू मच्छर के बारे में तो आपको पता चल ही गया है कि ये कैसा होता है और कब व कहां पर हमला करता है। अब आपको इसके लक्षण भी पता होने चाहिए। ताकि आप समय रहते इसका इलाज करवा सके और डेंगू मच्छर से होने वाली बीमारियों से बच सके।
तेज बुखार, शरीर पर लाल चकत्ता पड़ना, सिर, हाथ-पैर और बदन में तेज दर्द, भूख न लगना, उल्टी-दस्त, गले में खराश, पेट में दर्द और लिवर में सूजन इसके प्रमुख लक्षण हैं। कई मामलों में रोगियों को त्वचा, नाक या मुंह से खून आने की भी समस्या होती है।
इसलिए अगर आपको इससे संबंधित किसी प्रकार का कोई भी लक्षण नजर आता है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत किसी नजदीकी डॉक्टर से इसका सही ईलाज करवाना चाहिए। क्योंकि इसलिए समय रहते ईलाज करवाना बहुत अनिवार्य है। अन्यथा ये भयंकर बीमारी में भी बदल सकता है।
डेंगू से बचाव कैसे करें
- डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है। इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं।
- घर के आसपास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें। कूलर, गमले, टायर इत्यादि में जमे पानी को तुरंत बहा दें।
- घर के आस-पास फॉगिंग करवाएं।
- कूलर में यदि पानी है तो इसमें केरोसिन तेल डालें, जिससे कि मच्छर पनप ना पाएं। साथ ही उसकी साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें।
- मच्छरों से निपटने के लिए नियमित रूप से घर के कोने-कोने में स्प्रे या कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। पर्दे या सोफे के पीछे और बेड के नीचे भी अच्छे से स्प्रे करें।
- घर में मॉस्क्यूटो क्वॉयल चलाकर रखें। बारिश के दिनों में फुल शर्ट ही पहनें। पांवों में जूते जरूर पहनें। शरीर को कहीं से भी खुला ना छोड़ें।
- सोते वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
दोस्तों अगर आपको डेंगू बुखार का कोई लक्षण दिखे तो अपना तुरंत ईलाज करवाए और उपर बताए गए तरीकों का इस्तेमाल कर आप आसानी से इससे बचाव कर सकते हैं। उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आएगी। इसलिए पढ़ते रहिए विकिपीडिया हिंदी, सब कुछ हिंदी में.....

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