PRIMARY KA MASTER Mutual Transfer : पारस्परिक तबादले के शिक्षक दावेदारों का इंतजार बरकरार, हाईकोर्ट का आदेश करा सकता है उलटफेर

 

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के 21695 शिक्षकों को भले ही मनचाहे जिले में जाने का आदेश हो गया है लेकिन, यह प्रक्रिया अभी अधूरी है। वजह, शासन ने इस बार शिक्षकों को दो तरह के तबादले की सौगात दी थी। पहली रिक्त पद के सापेक्ष व दूसरी पारस्परिक स्थानांतरण। एक प्रक्रिया पूरी हो रही है, जबकि दूसरी सूची का इंतजार है। यही नहीं पारस्परिक तबादले के दावेदार 9641 शिक्षकों को अपने ही साथियों से अब कनिष्ठ होना पड़ेगा। साथ ही इन तबादलों में सेवा अवधि का ग्रहण लगने के भी आसार हैं।

दो दिसंबर 2019 को तबादले का शासनादेश जारी होने के बाद शिक्षकों ने पारस्परिक तबादलों को मनचाहे जिले में जाने का बेहतर रास्ता माना था। बशर्ते वे जिस जिले में जाना चाहते हों, वहां से भी उसी वर्ग का शिक्षक उनके जिले में आने को तैयार हो। शिक्षकों का कहना था कि रिक्त पद के सापेक्ष में वरिष्ठता आदि तमाम तरह के पेच हैं। इससे वे अंतिम चरण में भी बाहर हो सकते हैं, लेकिन पारस्परिक तबादले में सिर्फ साथी मिलने पर तबादला पक्का है। इससे उन्होंने सिर्फ एक ही आवेदन किया, क्योंकि ऐसे ही निर्देश थे। रिक्त पदों के सापेक्ष तबादलों की सूची 31 दिसंबर को जारी हुई और अब उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश भी है।

हाईकोर्ट का आदेश उलटफेर करा सकता है, क्योंकि पुरुष शिक्षकों को पांच साल व महिला शिक्षिकाओं को दो साल की सेवा अवधि पूरा करना जरूरी होगा। शिक्षकों का कहना था कि पहले रिक्त पदों की प्रक्रिया पूरी होगी उसके बाद पारस्परिक के संबंध में आदेश होगा। वहीं, बेसिक शिक्षा की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने 31 दिसंबर को कहा था कि इसी माह के अंत तक सूची जारी होगी।

Comments

Popular posts from this blog

Gove confirms mandatory housebuilding targets for councils will be abolished in face of Tory rebellion – UK politics live

Kotak Mahindra Bank Recruitment 2022 Released for Graduate Candidates And Apply Online