Class 9 Hindi – A Yamraj ki Disha Extra Questions यमराज की दिशा Important Questions

Class 9 Hindi – A Yamraj ki Disha Extra Questions यमराज की दिशा Important Questions




प्रश्न 1. 'यमराज की दिशा' कविता के भाषा शिल्प पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर-कवि की कविता में भाव जितने सीधे हो कर भी गंभीर हैं, उस की भाषा भी उतनी ही आसान हो कर गहरी है। कवि ने बड़ी बोली का प्रयोग किया है जिसमें तत्सम, तद्भव शब्दावली के प्रयोग के साथ-साथ सरल उर्दू के शब्दों का प्रयोग भी किया गया है। मुक्त छंद का प्रयोग करने में कवि को निपुणता प्राप्त है। अभिधा के प्रयोग ने कथन को सरलता-सरसता प्रदान की है। प्रसाद गुण सर्वत्र विद्यमान है, अनुप्रास, पुनरुक्ति प्रकाश, स्मरण अलंकारों की सहज प्रयोग ने कथन को सरसता प्रदान की है।


प्रश्न 2. कवि ने अपनी माँ के परमात्मा के प्रति आस्था और विश्वास को किस प्रकार प्रकट किया है?

उत्तर-कवि की माँ की परमात्मा में आस्था और विश्वास था। वह अपना सुख-दुःख सभी कुछ परमात्मा से बाँटती थी। वे ऐसा दिखाती थी कि वह ईश्वर को जानती है, उनसे बात करती, प्रत्येक कार्य में उनसे सलाह लेती है और उनकी अनुसार कार्य करती है। ईश्वर पर विश्वास करती हुई वह जिंदगी जीने और दु: सहने के रास्ते ढूँढ लेती थी। इस तरह सभी समस्याओं पर विजय प्राप्त कर लेती थी।


प्रश्न 3. क्या कवि अपनी माँ की बात मानता था? कैसे?

उत्तर-कवि ने छोटेपन से ही अपनी माँ को सभी प्रकार की समस्याओं से लड़ते हुए देखा है। उसके लिए माँ की बात सत्य थी। उसकी माँ जो कहती थी वह मान लेता था। बचपन में उसकी माँ ने उसे दक्षिण दिशा में पैर करके सोने को मना किया था क्योंकि यह दिशा यमराज देवता की है। वह यमराज का अनादर करके उन्हें क्रोधित करना नहीं चाहती थी। इसलिए कवि उनकी बात मान कर कभी भी दक्षिण दिशा की ओर पैर करके नहीं सोया।


प्रश्न 4. कवि ने ऐसा क्यों कहा है कि आज प्रत्येक दिशा दक्षिण दिशा है?

उत्तर-कवि को उसकी माँ ने बताया था कि दक्षिण दिशा यमराज की है, वह मौत का देवता है। इसलिए इस दिशा में पैर करके सोना ठीक नहीं है। परंतु वर्तमान समय सभी दिशाएं दक्षिण दिशा हो गई हैं। इसका कारण यह है कि आज सभी दिशाओं में मौत बसती है। चारों ओर विध्वंस, हिंसा, मार-काट, दंगे-फसाद हो रहा है। सारे संसार में मौत किसी किसी रूप में ताडंव कर रही है, मनुष्य-मनुष्य को मार रहा है इसलिए कवि को आज सभी दिशाएँ दक्षिण ही लगती हैं जहाँ मृत्यु का देवता अपने आलीशान महल में विराजमान है।


प्रश्न 5. क्या आपकी माँ आपको सीख देती है यदि? हाँ तो उस सीख के विषय में लिखिए।

उत्तर-संसार में सभी माँए अपने बच्चे को सदा अच्छी शिक्षा ही देती हैं। मेरी माँ ने भी मुझे अच्छी शिक्षा दी है। मुझे उनकी हर बात उचित लगती है क्योंकि उनके पास अपने जीवन का अनुभव होता है। वे मेरी शुभचिंतक भी है, वे मुझे तरह-तरह की सीख देती हैं, ईश्वर के प्रति श्रद्धा और विश्वास करना, अपने से बड़ों का सम्मान करना और कहना मानना, समय पर सभी काम करना, दूसरों की मदद करना, सभी प्रकार की बुराइयों से बचकर रहना, एक अच्छा इन्सान बन कर देश की सेवा करना आदि सीख देती है।


प्रश्न 6. 'यमराज की दिशा' का मूल भाव स्पष्ट करें।

उत्तर-'यमराज की दिशा' कविता के कवि चंद्रकांत देवताले हैं। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से सभ्यता के विकास की खतरनाक दिशा की ओर संकेत करते हुए चेतावनी भरे स्वर में कहा है कि वर्तमान में मानव कहीं भी सुरक्षित नहीं है। जीवन विरोधी ताकतें संसार में चारों ओर फैल रही हैं। कवि की माँ के अनुसार मृत्यु की दिशा दक्षिण थी। वे उसका सम्मान करने के लिए कहती थी। उस दिशा का अपमान करने से यमराज नाराज़ हो जाएँगे। परंतु आज सभी दिशाएँ यमराज का घर बन चुकी हैं। विश्व के प्रत्येक कोने में हिंसा, विध्वंस, नाश और मौत का साम्राज्य है। इसलिए आज सभी दिशाएँ दक्षिण दिशा बन चुकी हैं।




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