Most important current affairs (March)

नीति आयोग की छठी गवर्निग काउंसिल की बैठक , 2021
  •  20 फरवरी , 2021 को नीति आयोग गवर्निग काउंसिल की छठी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित हुई । 
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी अध्यक्षता की । 
  • इसमें केंद्रीय मंत्रियों के अलावा 26 मुख्यमंत्रियों , 3 लेफ्टिनेंट गवर्नरों और 2 प्रशासकों ने भाग लिया , जो पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य हैं । 
  •  नीति आयोग के उपाध्यक्ष , सदस्य और सीईओ , प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और पीएमओ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी , कैबिनेट सचिव और राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिव भी बैठक में शामिल हुए । 
  •  बैठक का संचालन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया । 
  • छठी परिषद की बैठक के एजेंडा में निम्नलिखित विषय शामिल थे : 
  • 1. मेकिंग इंडिया को मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस बनाना 
  • 2. कृषि को फिर से जीवंत करना
  •  3. फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार 
  • 4. मानव संसाधन विकास में तेजी लाना 
  • 5. जमीनी स्तर पर सेवा देने में सुधार 
  • 6. स्वास्थ्य और पोषण ।
  •  परिषद ने भारत को एक मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनाने के लिए कई कदमों पर विचार किया , जैसे अनुपालन बोझ को कम करना , राज्य स्तर पर सुधार शुरू करना , लॉजिस्टिक में सुधार करना , जिला स्तरीय प्रतियोगिता के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देना और नौकरियां पैदा करना । 
  •  राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने पानी की पहुंच में सुधार , गुणवत्ता और विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति , इंटरनेट कनेक्टिविटी और बैंडविड्य की उपलब्धता , गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं , जलवायु परिवर्तन के जोखिमों को कम करने के लिए स्थायी कृषि प्रथाओं का उल्लेख करते हुए एक उन्नत विनिर्माण और नवाचार का निर्माण करने के लिए उपयुक्त सुधारों का भी उल्लेख किया । 
  •  नीति आयोग की गवर्निग काउंसिल के बारे में 
  • नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में भारत के प्रधानमंत्री , सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल , पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल होते हैं । 
  • यह देश की एक प्रमुख संस्था है और जिसकी जवाबदेही विकास को आकार देने में राज्यों की सक्रिय हिस्सेदारी के साथ राष्ट्रीय विकास वरीयताओं , क्षेत्रों और रणनीतियों के एक साझे दृष्टिकोण को विकसित करना है । 
  •  नीति आयोग का कार्य राज्यों के साथ लगातार ढांचागत सहयोग लिए काम करना और सरकारी तंत्र के द्वारा सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना ।



