भारत का संविधान और संविधान से जुड़े 15 रोचक तथ्य - Indian Constitution in Hindi

भारत का संविधान (Indian Constitution in Hindi) - नमस्कार दोस्तों विकिपीडिया हिंदी में आपको स्वागत है। आज इस आर्टिकल हम आपको बताएंगे कि भारत का संविधान (Indian Constitution Wikipedia Hindi)। इसके साथ ही आपको बताएंगे भारत के संविधान के बारे में 15 रोचक तथ्य, जो आपको पता नहीं होंगे।

भारत का संविधान विकिपीडिया हिंदी - भारत का सर्वोच्च विधान है, जो संविधान सभा में 26 नवंबर 1949 को तैयार किया गया था और जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। इसीलिए 26 नवंबर को भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है और 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारत के संविधान का इतिहास


जैसे कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि 26 नवंबर 1950 को तैयार किया गया है। लेकिन दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद जुलाई 1945 में ब्रिटेन ने भारत संबंधी अपनी नई नीति की घोषणा की तथा भारत की संविधान सभा के निर्माण के लिए एक कैबिनेट मिशन भारत भेजा गया। जिसमें तीन मंत्री थे। 15 अगस्त 1547 को भारत के आजाद होने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसंबर 1947 से शुरू किया। संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। 

Indian Constitution in Hindi

जवाहरलाल नेहरू, डा. भीमराव अंबेडकर, डा. राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थ। इस संविधान सभा ने 2 साल, 11 महीने 8 दिन में कुल 114 दिन बहस की। संविधान सभा में कुल 12 अधिवेशन किए तथा अंतिम दिन 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर किया और संविधान बनने के लिए 166 दिन बैठक की गई।

इस बैठक में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतंत्रता थी। भारत के संविधान के निर्माण में संविधान सभा के सभी 389 सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत का संविधान तैयार किया। जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया। भारत के संविधान में सर्वाधिक प्रभाव भारत शासन अधिनियम 1935 का है। इसमें लगभग 250 अनुच्छेद इस अधनियम से लिए गए है।

दोस्तों एक बात जो आपको बताने योग्य है कि भारत का संविधान दुनिया के सभी संविधानों से बेहतरीन है। इसलिए क्योंकि इसमें हर नागरिक के अधिकारों और सम्मानता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। भारत का संविधान एक मात्र ऐसा है। जिसमें बहुत कम संशोधन हुए है। इसलिए इसे सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।

भारत के संविधान के बारे में 15 रोचक तथ्य


1. भारत का संविधान एक हाथ से लिखा गया दस्तावेज है। भारत के संविधान को "प्रेम बिहारी नारायण रायजादा" ने अपने हाथों से इटैलिक स्टाइल में लिखा था और इसके हर पन्ने को शांति निकेतन के दो कलाकारों "बेवहार राम मनोहर सिन्हा" और "नंदलाल बोस" ने अपने हाथों से सजाया था।

2. भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा हाथ लिखित संविधान है। भारतीय संविधान 25 भागों में बंटा हुआ है, जिसमें 448 आर्टिकल और 12 शैड्यूल है। इसके अंग्रेजी संस्करण में कुल 117,369 शब्द है। जिन्हें लिखने में कुल 254 पेन निब्स का इस्तेमाल हुआ था और 6 महीने का समय लगा था। इस पूरे कार्य पर लगभग 6.3 करोड़ रूपए खर्च हुए थे।

3. संविधान बनाने के लिए पहली सभा 9 दिसंबर 1946 को बैठी थी और इसे बनाने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे थे। डा. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया था और डा. भीमराव अंबेडकर को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था।

4. संविधान के अंग्रेजी और हिंदी संस्करण की असली कॉपी संसद भवन की लाइब्रेरी में हिलियम के बॉक्स में रखी हुई है।

5. भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया था, लेकिन आधिकारिक रूप से यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था और इसी दिन को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।

6. संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 तय की गई थी, जिसमें 292 ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधि, 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि और 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे। यं संख्या बाद में घटकर 299 रह गई। हैदराबाद अकेली एक ऐसी रियासत थी, जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में शामिल नहीं हुए थे।

7. संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी का ही दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इस दिन 'पूर्ण स्वराज दिवस' की वर्षगांठ थी।

8. भारतीय संविधान को अंतिम रूप देने से पहले इसे चर्चा और बहस के लिए रखा गया था और तब इसमें 2000 से अधिक संशोधन किए गए थे।

9. Indian Constitution पर संविधान सभा के 284 सदस्यों के हस्ताक्षर भी है। जिनमें से 15 महिलाएं थी। ज्यादातर सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर अंग्रेजी में किए थे और कुछ ने हिंदी में, लेकिन 'अबुल कलाम आजाद' ने अपने हस्ताक्षर उर्दु में किए थे।

10. 24 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने से 2 दिन पहले जब संसद में इस पर हस्ताक्षर किए जा रहे थे तो उसे समय बारिश हो रही थी और संविधान सभा के सदस्यों ने इसे शुभ बताया था। यह संविधान सभा की अंतिम बैठक थी और इसी दिन संविधान सभा द्वारा डा. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति भी चुना गया।

11. डा. भीमराव अंबेडकर, जो स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री और संविधान सभा की कमेटी के चेयरमैन भी थे तो 'भारतीय संविधान सभा का पिता' कहा जाता है।

12. भारत के राष्ट्रीय प्रतीक सरनाथ, जिसमें शेर, अशोक चक्र, सांड और घोड़े भी है, को 26 जनवरी 1950 को ही अपनाया गया था।

13. भारतीय संविधान की प्रस्तावना के अनुसार भारत एक संघीय, समाजवाद, धर्म निर्पेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य है। समाजवाद शब्द को 1976 में 42वें संशोधन के माध्यम से जोड़ा गया।

14. भारत के संविधान को दुनिया के सबसे बेहतरीन संविधानों में से एक माना जाता है क्योंकि अभी तक हमारे संविधान में सिर्फ 102 संशोधन हुए है।

15. संविधान के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए 26 नवंबर के दिन को 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

अंतिम शब्द


दोस्तों, भारत का संविधान एक मात्र ऐसा संविधान हैं, जो देश के हर नागरिक को एक सामान अधिकार और एक सामान रहने का हक देता है। इसलिए भारत के संविधान को दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान माना जाता है। हमने आपको इस पोस्ट में भारत के संविधान के बारे में 15 रोचक तथ्य बताए है। जो आपके लिए बेहद हैल्पफुल होने वाले हैं।

उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी। आपको संविधान के बारे में 15 रोचक तथ्य कैसे लगे, बताने के लिए कॉमेंट जरूर करें और इसे अपने सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।

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