life of pie Jeewan ka swarth | hindi kahani
जीवन में उतार चढ़ाव तो आम बात है life of pie फिर भी कुछ चीजों को लोग दिल से लगा लेते है और कुछ को नजरंदाज कर देते है
जीवन में अच्छे बुरे लोग हमेशा मिलते रहते हैं जिससे कि जीवन में हमें जीने में सहायता मिलती है। अगर अच्छे लोग मिले तो जीवन में जीने के लिए आगे सहायता मिलता है लेकिन अगर बुरे लोग मिले तो जिंदगी जीने का सबक मिलता है।
(Photo credit: Diego Rezende from Pexels)

ये कहानी शुरू होती एक लड़के से जो ना ही तो ज्यादा गरीब है ना ही अमीर है। उसके जीवन में भी कुछ ऐसा ही हुआ वह लोगों से एक अच्छी दोस्ती चाहता था लेकिन उसे कभी ऐसे दोस्त ना मिले जिससे वह दोस्ती कर सके जो उसके दोस्त बने वह अपने स्वार्थ के लिए बने, जिसको उसने दोस्त बनाया उन्होंने अपना स्वार्थ देखा किसी ने कभी उसे अपना दोस्त नहीं माना जबकि वह सभी को अपना दोस्त मानता था।
जब वह सबसे परेशान हो गया तो उसने सभी से अपनी दोस्ती खत्म कर ली और उसने एक अपने से 40 साल की औरत से दोस्ती कर ली, यह दोस्ती फेसबुक द्वारा हुई थी जब यह दोस्ती उसने की थी तो उसको यह पता ना था कि वह एक 40 साल की औरत है।
लेकिन बाद में उसने उसको बताया, अगर तुम चाहो तो मुझसे दोस्ती खत्म कर सकते हो लेकिन उसने ऐसा नहीं किया उसने कहा मैंने तुम्हारी उम्र देख कर या तुम्हें देखकर दोस्ती नहीं की थी इसलिए मुझको इससे कोई फर्क नही पड़ता कि तुम्हारी कितने उम्र है या कितनी बड़ी हो।
अब इसी तरह कुछ महीने बीत गया वह सब रात तक अपनी बातों को एक दूसरे से बताते थे। एक बार ऐसा हुआ की वह कुछ दिनों के लिए बीमार हो गई जिस कारण से वह उससे बात करना कुछ दिनों के लिए बंद कर दी।
वह लड़का सोचने लगा की ऐसी क्या बात हुई जिससे उसने मुझसे बात करनी छोड़ दी धीरे धीरे कुछ हफ्ते बीत गया एक दिन वह नदी किनारे शांति से बैठा था तभी उसका मैसेज आया।"कैसे हो" वह कुछ देर, कुछ ना बोला लेकिन बाद में उसने उससे बात की और पूछा तुम किसी हो फिर उसने अपनी तबीयत के बारे में उस लड़के को बताया।
उसकी बात सुनकर वह लड़का कुछ देर चुप रहा फिर उसने कहा कि तुम हमें यह बात पहले भी बता सकती थी। मुझे क्यों नहीं बताया उसने कहा मेरी तबीयत एक घातक बीमारी से खराब हुई थी जिस कारण मै किसी से कुछ भी कहने एवं सुनने के हालत में नहीं थी।
सब बातों को सुनकर लड़का उससे पूछा तुम अपना पता बताओ यह तुमसे मिलना चाहता हूँ, लेकिन औरत ने नहीं बताया कुछ दिन और बीत गए अब यह अपने सारी बातों को एक दूसरे से बताने लगे थे, वह लड़का उसे औरत को मिलने की जिद करने लगा तो उसने कभी कुछ बहाना बनाकर मना कर देती लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया उसकी जरुरते बढ़ती गई।
लड़को को यह लगने लगा कि यह भी औरत उससे अपने स्वार्थ के लिए ही बात कर रही है। परंतु एक बार वह लड़का उसके घर गया उसने उसके घर की हालत को देखा, उसके घर की हालत ठीक नही थी।
एक मजबूर औरत समझकर वो उसे कुछ ना बोलता और कभी रुपए पैसे से मदद भी कर देता। क्योंकि जब भी उसे पैसे या किसी वस्तु की आवश्यकता पड़ती वह उससे कोई घर का मजबूरी बताकर मांग लेती धीरे-धीरे समय बीतता चला गया वह परेशान हो चुका था, उसे औरत की मदद के चक्कर में काफी कर्ज में चला गया।
अब उसके पास पैसे भी नहीं बचे थे जैसे जैसे पैसे खत्म होता गया उस औरत के स्वभाव में अंतर आना प्रारम्भ हुआ। कुछ दिन बाद अपना दिया गया पैसे को वापस लेने के लिए प्रयास किया परंतु वह औरत देने से मना कर दी।
कुछ दिन बाद उसकी स्वास्थ खराब हो गया, परंतु इस बार उसका स्वास्थ्य ज्यादा खराब हो गया। उस लड़के ने उसे यह सोचकर पैसे दे दिए कि जाने तो मजबूरी है। धीरे-धीरे काफी दिन तक वो उसकी सेवा भी किया और पैसे भी लगाएं परंतु जैसे ही वह औरत का स्वास्थ सही हुआ उसने अपने पूण स्वरुप में वापस आ गई।
अब उस लड़के का मन अंदर से टूट चुका था परंतु फिर भी सब भूल कर उसे दोस्ती बनाये रखा। इतना सब होने के बाद भी उसकी दोस्त का रिश्ता जिंदा रहा। लेकिन अब थोड़ा दुश्वारी थी लेकिन अब लड़के को सब कुछ पता था और वह यह देखना चाहता था कि आखिर व्यक्ति कितने स्वार्थी तो हो सकता है। यह स्वास्थ जीवन में कितना हद तक मनुष्य को गिरा सकता है।
तुमने कभी शादी के बारे में नहीं सोचा? क्या तुम शादी कर चुकी हो? उसे कुछ देर बाद कहा मैं शादी के बारे में सोचा भी और शादी भी कर चुकी। बस उसके आगे पूछना मत। कुछ दिन बाद वह औरत रोते हुए आई और उसने कहा मेरी एक बेटी भी है और वह बहुत बीमार है मुझे कुछ पैसे की जरुरत है।
लड़का बिना कुछ सोच समझे कुछ पैसे निकाल कर दिया अब वह चली गई उसने पूरे जीवन में जब से उससे दोस्ती की थी तब से आज तक वो पहली बार सच्ची बात बोली थी। लड़का बोला बस यही तो चाहता था फिर रात हुई वह दोनों बात करने लगे सबसे पहले उस औरत ने यह बताया कि मेरी एक लड़की है जिसका नाम है मधु।
वह चुप रहा और कुछ देर बाद बोला अच्छा यह बात आप ने पहले क्यों नहीं बताया अच्छा फिर ठीक है तुमने मुझे एक सच्चाई बताई तो मैं भी तुम्हें एक सच्चाई बताता हूं। पहले तो यह आपसे एक दोस्ती चाहता था जो तुमसे हमको कभी नहीं मिला मेरे दिल के कुछ अंग को निकाल कर आप के सम्मुख रखना था जिसे आपने बखूबी प्रयोग किया पर मैं आपसे दोस्ती खत्म कर रहा हूं और आपको एक बात बताता हूं आज के बाद कभी भी किसी व्यक्ति से दोस्ती मत करिएगा।
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