महात्मा गांधी नेशनल फैलोशिप , 2021-2023 



  •  13 फरवरी , 2021 को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ( एमएसडीई ) ने दो वर्षीय महात्मा गांधी नेशनल फैलोशिप ( एमजीएनएफ ) 2021-2023 का शुभारंभ किया । 
  • इसे पूरे भारत के 660 से अधिक जिलों में राष्ट्रीय स्तर पर रोलआउट किया जाएगा ।
  •  इस कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रांसफॉर्मिग स्किलिंग यू स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप अंडर संकल्प इवेंट के दौरान किया गया । 
  • संकल्प ( स्किल्स एक्वीजीशन एंड नॉलेज अवेयरनेस फॉर लाइवली हुड प्रमोशन ) जिला प्रशासन और जिला कौशल समितियों ( डीएससी ) को मजबूत करने हेतु विश्व बैंक समर्थित एक कार्यक्रम महात्मा गांधी नेशनल फैलोशिप ( एमजीएनएफ ) के तहत शोधार्थियों को डीएससी के साथ संगल्न होने के साथ - साथ समय कौशल तंत्र को समझने में अकादमिक विशेषता और तकनीकी दक्षता प्राप्त होगी और जिला कौशल विकास योजनाओं ( डीएसडीपी ) के निर्माण तंत्र के माध्यम से जिला स्तर पर कौशल विकास योजनाओं का प्रबंधन करने में मदद करेगा । 
  • पहले परीक्षण में एमजीएनएफ की सफल शुरुआत के बाद जिसमें 69 जिलों में 69 शोधार्थी काम कर रहे थे , मंत्रालय अब एमजीएनएफ का विस्तार देश के बाकी जिलों में कर रहा है । 
  •  एमजीएनएफ में अकादमिक उत्कृष्टता और प्रतिष्ठा के स्तर को बनाए रखने के लिए मंत्रालय सिर्फ आईआईएम के साथ साझेदारी कर रहा है । 
  • एमजीएनएफ के देशव्यापी शुरूआत हेतु 9 आईआईएम - आईआईएम- बैंगलुर , आईआईएम अहमदाबाद , आईआईएम लखनऊ , आईआईएम कोझीकोड , आईआईएम विशाखापत्तनम , आईआईएम उदयपुर , आईआईएम , नागपुर , आईआईएम रांची और आईआईएम जम्मू को इस साझेदारी में शामिल किया गया है । 
  • इसके अलावा एमएसडीई ने केरल , तमिलनाडु , पुडुचेरी और लक्षद्वीप के जिला स्तर के अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित करने के उद्देश्य से केरल इंस्टीट्यूट यूट ऑफ लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ( केआईएलए ) के साथ भागीदारी की है । 
  •  प्रशिक्षक से जुड़े तंत्र को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से संकल्प कार्यक्रम सार्वजनिक निजी भागीदारी मोड में ट्रेनर ऑफ ट्रेनर ( टीओ ) प्रणाली का समर्थन करेगा , जो उद्योग जगत एवं तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण ( टीवीईटी ) से जुड़े तंत्र के बीच एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण है।
  • इस दिशा में , इस उद्देश्यों को पूरा करने हेतु ' कलस्टर दृष्टिकोण ' अपनाया गया है और औरंगाबाद में जीआईजेड - विकसित ऑटोमोटिव कलस्टर को परीक्षण ( पायलट ) हेतु चुना गया है।
  • इस पायलट प्रोजेक्ट को लागू करने हेतु एमएसडीई , ऑटोमोटिव स्किल डेवलपमेंट काउंसिल , इंडो - जर्मन प्रोग्राम फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग और महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास मिशन के प्रमुख हितधारकों के बीच एक रणनीतिक साझोरी की गई है । 
  •  इस कार्यक्रम के दौरान इस परियोजना के लिए एमईपीएससी के साथ साझेदारी में ' कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता और यौन उत्पीड़न की रोकथाम ' के विषय में कौशल प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया गया । 
  •  6 महीने की अवधि वाली यह परियोजना राजस्थान , हरियाणा , पंजाब राज्यों में 15 जिलों में लागू की जाएगी ।



नेपाल में सांस्कृतिक विरासत परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए अनुदान

  •  11 फरवरी , 2021 को भारत ने नेपाल में विभिन्न सांस्कृतिक विरासत परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई । 
  •  इस वित्त पोषण / अनुदान योजना के तहत काठमांडू घाटी में स्थित तीन सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएं शामिल हैं । 
  • ध्यातव्य है कि नेपाल के आठ जिलों में विस्तृत सांस्कृतिक विरासत स्थलों में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत द्वारा 50 मिलियन डालर अनुदान सहायता के तहत परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं ।
  •  समझौता और साइटें काठमांडू में भारतीय दूतावास और नेपाल में विभिन्न हितधारकों के प्रतिनिधियों ने तीन सांस्कृतिक विरासत स्थलों के संरक्षण और रेट्रोफिटिंग के लिए तीन अनुबंध समझौतों पर हस्ताक्षर किए । 
  • भारत सेतो मछिंद्रनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करेगा , बुधनीलकांठा में धर्मशाला का निर्माण करेगा एवं ललितपुर जिले में कुमारी गृह का सरंक्षण एवं विकास करेगा । 
  • परियोजना प्रबंधन सलाहकार ' इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज ' को संरक्षण कार्य की देखरेख के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है । 
  • पहले की सहायता इससे पहले नवंबर 2019 में , भारत ने नेपाल में बुधनिलकंठ मंदिर के लिए मठाधीश भवन के निर्माण में 21.8 मिलियन रुपये की लागत से अपना योगदान दिया था । 


