जया किशोरी जी का जीवन परिचय | Jaya Kishori Biography in Hindi
Jaya Kishori Wikipedia Hindi - कथावाचिका और भजनगायिका जया किशोरी सिर्फ देश ही नहीं, ब्लकि विदेशों में भी फेमस है। आज हम आपको इस आर्टिकल में जया किशोरी जी का जीवन परिचय (Jaya Kishori Biography in Hindi) बताने जा रहे हैं। कथावाचिका जया किशोरी (jaya Kishori) जब नानी बाई रो मायरो गाती है तो उनको सुनने वालों श्रोता खुद-ब-खुद झूमने को मजबूर हो जाते हैं।
बता दें कि करीब 9 साल की उम्र से ही आध्यात्म से जुड़ी होने के कारण जया किशोरी के पास ज्ञान का सागर है। उनका नाम को जया शर्मा हैं, लेकिन अपने प्रशंसकों के बीच वह जया किशोरी के नाम से ही जानी जाती है। जया किशोरी जी लाइफ मैनेजमेंट टिप्स और मोटिवेशनल स्पीच के लिए चर्चित है। वे जीवन से जुड़े अलग-अलग विषयों पर समय-समय पर सेमिनार और वेबिनार के जरिए अपनी बात रखती है।
सोशल मीडिया पर भी जया किशोरी जी के प्रशंसकों की लिस्ट बहुत लंबी है। उनके लाखों नहीं करोड़ो की संख्या में फोलोवर्स है। जो उनकी कथा और मोटिवेशनल विचार सुनने के लिए बेताब रहते हैं। जया किशोरी जी भी अपने प्रशंसकों के पूछे गए सवालों का जवाब बहुत ही अच्छे और विनम्रता सहित देती है। जिसके कारण उनसे सवाल पूछने वालों की भी लाइनें लगी रहती है। तो आईए जानते हैं आज जया किशोरी जी का जीवन परिचय (Jaya Kishori Biography in Hindi)
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जया किशोरी जी का जीवन परिचय (Jaya Kishori Biography in Hindi)
नाम - जया शर्मा
जन्म स्थान - 13 जुलाई 1995 (राजस्थान)
पिता का नाम - शिव शंकर शर्मा
माता का नाम - सोनिया
भाई-बहन - एक बहन चेतना शर्मा
शादी - अविवाहित
स्कूल कॉलेज - महादेवी बिडला वर्ल्ड एकेडमी, कोलकाता
शिक्षा - बी.कॉम
निवास स्थान - कोलकाता
उम्र - 25 वर्ष (2021 तक)
जया किशोरी जी का जन्म और परिवार (Jaya Kishori Birth & Family)
जया किशोरी जी का नाम जया शर्मा है। उनका जन्म 13 जुलाई 1995 को राजस्थान के गांव सुजानगढ़ में एक गौड़ ब्राह्माण परिवार में हुआ था। जया किशोरी के पिता का नाम शिव शंकर शर्मा है, जबकि मां का नाम सोनिया शर्मा है। वहीं उनकी एक बहन भी है। जिनका नाम चेतना शर्मा है।
छोटी सी उम्र में ही भागवत गीता, नानी बाई का मायरो, नरसी का भात जैसी कथाएं सुनाकर प्रसिद्ध हुई जया किशोरी की निजी जिंदगी में भी काफी चर्चा होती रहती है। राजस्थान में जन्मी जया किशोरी वर्तमान में कोलकाता में अपने परिवार सहित रह रही है। लेकिन उनकी प्रसिद्धी पूरे देश ही नहीं ब्लकि विदेश में भी है।
जया किशोरी ने अपनी स्कूली पढ़ाई कोलकाता के महादेवी बिडला वर्ल्ड एकेडमी से की। उसके बाद उन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की हुई है। करीब 9 साल की उम्र में जया किशोरी ने संस्कृत में लिंगाष्टकम, शिव तांडव स्तोत्रम्, रामाष्टकम्, मधुराष्टकम्, श्रीरूद्राष्टकम्, शिवपंचाक्षर स्तोत्रम्, दारिद्रय दहन शिव स्तोत्रम् आदि कई स्तोत्रों को गाकर हजारों श्रोताओं को प्रभावित किया है।
10 साल की उम्र में जया किशोरी (Jaya Kishori) ने अमोघफलदायी सम्पूर्ण सुंदरकांड गाकर लाखों लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना लिया। उसके बाद से उनके प्रशंसकों में कोई कमी नहीं आई है और उनके प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं।
जया किशोरी जी की शादी (Jaya Kishori Marriage)
