Class 9 Hindi – A Chapter 12 kaidi aur kokila Extra Questions कैदी और कोकिला Important Questions

Class 9 Hindi – A Chapter 12 kaidi aur kokila Extra Questions कैदी और कोकिला Important Questions



प्रश्न 1. कविता के आधार पर कवि की चरित्रगत विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर-कवि श्री माखन लाल चतुर्वेदी देशभक्त थे, जिन्होंने महात्मा गांधी के आह्वान पर देश की परतंत्रता को समाप्त करने के लिए जी-जान से प्रयत्न किया था। अंग्रेज़ी शासन के द्वारा उन्हें कारागार में चोर, डाकुओं और बटमारों के साथ बंद किए जाने पर भी वे हताश नहीं हुए थे। वे संवेदनशील थे। कोकिल के रात के समय कूकने पर उसकी संवेदना उससे भी जुड़ गई थी। वे कल्पनाशील थे। वे मन से शक्तिशाली थे। अंग्रेज़ी सरकार के द्वारा दिए जाने वाले कष्ट उन्हें तोड़ नहीं पाये थे। वे वचन के पक्के थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए एक बार मन में ठान लेने पर वे इस मार्ग से पीछे नहीं हटे थे।


प्रश्न 2. कारागार में कवि की कैसी दशा है?

उत्तर-कारागार में कवि को डाकू, चोर, ठगों जैसे अपराधियों के साथ बंद किया गया है, जबकि वह एक स्वतंत्रता सेनानी था। उसे पेट-भर भोजन भी नहीं दिया जाता। रात-दिन उस पर कड़ा पहरा रहता है। उसे हथकड़ियों में जकड़ कर रखा गया है। उसे कोल्हू चलाना पड़ता है तथा हथौड़े से ईंट पत्थर भी तोड़ने पड़ते हैं।


प्रश्न 3. बंदी जीवन में भी कवि निरुत्साहित क्यों नहीं है?

उत्तर-बंदी जीवन में अनेक कष्टों को सहन करते हुए भी कवि निरुत्साहित नहीं है। उसका मन देश को स्वतंत्रता प्राप्त कराने के लिए रणभेरी बजा रहा है। वह मोहनदास करमचंद गाँधी के देश की स्वतंत्रता के लिए व्रत में अपने प्राणों को पूर्ण रूप से समर्पित कर इसमें अपना पूरा सहयोग देना चाहता है।


प्रश्न 4. 'कैदी और कोकिल' कविता का संदेश/उद्देश्य/मूलभाव स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर-'कैदी और कोकिल' कविता के माध्यम से कवि ने तत्कालीन ब्रिटिश शासकों द्वारा देश की स्वतंत्रता के

लिए आंदोलन करने वाले देशभक्तों पर किए जाने वाले अत्याचारों का वर्णन करते हुए यह स्पष्ट किया है कि स्वतंत्रता सेनानी जेल में बंद होने पर भी अपना साहस नहीं खोते तथा महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए अहिंसापूर्ण स्वतंत्रता-संग्राम में सहर्ष अपना पूरा योगदान देने के लिए तत्पर रहते हैं।


प्रश्न 5. कवि ने रात के अंधेरे में किसे संबोधित किया है और क्यों?

उत्तर-कवि अंग्रेज़ी शासन में स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किए जाने वाले प्रयत्नों के कारण जेल में बंद है। जेल के सभी कैदी सो गए हैं केवल कवि जाग रहा है, कवि ने रात के समय में कोयल की उपस्थिति अनुभव की। उसने बात करने के उद्देश्य से कोयल को संबोधित किया था। कवि कोयल से पूछता है कि वह इतनी रात को क्यों जाग रही है? उसे नींद क्यों नहीं रही है।


प्रश्न 6. कवि कोयल से क्या जानना चाहता है?

उत्तर-कवि कोयल से यह जानना चाहता है कि वह आधी रात को क्यों जाग रही है? वह किस पीड़ा से परेशान होकर कूकी है? क्या उसे नींद नहीं रही है या वह पागल है या उसे जंगल में लगी आग की लपटें दिखाई दी हैं? वह क्यों इतनी बेचैन है?


प्रश्न 7. कवि ने 'दावानल की ज्वालाएँ' किसे माना है?

उत्तर-कवि के समय में हमारा देश गुलाम था। देश को आजाद कराने के प्रयत्न किए जा रहे थे। जिससे भारतीयों को भयंकर और दुखदायी कष्टों का सामना करना पड़ रहा था। इस लिए हमारे लिए परतंत्रता ही 'दावानल की ज्वालाएँ थीं। कवि यह नहीं जानता कि आधी रात के समय कूकने वाली कोयल के लिए 'दावानल की ज्वालाएं' क्या थीं।


प्रश्न 8. कवि किन कष्टों में रातभर जागता रहता था और कोयल से वह क्या जानना चाहता है?

