Class-4 Hindi ग्रीक लोककथा - सूर्यमुखी सोनपरी
ग्रीक लोककथा - सूर्यमुखी सोनपरी
विभाग – क
1- इन प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
1- परियों की गुफ़ाएँ कैसी थी?
उत्तर- परियों की गुफ़ाएँ समुद्र के नीचे थी। वे रत्नों से जगमगाया करती थीं। उनका फर्श सफ़ेद बालू से ढ़का हुआ था।
2- बड़ी-बड़ी सुनहरी मछलियाँ क्या करती थीं?
उत्तर- बड़ी-बड़ी सुनहरी मछलियाँ सीपी की गाड़ियों को खींचा करती थीं।
3- समुद्र तट पर नन्हीं परी ने क्या देखा?
उत्तर- समुद्र तट पर नन्हीं परी ने चाँदी-सी चमकती समुद्र की लहरों और सुनहरे रथ पर बैठे सूर्य देवता को देखा।
4- नन्हीं परी की क्या इच्छा थी?
उत्तर- नन्ही परी की इच्छा थी कि वह सूर्यदेव के सुनहरे रथ पर बैठे।
5- नन्हीं परी किस प्रकार सूर्यमुखी फूल में बदल गई?
उत्तर- कई वर्षों तक अपनी जगह से नहीं हिलने-डुलने के कारण नन्हीं परी के पैर मिट्टी में जम गए। उसका शरीर तने में, घास के कपड़े पत्तों में और सुनहरे बाल, सुनहरी पंखुड़ियों में बदल गए। इस तरह वह सूर्यमुखी फूल में बदल गई।
6- इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर- इस कहानी से हमें अपने सपने साकार करने की इच्छा कभी ना छोड़ने की शिक्षा मिलती है।
1- परियों की गाड़ियाँ सीपी से बनी थी।
2- भोर होने से पहले ही परियाँ वापस लौट जाती थीं।
3- सुनहरे रथ पर बैठकर सूर्य देवता आए।
4- नन्ही परी ने पूर्व दिशा में सूर्योदय और पश्चिमदिशा में सूर्यास्त देखा।
5- धीरे-धीरे सूर्य के इंतज़ार में नन्ही परी सूर्यमुखीफूल में बदल गई।
3- परियों ने किसे कभी नहीं देखा था?
अ- तारों को
आ- चाँद को
इ- सूर्य को (✓)
ई- आकाश को
विभाग-ख
1- दिए गए शब्दों को ‘मुखी’ शब्द के साथ जोड़कर नए शब्द बनाइए और अपनी शिक्षिका से इनके अर्थ जानिए।
| चहुँ | मुखी | चहुँमुखी |
| सूर्य | सूर्यमुखी | |
| चंद्र | चंद्रमुखी | |
| ज्वाला | ज्वालामुखी | |
| बहु | बहुमुखी |
2- नीचे प्रत्येक वर्ग के दो-दो नाम दिए गए हैं। आप भी दो-दो नाम लिखिए।
अ- सुनिल- आसिफ़- आरव- अशोक
आ- संगिता- शोभा- नीना- चंदा
इ- सूरजमुखी- गुलाब- गेंदा- चमेली
ई- हिमालय- माउंट फूजी- अरावली- नीलगिरी
3-पाठ में आए संज्ञा शब्दों के साथ उचित विशेषण शब्दों का प्रयोग कीजिए।
अ- बाल- लंबे/ सुनहरे
आ- चट्टाने- बड़ी-बड़ी
इ- घोड़े- अरबी/ उजले
ई- बालू- सफेद
उ- परियाँ- समुद्री
ऊ- मछलियाँ- सुनहरी
ऋ- पानी-ठंडा
ऌ- रथ- सुनहरा
विभाग-ग
1-मान लीजिए कि आपको समुद्र की परियों से मिलने का मौका मिला है। आप उनके साथ समुद्र में पानी के नीचे होने वाली दुनिया की यात्रा पर गए। आपने वहाँ क्या-क्या देखा? वहाँ की दुनिया कैसी थी? आपको इंसानों की दुनिया एवं समुद्र में पानी के नीचे होने वाली दुनिया में क्या अंतर दिखाई दिया? नोटबुक में लिखिए।