केरल का पहला ब्रेस्ट मिल्क बैंक 

  •  6 फरवरी , 2021 को केरल के एर्नाकुलम जनरल अस्पताल में ' पहले ब्रेस्ट मिल्क बैंक ' का उद्घाटन हुआ । 
  • रोटरी क्लब ऑफ कोचीन के सहयोग से दूध बैंक की स्थापना की गई । 
  •  यह दूध बैंक उन नवजात शिशुओं के लिए स्तन दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा , जिन्हें अपनी माताओं द्वारा स्तनपान नहीं कराया जाता है ।
  •  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स के साथ मिलकर जनरल अस्पताल में दूध बैंक के संचालन के लिए एक प्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉफ प्रदान किया गया है । 
  • इस मिल्क बैंक में एक पाश्चुरीकरण इकाई , रेफ्रिजरेटर आरओ प्लांट और कंप्यूटर इत्यादि शामिल किए जाएंगे । 
  •  इस बैंक की स्थापना के लिए पिछले साल ही केरल राज्य के स्वास्थ्य विभाग और रोटरी क्लब ऑफ कोचीन ग्लोबल के बीच एक समझौता - ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे , लेकिन कोविड -19 के प्रकोप से इस परियोजना में देरी हुई । 
  • भारत में यह अवधारणा 32 साल पहले आयी थी ।


भारत - ऑस्ट्रेलिया- -जापान - अमेरिका के बीच तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक 

  • 18 फरवरी , 2021 को भारत - ऑस्ट्रेलिया - जापान - अमेरिका ( क्वाड ) के बीच तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक , 2021 वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संपन्न हुई । 
  • इसमें संबंधित देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया । 
  • विदेश मंत्री एस . जयशंकर ने इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया । 
  • इस बैठक से 6 अक्टूबर 2020 को टोक्यो में आयोजित पिछली बैठक में साझा किए गए विचारों को आगे भी जारी ने का अवसर मिला ।
  •  इस बैठक के दौरान मंत्रिगणों ने क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान - प्रदान किया ।
  •  जिसमें विशेष रुप से इंडो - पैसेफिक क्षेत्र को स्वतंत्र , खुला एवं समावेशी बनाए रखने की दिशा में सहयोग पर चर्चा की गई ।
  •  साथ ही बैठक में कोविड -19 महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों , वैश्विक जलवायु परिवर्तन और आपसी हितों के अन्य मुद्दों से निपटने पर भी बातचीत की गई ।
  •  इसकी पहली बैठक सितम्बर , 2021 में न्यूयार्क में हुई थी । 


6हिंद महासागर क्षेत्र के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन , 2021 

  •  4 फरवरी , 2021 को हिंद महासागर क्षेत्र ( IOR ) के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन भारत की मेजबानी में बंगलुरू में आयोजित हुआ । 
  •  यह सम्मेलन 3 से 5 फरवरी , 2021 तक बंगलुरू में आयोजित होने वाले एशिया के सबसे बड़े एयरो शो ' एयरो इंडिया -2021 ' के दौरान संपन्न हुआ । 
  •  सम्मेलन का मुख्य विषय था- “ हिंद महासागर में शांति , सुरक्षा और सहयोग में वृद्धि करना " । 
  • सम्मेलन एक संस्थागत , आर्थिक और सहकारी वातावरण में बातचीत को बढ़ावा देने की एक पहल है । 
  • यह हिंद महासागर क्षेत्र में शांति , स्थिरता और समृद्धि के विकास को बढ़ावा दे सकता है । 
  • सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के बीच रक्षा उद्योग सहयोग से जुड़े विषयों , समुद्री निगरानी और सहयोग तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत इत्यादि विषयों पर चर्चा हुई । 
  •  सम्मेलन में चार देशों ( मालदीव , कोमोरोस , ईरान और मेडागास्कर ) के रक्षा मंत्रियों , छह देशों ( ऑस्ट्रेलिया , केन्या , सेशेल्स , मॉरीशस , कुवैत और म्यांमार ) के राजदूतों / उच्चायुक्तों सूडान के रक्षा सचिव और 10 देशों के सेना प्रमुखों ने भाग लिया । वां इंडिया फार्मा और इंडिया मेडिकल डिवाइस 2021 

25-26 फरवरी और 1-2 मार्च , 2021 के मध्य 6 वां इंडिया फार्मा और इंडिया मेडिकल डिवाइस ( India Pharma & India Medical Device ) 

