Bacche Kaam Par Ja Rahe Hai Class 9 Solutions Pathit Kavyansh बच्चे काम पर जा रहे हैं पठित काव्यांश / पद्यांश
Bacche Kaam Par Ja Rahe Hai Class 9 Solutions Pathit Kavyansh बच्चे काम पर जा रहे हैं पठित काव्यांश / पद्यांश
निम्नलिखित काव्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
1. कोहरे से ढकी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैं।
सुबह-सुबह
बच्चे काम पर जा रहे हैं
हमारे समय की सबसे भयानक पंक्ति है यह
भयानक है इसे विवरण की तरह लिखा जाना
लिखा जाना चाहिए इसे सवाल की तरह
काम पर क्यों जा रहे हैं बच्चे?
(क) बच्चे किस समय कहाँ जा रहे हैं?
(ख) कवि ने किसे भयानक माना है?
(ग) कवि इस बात को किस रूप में प्रकट करना चाहता है?
(घ) पंक्तियों में निहित काव्य-सौंदर्य को प्रतिपादित कीजिए।
उत्तर-(क) बच्चे सर्दियों की सुबह-सवेरे धुंध में मेहनत-मजदूरी का काम करने जा रहे हैं ताकि वे अपना और अपनों का पेट भर सकें ; घर का खर्च चला सकें।
(ख) कवि ने बच्चों के द्वारा विवशतावश पढ़ाई-लिखाई और खेल-कूद छोड़कर काम करने के लिए जाना बहुत भयानक माना है।
(ग) कवि इस बात को समाज के समक्ष के रूप में उपस्थित करना चाहता है और उससे पूछना चाहता है कि बच्चों से इस प्रकार उनका बचपन क्यों छीन लिया गया है?
(घ) कवि को बच्चों के बचपन नष्ट होने और छोटी आयु में उन पर काम-काज का बोझ लादने से बहुत पीड़ा है। वह इसे भयानक मानता है। इससे बच्चे बचपन का अर्थ ही नहीं समझ पाएँगे। चित्रात्मकता के गुण से युक्त खड़ी बोली में रचित अवतरण में तत्सम और तद्भव शब्दावली का सहज प्रयोग किया गया है। अनुप्रास और अलंकारों का स्वाभाविक प्रयोग है। अभिधा शब्द शक्ति और प्रसाद गुण विद्यमान है। अतुकांत छंद का प्रयोग है।
2. क्या अंतरिक्ष में गिर गई हैं सारी गेंदें
क्यां दीमकों ने खा लिया है
सारी रंग बिरंगी किताबों को
क्या काले पहाड़ के नीचे दब गए हैं सारे खिलौने
क्या किसी भूकंप में ढह गई हैं
सारे मदरसों की इमारतें
क्या सारे मैदान, सारे बगीचे और घरों के आंगन
खत्म हो गए हैं एकाएक
तो फिर बचा ही क्या है क्या दुनिया में?
(क) कवि की दृष्टि में बच्चों के लिए क्या करना आवश्यक है?
(ख) बच्चों की प्रिय वस्तुओं के बारे में कवि क्या जानना चाहता है?
(ग) एकाएक क्या नष्ट हो गया प्रतीत होता है?
(घ) अवतरण में निहित काव्य-सौंदर्य को प्रतिपादित कीजिए।
उत्तर-(क) कवि की दृष्टि में बच्चों के लिए खेलना-कूदना और पढ़ना आवश्यक है।
(ख). कवि बच्चों की प्रिय वस्तुओं के बारे में जानना चाहता है कि वे सब कहाँ नष्ट हो गई हैं। बच्चों की गेंदें, रंग बिरंगी पुस्तकें, खिलौने आदि कहाँ गए जिनसे खेल-कूदकर बच्चे प्रसन्न होते थे, उनका बचपन उनके पास रहता था।
(ग) विद्यालयों की इमारतें, मैदान, सारे बगीचे और घरों के आंगन एकाएक नष्ट हो गए प्रतीत होते हैं।
(घ) कवि को बच्चों के बचपन नष्ट हो जाने पर गहरी पीड़ा है। वह जानना चाहता है कि उनके खेलने की सामग्री कहाँ गई। अतुकांत छंद का प्रयोग है। सामान्य बोल-चाल की शब्दावली का सहज प्रयोग किया गया है। उर्दू की शब्दावली का सहजता से प्रयोग सराहनीय है। अलंकार के प्रयोग ने कवि के विस्मय को जागृत किया है।
3. कितना भयानक होता अगर ऐसा होता
भयानक है लेकिन इससे भी ज्यादा यह
कि हैं सारी चीजें हस्बमामूल
पर दुनिया की हज़ारों सड़कों से गुज़रते हुए
बच्चे, बहुत छोटे-छोटे बच्चे
काम पर जा रहे हैं।
(क) कवि की दृष्टि में अधिक भयानक क्या है?
(ख) हैं सभी चीजें हस्बमामूल' का भावार्थ क्या है?
(ग) छोटे-छोटे बच्चे कहाँ जा रहे हैं और क्यों?
(घ) अवतरण में निहित काव्य-सौंदर्य को प्रतिपादित कीजिए।
उत्तर-(क) कवि की दृष्टि में भयानक यह है कि छोटे-छोटे बच्चों की गेंदें, खिलौने, रंग-बिरंगी पुस्तकें आदि सब पहले की तरह हैं परन्तु उन सबको छोड़कर उन्हें काम करने के लिए जाना पड़ रहा है। वे असमय ही अपना बचपन खो बैठे हैं।
(ख) 'हैं सभी चीजें हस्बमामूल' का भावार्थ है कि छोटे बच्चों के लिए खेलों और मनोरंजन के लिए आवश्यक सारी सामग्रियाँ अभी भी वैसी हैं जैसी पहले थीं। उनमें कोई कमी नहीं हुई। अभी उनके लिए विद्यालय हैं; मैदान हैं; घरों के आंगन हैं परन्तु उनमें विवशता के मारे बच्चे नहीं हैं।
(ग) छोटे-छोटे बच्चे काम करने के लिए जा रहे हैं ताकि वे अपनी भूख मिटाने के लिए खाना प्राप्त कर सकें; अपने माता-पिता की सहायता कर सकें।
(घ) कवि ने छोटे बच्चों के द्वारा काम पर जाने पर दुःख प्रकट किया है और माना है कि उन्हें खेल-कूद और पढ़ने-लिखने के कार्य में समय लगाना चाहिए। तद्भव शब्दावली के साथ विदेशी शब्दावली का प्रयोग किया है। अतुकांत छंद का प्रयोग हुआ है। पुनरुक्ति प्रकाश का प्रयोग स्वाभाविक है। प्रसाद गुण और अभिधा शब्द शक्ति ने सरलता-सरसता प्रदान की है।

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