शब्द - विचार, भेद ,पहचान व उदाहरण
आज हम आपको शब्द - विचार, भेद ,पहचान व उदाहरण बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके आने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगीं।
शब्द - विचार :- वर्णों का सार्थक समूह शब्द कहलाता है
युत्पत्ति / रचना / बनावट के आधार पर शब्द – विचार तीन प्रकार के होते है |
- रूढ़ शब्द
- योगिक शब्द
- योग रूढ़ शब्द
रूढ़ शब्द :- इन शब्दों के टुकडे करने पर कोई भी सार्थक (अर्थ /मतलब ) शब्द नहीं निकलता है | रूढ़ कहलाते है |
उदाहरण :-
- दिन = दि + न
- रोटी = रो + टी
- घोड़ा = घो + डा
- जल = ज + ल
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योगिक शब्द :- दो शब्दों से मिलकर बना होता है, इनके दोनों टुकडे सार्थक होते है |
कर्मधारय समास ही योगिक के अंतर्गत आते है |
उदाहरण :-
- सज्जन = सत् + जन
- नीलकमल = नील +कमल
- पाठशाला = पाठ + शाला
- विद्यालय = विद्या + आलय
योग रूढ़ शब्द :- इनके शब्दों से तीसरा शब्द निकलता है
इनके अंतर्गत बहुब्रीहि समास आता है |
उदाहरण :-
- जलज = जल + ज ( बादल )
- नीलकंठ = नील + कंठ ( शिव जी )
- दशानन = दश + आनन (रावण )
प्रयोग के आधार पर शब्द – विचार दो प्रकार के होते है |
- विकारी शब्द
- अविकारी शब्द
विकारी शब्द :- वे शब्द जो परिवर्तित हो जाते है |
- इन शब्दों के रूप लिंग वचन कारक कल के कारण बदल जाते है |
- विकारी शब्द के अंतर्गत संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया आते है |
जैसे :- लड़का, लड़की, मेरा, मेरी आदि |
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अविकारी शब्द :- वे शब्द जो परिवर्तित मही होते है |
- इन शब्दों के रूप लिंग वचन कारक कल के कारण नही बदल जाते है |
- विकारी शब्द के अंतर्गत क्रियाविशेषण, सम्बन्धबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मादिबोधक आते है |
जैसे :- शनैः शनैः , धीरे धीरे आदि |
उदाहरण :- राम धीरे चलता है | (राम / चलता = विकारी शब्द ....धीरे = अविकारी शब्द )
वे धीरे चलते है | (वे / चलते = विकारी शब्द .....धीरे = राम/ चलता = विकारी शब्द धीरे अविकारी शब्द अविकारी शब्द)
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