PLC Ladder Logic Programming Basic Hindi | Engineer Dost
इस आर्टिकल में हम बात करेंगे PLC Ladder Logic Programming या Diagramming के बारे में। दोस्तो यहां पर हम बेसिक Ladder Programming को ही समझने की कोशिश करेंगे।
PLC प्रोग्रामिंग की भाषा
कंप्यूटर का CPU केवल बाइनरी संख्या या मशीन कोड को समझ सकता है। यह हाई(1) और लौ(0) लॉजिक पर काम करता है जिसे मशीन लैंग्वेज या फिर लौ-लेवल लैंग्वेज भी कहते हैं। और इंसान जिस भाषा को समझ सकते हैं वह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज या हाई लेवल लैंग्वेज होती है।
अतः PLC में भी प्रोग्रामिंग हाई लेवल लैंग्वेज में Write किया जाता है लेकिन CPU उसको मशीन कोड में Read करता है। यह प्रोग्रामिंग एक तरह की सॉफ्ट वायरिंग है। जो इनपुट और आउटपुट के बीच सम्बन्ध स्थापित करके आपरेशन को एक्सीक्यूट करती है।
यह भी पड़ें- PLC Basic Block Diagram and Function in Hindi
PLC प्रोग्रामिंग के प्रकार
1- Textual या शाब्दिक भाषा
2- Graphical या चित्रात्मक भाषा
प्रोग्रामिंग के लिए सरल और सुविधाजनक मानी जाने वाली भाषा Graphical Language है इसलिए यूजर द्वारा इसे चुना जाता है। जिसमे ग्राफ और फंक्शन ब्लॉक डायग्राम (FBD) में प्रोग्राम लिखा जाता है। ये फंक्शन ब्लॉक Timer, Comparator, Arithmetic, Counters, Bit-Shifting आदि प्रकार के रहते हैं।
PLC Programming Basic Term
Q1: Pushbutton क्या होते हैं?
इंडस्ट्री में नार्मल स्विच की जगह पर मशीनों को ऑपरेट करने के लिए इनपुट में ज्यादा Pushbutton को prefere किया जाता है।
Q2: NC और NO Pushbutton क्या होता है?
जब कोई Switch अपनी ओरिजिनल स्टेट में क्लोज होता है उसे Normally Closed (NC) कहते हैं। और Switch अपनी ओरिजिनल स्टेट में ओपन रहता है तो उसे Normally Open (NO) स्विच कहते हैं।
Q2: हाई लॉजिक और लौ लॉजिक क्या होते हैं?
High Logic(1) = +5Volt
Low Logic(0) = 0 Volt
Q3: Basic Logic Gates क्या होते हैं?
AND Gate
AND गेट की Truth Table से हम देख सकते हैं की आउटपुट Y का मान तभी हाई (1) होगा जब A और B दोनो का मान भी हाई (1) होगा।
OR Gate
OR गेट की Truth Table से हम देख सकते हैं की आउटपुट Y का मान तभी लौ (0) होगा जब A और B दोनो का मान भी लौ (0) होगा।
NOT Gate
Not गेट में आउटपुट Y, इनपुट A के मान को इन्वर्ट करता है।
Q4: PLC Ladder Logic क्या होता है?
PLC लैडर लॉजिक प्रोग्रामिंग को नीचे फिगर में दिखाया गया है। दो खड़ी लाइनें, जिन्हें Line(L) और Nutral(N) से दिखाया गया है, को Positive Rails और Negative Rails कहते हैं।क्षैतिज लाइनों को Rungs कहा जाता है।
PLC Ladder प्रोग्रामिंग बायीं ओर से दायीं ओर को दिखाया जाता है। बायीं ओर में Inputs (Pushbutton PB, लिमिट स्विच, Sensors आदि) और दायीं ओर में Outputs (लैंप, मोटर, सोलेनोइड वाल्व, स्पीकर आदि) को दिखाया जाता है।
PLC Programming या Ladder Logic Diagram
Explanation:
AND Gate
मान लेते हैं ऊपर दिए गए फिगर में A और B इनपुट में कोई NO (Normmally Open) Pushbutton (PB) हैं जिनसे आउटपुट Y में LED को कंट्रोल करना है। इसलिए जब A और B दोनो High(1) पर होंगे मतलब कि Pushbutton PB-A और PB-B को दबाने पर करंट फ्लो होगी और LED जलने लगेगी। इसलिए Y भी High(1) हो जाएगा।
OR Gate
मान लेते हैं ऊपर दिए गए फिगर में A और B इनपुट में कोई Normmally Open Pushbutton हैं जिनसे आउटपुट Y में लगी मोटर को ऑपरेट किया जाता है। इसलिए OR लॉजिक की ट्रुथ टेबल के अनुसार जब
PB-A को दबाएंगे (High or 1) तब आउटपुट Y में मोटर घूमेगी और जब इनपुट PB-B दबाएंगे (High or 1) तब भी मोटर घूमेगी।
NOT Gate
NOT logic की ट्रुथ टेबल के अनुसार जब इनपुट 1 होगा आउटपुट 0 होगा। इसलिए यदि Normally Close
स्विच को लगाने से जब हम PB-A को दबाएंगे तो आउटपुट में करंट फ्लो नही होगा और आउटपुट Low (0) लॉजिक
पर होगा।
आशा करते हैं आर्टीकल PLC Ladder Logic Programming Basic Hindi | Engineer Dost आपको अच्छा लगा होगा। यदि आपको अच्छा लगा तो आप शेयर कर सकते हैं और यदि आपके कोई सुझाव हैं तो आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं धन्यवाद- Engineer Dost(इंजीनियर दोस्त)








Comments
Post a Comment
Ask me anything here...