मध्यप्रदेश की खनिज सम्पदा :-
प्रदेश का खनिज भंडारण की दृष्टि से देश में तीसरा तथा उत्पादन की दृष्टि से चौथा स्थान है।
मप्र ने अपनी पहली खनिज नीति 1995 में , जबकि नवीनतम खनिज नीति 2010 में घोषित की। मप्र खनिज विकास निगम की स्थापना 19 जनवरी 1962 में की गई , जिसका मुख्यालय भोपाल में है।
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| मप्र में खनिज वितरण |
मप्र के प्रमुख खनिज :-
- कोयला (काला हीर):-
- कोयले के उत्पादन में छत्तीसगढ़ तथा झारखंड क्रमशः पहले तथा दूसरे स्थान पर है।
- जबकि मप्र चौथे स्थान पर है।
- मप्र में मध्य भारत कोयला क्षेत्र तथा सतपुड़ा कोयला क्षेत्र प्रमुख कोयला उत्पादन क्षेत्र है।
- सोहागपुर कोयला क्षेत्र मप्र का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र (शहडोल) है।
- मप्र की प्रमुख कोयला खदाने बैढ़न (सिंगरौली) ,सोहागपुर (शहडोल) , उमरिया , किरार क्षेत्र (अनूपपुर) तथा जोहिला घाटी है।
- सतपुड़ा क्षेत्र की प्रमुख खदाने शाहपुर तवा ( होशंगाबाद बैतूल) , मोहपानी (नरसिंहपुर) , दुलहरा तथा पाथाखेड़ा (बैतूल) तथा कान्हा घाटी , पेंच घाटी (छिंदवाड़ा) आदि है।
- सिंगरौली में कोयले की 130 मी. (सबसे मोटी परत) मोटी परत पाई जाती है।
- कोल गैस शहडोल में पाई जाती है।
- मैंगनीज :-
- मैंगनीज उत्पादन में मप्र का देश में प्रथम स्थान है लेकिन भंडारण की दृष्टि से तीसरा स्थान है।
- मप्र में भर्वेली खान (बालाघाट) , झाबुआ (थांदला तहसील) , छिंदवाड़ा , सिवनी प्रमुख मैंगनीज उत्पादित क्षेत्र है।
- भर्वेली की खदान (बालाघाट) एशिया की सबसे बड़ी मैंगनीज की खुली खदान है।
- बालाघाट को मैंगनीज नगरी भी कहा जाता है।
- तांबा :-
- मप्र का तांबा उत्पादन में प्रथम स्थान है।
- बालाघाट की बैहर तहसील के मलाजखंड में ताम्र अयस्क मुख्य रूप से पाया जाता है।
- मलाजखंड एशिया की सबसे बड़ी अंडरग्राउंड खदान है।
- इसका उत्खनन हिंदुस्तान कॉपर लि. द्वारा किया जाता है।
- हीरा :-
- मप्र भारत का सबसे बड़ा हीरा भंडारण तथा उत्पादक राज्य है।
- मप्र में हीरे का उत्पादन पन्ना (हिनोता, रामखेरिया) , सतना (मझगवां) तथा छतरपुर (अंगोर) में होता है।
- मप्र की खानों से प्रमुख हीरे कोहिनूर , महानमुगल पिट तथा ओरलोफ है।
- बाक्साइड :-
- बाक्साइड एल्युमिनियम का एक अयस्क है।
- प्रदेश में सर्वप्रथम बाक्साइड का उत्खनन कटनी में 1908 में प्रारंभ हुआ।
- उप्र के रेणुकूट संयंत्र को अमरकंटक (अनूपपुर) से ही बाक्साइड भेजा जाता है
- चूना :-
- मप्र का चूना उत्पादन में तीसरा स्थान है।
- मप्र के कटनी जिले से सर्वाधिक चूना पत्थर निकाला जाता है।
- प्रदेश के सतना , रीवा , कटनी , जबलपुर , ग्वालियर प्रमुख चूना पत्थर उत्पादक क्षेत्र है।
- कटनी को चूना नगरी भी कहा जाता है।
- राॅक फास्फेट :-
- प्रमुख उत्पादक जिले - झाबुआ , अलीराजपुर।
- उपयोग - उर्वरक बनाने में।
- ग्रेफाइट (काला सीसा/प्लेम्बगो) :-
- यह मुख्य रूप से मप्र के बैतूल में होता है।
- उपयोग - पेंट , बैटरी , पेंसिल आदि बनाने में।
- टंगस्टन :-
- इसका अयस्क बुलफ्राम है।
- होशंगाबाद जिला टंगस्टन के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
- उपयोग - बल्ब का फिलामेंट बनाने में।
- डोलोमाइट :-
- जब चूना पत्थर में 45% से अधिक मैग्नीशियम पाया जाता है तो इसे डोलोमाइट कहते है।
- यह मुख्यत: छिंदवाड़ा , झाबुआ , जबलपुर में पाया जाता है।
- उत्पादन की दृष्टि से मप्र का दूसरा स्थान है।
- उपयोग - इस्पात उद्योग में , गंधक से तेजाब बनाने में तथा पोटलैण्ड सीमेंट के निर्माण में।
- अभ्रक :-
- यह विद्युत का कुचलक है।
- भारत अभ्रक उत्पादन में प्रथम है।
- मप्र में ग्वालियर , बालाघाट प्रमुख अभ्रक उत्पादक क्षेत्र है।
- चीनी मिट्टी (केओलिन) :-
- चीनी मिट्टी के मामले में मप्र देश में प्रथम स्थान पर है।
- मप्र में लमेटा पहाड़ियां (जबलपुर) , केओलिन पहाड़ियां (ग्वालियर) , कटोली क्षेत्र (रीवा) , तथा कटनी (सर्वाधिक उत्पादन) में चीनी मिट्टी का उत्पादन होता है।
- क्वार्टजाइट :-
- मप्र क्वार्टजाइट के उत्पादन में तीसरे स्थान पर है।
- सर्वाधिक क्वार्टजाइट रीवा जिले में मिलता है।
- फेल्सफार :-
- इसके उत्पादन में मप्र प्रथम स्थान पर है।
- जबलपुर , छिंदवाड़ा , शहडोल में इसका उत्पादन किया जाता है।
- संगमरमर :-
- मप्र के जबलपुर जिले में भेड़ाघाट क्षेत्र में सफेद संगमरमर मिलता है।
- इसके अलावा बैतूल , सिवनी , छिंदवाड़ा , नरसिंहपुर जिलों में रंगीन संगमरमर मिलता है।
- ग्वालियर के बाद नामक स्थान से लाल - पीला छिंटेदार संगमरमर मिलता है।
मप्र के अन्य महत्वपूर्ण खनिज :-
- एस्बेस्टास झाबुआ , अलीराजपुर
- संगमरमर जबलपुर , ग्वालियर
- सीसा (लेड) दतिया , होशंगाबाद , शिवपुरी
- सेलखड़ी (टास्क) जबलपुर
- जिप्सम (हरसोंठ) रीवा, शहडोल, मुरैना, सतना
- सूरमा जबलपुर
- स्लेट मंदसौर ( भारत का एक मात्रा)
- टिन बैतूल (एक मात्रा खदान)
- निकिल सीधी
- यूरेनियम शहडोल
- कोलबेड़ मीथेन शहडोल
- ग्रेनाइट पन्ना , छतरपुर , टीकमगढ़
- प्लेटिनम बैतूल
- पैलेडियम बैतूल
- कोरण्डम पन्ना, सिंगरौली, सीधी
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