हर कोई व्यक्ति जया किशोरी जी के पति का नाम (jaya Kishori Husband Name) जानना चाहता है। लेकिन आपको बता दें कि जया किशोरी जी अभी तक अविवाहित है। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा है कि वे कोई साधू या सन्यासिनी नहीं है, मात्र एक सामान्य महिला है। उन्होंने कहा कि उनकी अभी शादी नहीं हुई है। इसमें बहुत देर है और वे यह कभी भी नहीं चाहेंगी कि शादी के कारण उनकी कथा प्रभावित हो।
जया किशोरी के प्रशंसक उनकी निजी जिंदगी के बारे में जानने को बेहद उत्सुक रहते हैं। मसलन वो शादी कब कर रही है, कौन दोस्त हैं? परिवार के साथ उनकी कैसी बॉडिंग है। इंटरनेट पर भी ऐसे सवालों को बहुत सर्च किया जाता है। सोशल मीडिया पर भी उनकी शादी को लेकर अक्सर सवाल पूछे जाते हैं। जया किशोरी ने ऐसी ही एक वीडियो में अपनी शादी को लेकर चर्चा की है।
संस्कार टीवी द्वारा सांझा किए गए एक वीडियो में जया किशोरी जी कहती है कि अगर उनकी शादी कोलकाता में ही होती है तो ये उत्तम होगा। ऐसे में वो कभी भी अपने घर आकर खा सकती है। लेकिन अगर वो ब्याह कर कहीं ओर जाती है तो उनकी शर्त ये है कि उनके माता-पिता भी उसी जगह शिफ्ट होंगे। इससे उनके माता-पिता भी वहीं कहीं आसपास घर लेकर उनके साथ ही रह सकते हैं।
Jaya Kishori को मिली है किशोरी जी की उपाधि
बता दें कि जया किशोरी को उनके गुरु पंडित श्री गोविन्दरामजी मिश्रा ने उनके भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम को देखते हुए उन्हें "किशोरी जी" की उपाधि दी थी। जया किशोरी की कहती है कि उन्हें अधिक समय तक अपने गुरु का सानिध्य नहीं मिल सकता है।
अपनी कथाओं से आने वाला चंदा जया किशोरी की उदयपुर की एक संस्था नारायण सेवा संस्थान को दान के रूप में दे दती है। यह संस्था दिव्यांग और अपंग लोगों के लिए अस्पताल चलाती है और गरीबों की सेवा करती है। नारायण सेवा संस्थान द्वारा कई गौशालाएं भी चलाई जाती है।
जया किशोरी जी का निजी जीवन
जया किशोरी के जी निजी जीवन के बारे में बात करें तो उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो बचपन में बहुत नटखट हुआ थी और उनका अध्यातम की ओर बहुत ज्यादा लगाव था। बचपन में वह एक जगह पर नहीं बैठ सकती थी। इसीलिए वह अपने आस पडोस के घरों में आती-जाती रहती थी और उनके पड़ोसियों का भी उनसे बहुत लगाव था।
जया किशोरी जी को बचपन से ही कथा और भजन गाने का शौक था इसलिए वह हर समय कथाएं सुनने और भजन गाने में ध्यान लगाती थी। इसलिए उन्होंने 9 साल की उम्र में ही कथा करनी शुरू कर दी और आज उनकी कथा और मोटिवेशन का जादू पूरे दुनिया के सिर चढ़ कर बोलता है।
जया किशोरी जी को मिले अवार्ड
जैसे कि सभी जानते हैं कि जया किशोरी जी भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बड़े-बड़े समारोह में भाग ले चुकी है। ऐसे में उन्हें बहुत सारे अवार्ड मिल चुके हैं।
फेम इंडिया एशिया पोस्ट सर्वे 2019 यूथ आइकॉन सर्वे रिपोर्ट में जया किशोरी जी 18320 प्रबुद्ध लोगों के अध्यातम की श्रेणी में रखा गया है।
जया किशोरी के भजन
● राधिका गौरी से
● अच्युतम केस्वाम कृष्ण दामोदरम
● सबसे ऊंची प्रेम सगाई
● गाडी में बिठा ले रे बाबा
● इतनी खत्री करवावे ईगो काई लगे
● जगत के रंग क्या देखू
● कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नंदलाल
● मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
● मां बाप को मत भूलना
● आज हरी आये विदुर घर
● लिंगाष्टकम मृत्युंजय जाप
● हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे रामा हरे रामा
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