उपसहसंयोजक यौगिक

★उपसहसंयोजक  यौगिक★

वह यौगिक जो जलीय विलयन में अपने अस्तित्व को बनाए रखते हैं अर्थात आयनों में नहीं टूटते हैं उपसहसंयोजक योगिक कहलाते हैं।

 उदाहरण★K2So4+Al2(So4)3+24H2O→K2So4.Al2(So4)3.24H2O

 ★द्विक लवण (doublesalt)★
वह यौगिक जो विलेन में अपनी पहचान को खो देते हैं अर्थात आयनों में टूट जाते हैं  द्विक लवण कहलाते हैं।
 उदाहरण★ K2So4 . Al2(So4)3 . 24H2O→2K+2Al³+4So4²



★ लिगेंड किसे कहते हैं ★वह परमाँणु या आयन जो केंद्रीय धातु परमाणु से सीधा जुड़ा होता लिगेंड कहलाता है।

★व्दिक लवण तथा उपसहसंयोजक यौगिकों मे अन्तर★

★व्दिक लवण★ (1) यह विलयन मे अपने अस्तित्व को खो देता है। (2) इसमे प्रायः आयनिक आबन्ध पाया जाता है। (3) इनके भौतिक गुण अवयवी आयनो से भिन्न होते हैं। परन्तु रासायनिक गुण समान होते है।

★उपसहसंयोजक यौगिक★ (1) ये विलयन मे अपने अस्तित्व को बनाये रखते है। (2) इनमे तिनो प्रकार के आबंध पाऐ जाते है। (3) इनमे भौतिक तथा रासायनिक दोनो गुण पाये जाते है।

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