उत्तर- समुद्र में पानी के अंदर की दुनिया बहुत ही निराली है। वहाँ सफेद बालू के फर्श पर मूँगे, मोतियों और समुद्री रत्नों से बनी दुनिया है। इस दुनिया में बहुत ही जल परियाँ अनेक समुद्री जंतुओं जैसे तारा मछली, समुद्री घोड़ा, ऑक्टोपस आदि के साथ रहती हैं।
विभाग-घ
1- इन संज्ञाओं से वाक्य बनाइए।
अ- बचपन- माँ ने मेरे बचपन के फोटो एक एलबम में रखे हैं।
आ- शरारत- कक्षा में शरारत करने पर सज़ा मिलती है।
2- अपने किसी मनपसंद खिलौने की तीन विषेषताएँ लिखिए।
अ- गुलाबी टेडी बेअर
आ- काली आँखें
इ- सुंदर बो
3- अपने मनपसंद फूल के बनने की काल्पनिक कहानी बनाइए और नोटबुक में लिखिए।
सूरजमुखी के खेत पर दिन भर सूरज की रश्मियों के कारण उमंग का वातावरण रहता। रात होते ही मानो सूर्यदेव अपनी किरणों को समेट कर ले जाते। एक दिन कुछ किरणें पत्तों के झुरमुट में छिपी रह गईं। रात्रि के आकाश में जब चंद्रदेव का आगमन हुआ तो उन्होंने कौतूहल से बाहर निकल कर देखा। रात्रि के सौंदर्य को देखकर वे खुशी से झूमने लगीं। सुबह होने पर उस जगह पर कुछ छोटे-छोटे पौधे नज़र आए, इन पौधों पर लगने वाले सफेद रंग के फूल रात में ही खिलते थे इसलिए लोगों ने इस पौधे को रात की रानी कहा।
| संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। जिसकी विषेषता बताई जाती है, उसे विशेष्य कहते हैं। मीठे होते लड्डू गोल। केला मीठा, चीकू मीठा, सबसे मीठे-मीठे बोल। दी गई सूचना में पेंसिल बॉक्स, पेंसिल, कटर और रबड़ विशेष्य हैं। |
विभाग – ड़
प्रश्न - सूर्यमुखी का फूल सूरज की तरफ़ क्यों देखता रहता है?
उत्तर- सूर्यमुखी का फूल सूरज की तरफ़ इस आस में देखता कि सूर्यदेव उसे अपने रथ पर बैठा लें ।
प्रश्न - क्या है बादलों की दुनिया के भी ऊपर? परी सोचती ! आपके अनुसार बादलों के उस पार क्या-क्या हो सकता है?
उत्तर- बादलों के उस पार विशाल अंतरिक्ष में तारों और ग्रहों की सुंदर सी दुनिया होगी।
प्रश्न - समुद्री परी अन्य परियों के साथ समुद्र में वापस क्यों नहीं गई?
उत्तर- समुद्री परी अन्य परियों के साथ समुद्र में वापस नहीं गई क्योंकि वह समुद्री परी बनकर नहीं रहना चाहती थी उसे सूर्यदेव के चमकते रथ पर बैठना था।
संज्ञा तथा विशेषण किसे कहते है? उसे उदाहरण सहित समझाइए।
संज्ञा - किसी व्यक्ति,वस्तु,स्थान आदि के नाम को संज्ञा कहा जाता है।
उदाहरण - मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ।
यह मेरी साइकिल है।
मेरे पिताजी का नाम रमेशचंद्र है।
विशेषण- संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं।
उदाहरण - यह पानी ठंडा है।
आसमान बहुत विशालहै।
मेरी कुर्ती का रंग नीला है।


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