उत्तर-कवि को अंग्रेज़ी सरकार ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण जेल में बंद किया था। जेल में अंग्रेज़ अधिकारी कैदियों को तरह-तरह के कष्ट देते थे। कैदियों को पेट भर खाना नहीं मिलता था और कई तरह के शारीरिक कष्ट देते थे। कवि वहाँ  के कष्टों से परेशान रात-भर जागता रहता था। कवि ने कोयल से उसके आधी रात के समय जागने का कारण जानने की इच्छा व्यक्त की। वह उससे उस के कष्टों के विषय में जानना चाहता है, जिससे परेशान होकर वह रात के समय जाग रही है।


प्रश्न 9. कवि को कारागार में कौन-कौन से शारीरिक परिश्रम के काम दंड रूप में करने पड़ते थे?

उत्तर-कवि देश की स्वतंत्रता के प्रयत्नों के कारण से जेल में बंद है। जेल में कैदियों को कई तरह से शारीरिक कष्ट दिए जाते थे, यह कष्ट उनसे काम करवा कर दिए जाते थे। कवि को जेल में तेल निकालने के लिए पशुओं की तरह कोल्हू चलाना पड़ता था, हथौड़ों से ईंट-पत्थर की गिट्टियां बनानी, पेट की सहायता से हल जोतना, बैलों की तरह छाती से फीता लगाकर चूना आदि पीसने का काम करना पड़ता था।


प्रश्न 10. कवि ने ब्रिटिश अकड़ का कुआं किस प्रकार खाली किया था

उत्तर-ब्रिटिश अधिकारी जेल में बंद लोगों को बहुत शारीरिक कष्ट देते थे। परंतु कवि और अन्य लोग उन कष्टों को चुपचाप सहते थे, वे इनसे परेशान नहीं होते थे। उन लोगों को यह सोचकर संतोष होता था कि उनकी यंत्रणाओं का विरोध करके चुपचाप सहन करके ब्रिटिश अकड़ का कुआं खाली कर रहे हैं।


प्रश्न 11. रात के समय कोकिल किस कारण आई थी?

उत्तर-कवि ने कोकिल को स्वतंत्रता को प्यार करने वाले पक्षी के रूप में चित्रित किया है वह भी देश को गुलामी में बंधे देखकर रो रही है। जो लोग देश को आज़ाद कराने का प्रयत्न कर रहे हैं, उन्हें ब्रिटिश अधिकारी कष्ट दे रहे हैं। कोयल आधी रात को कारागार में बंद स्वतंत्रता सेनानियों के कष्टों में सहभागी बनने और उनके कष्टों पर मरहम लगाने के लिए आई थी। वह उनके साथ मिलकर रोना चाहती थी।


प्रश्न 12. कवि ने अपने आस-पास के वातावरण में किन-किन काली वस्तुओं की गणना की है?

उत्तर-कवि के अनुसार ब्रिटिश शासन में चारों ओर गुलामी का अंधकार फैला हुआ है जहाँ सभी ओर काला ही काला दिखाई देता है। कवि ने अपने आस-पास के वातावरण में कोयल को काला माना है; रात काली है, अंग्रेज़ी शासन काला है, लहर काली है, कवि की कल्पना काली है, काल कोठरी काली है, उसकी टोपी काली है, कंबल काला है और उसको बाँधने वाली जंजीरे भी काली हैं।


प्रश्न 13. कोयल की कूक 'चमकीला गीत' क्यों है?

उत्तर-आधी रात में कवि को कोयल के कूकने की आवाज़ सुनाई देती है कवि अपना दुःख कोयल के साथ बांटना चाहता है कवि में कोयल की कूक आशा और उत्साह का भाव और स्वर प्रदान करती थी जिस कारण वह अपनी निराशा से मुक्ति पाता था। वह उसे प्रेरणा प्रदान करती थी। कवि को कोकिल का स्वर देश भक्ति का भाव भरता-सा प्रतीत होता था। इसलिए कवि को लग रहा है कि वह अपने 'चमकीले गीत' से उसमें कष्टों को सहने का उत्साह भरने आई है।


प्रश्न 14. कवि ने अपनी और कोकिल की अवस्थाओं में किस प्रकार तुलना की है?

उत्तर-कवि ने अपनी और कोकिल की अवस्था में बहुत बड़ा अंतर माना है। कोकिल को रहने के लिए पेड़ की हरी-भरी शाखाएं मिली हैं और वह दस फुट की काली कोठरी में रहता है। कोकिल खुले आसमान में विचरण करती है और वह काली कोठरी में बंद है जहाँ सब कुछ काला ही काला है। कोकिल कूकती है तो सबको अच्छा लगता है, उसमें जीवन का रंग दिखाई देता है परंतु कवि रोता है तो उसमें दुःख दिखाई देता है और जेल में रोना गुनाह माना जाता है।


प्रश्न 15. कवि ने किस के व्रत का पालन करने का निश्चय किया था? और कैसे?

उत्तर-कवि ने महात्मा गांधी के द्वारा देश की आज़ादी के व्रत का पालन करने का निश्चय किया है। कवि कारागार में बंद है परंतु उसका हृदय देश की आजादी के लिए कुछ करने के लिए मचल रहा है। वह वहाँ  बंद रह कर भी अपनी रचना के माध्यम से आजादी की रण भेरी बजाना चाहता है; वह लोगों को जागृत करना चाहता है कि लोग महात्मा गांधी के आज़ादी स्वप्न को पूरा करने में सहयोग दें।



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