  • 2021 सम्मेलन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित होगा।
  • ओषधीय और चिकित्सा उपकरण संबंधित यह कार्यक्रम ओषध विभाग रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा फिक्की और इन्वेस्ट इंडिया के साथ मिलकर किया जाएगा । 
  • इंडिया फार्मा के लिए इस वर्ष की थीम है- " इंडिया फार्मा इंडस्ट्री : फ्यूचर इज नाउ ' । 
  • जबकि इंडिया मेडिकल डिवाइस के लिए थीम है- " इंडिया मेडटेक फ्यूचर : इनोवेट एंड मेक इन इंडिया थूर ग्लोबल अलायंस " । 
  • गौरतलब है कि भारत सस्ती जेनरिक दवाओं का एक बड़ा प्रमुख निर्यातक है और चिकित्सा उपकरणों व रोग निदान का एक प्रमुख केंद्र है । एक अनुमान के मुताबिक भारतीय फार्मा उद्योग वर्ष 2030 तक 130 अरब अमेरिकी डॉलर तक का हो जाएगा ।  
  • वर्ष2025 तक भारत में चिकित्सा उपकरणों के उद्योग के 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है ।


पहला आसियान - भारत हैकाथॉन , 2021 
  •  5 फरवरी , 2021 तक पहला आसियान - भारत हैकाथॉन , 2021 आयोजित हुआ । 
  • 5 फरवरी , 2021 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रीय रमेश पोखरियाल ' निशंक ' और विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने आसियान देशों के मंत्रियों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ आसियान भारत -2021 के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में भाग लिया । 
  • इसमें 10 आसियान देशों और भारत के 300 से अधिक छात्रों , मार्गदर्शकों और अधिकारियों ने भाग लिया।
  • आसियान - भारत हैकॉथान आसियान के दृष्टिकोण - विज्ञान और प्रौद्योगिकी और नवाचार की कार्य योजना ( एपीएएसटीआई ) 2016-2025 के अनुरूप है । 
  • इस हैकाथॉन का लक्ष्य भारत और आसियान देशों के बीच विज्ञान , प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना था । 
  • ब्लू इकोनॉमी और शिक्षा के दो व्यापक विषयों के मामले में सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने हेतु अभिनव समाधान प्रदान करने की इस अनूठी पहल में सभी आसियान देशों ने भागीदारी की।
  • भारत के साथ - साथ इसमें 10 आसियान देशों के छात्रों ने भाग लिया । 
  • इन टीमों में 330 छात्र और 90 संरक्षक शामिल थे । 
  • छात्रों को 54 टीमों में विभाजित किया गया था , जिनमें लगभग सभी देशों का प्रतिनिधित्व था । 
  • प्रत्येक टीम में 6 छात्र और 2 संरक्षक शामिल थे । 
  • इन विविध टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों और सरकारी निकायों द्वारा प्रदान की गई 11 समस्याओं के लिए सबसे अच्छा समाधान विकसित करने का प्रयास किया । 
  • शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ( विदेश मंत्रालय ) और आसियान देशों के सहयोग से इस हैकाथॉन का आयोजन किया गया । 
  • कोविड -19 प्रतिबंधों के कारण , हैकॉथान को उस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ऑनलाइन आयोजित किया गया , जिसे स्वदेशी रूप से शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ द्वारा विकसित किया गया था।
  • उल्लेखनीय है कि आसियान के 10 सदस्य देश
  •  - इंडोनेशिया , मलेशिया , फिलीपींस सिंगापुर , थाईलैंड , ब्रुनेई , लाओस , म्यांमार , कंबोडिया और वियतनाम हैं । 


हिंद महासागर क्षेत्र के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन , 2021 

  •  4 फरवरी , 2021 को हिंद महासागर क्षेत्र ( IOR ) के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन भारत की मेजबानी में बंगलुरू में आयोजित हुआ । 
  • यह सम्मेलन 3 से 5 फरवरी , 2021 तक बंगलुरू में आयोजित होने वाले एशिया के सबसे बड़े एयरो शो ' एयरो इंडिया -2021 ' के दौरान संपन्न हुआ । 
  •  सम्मेलन का मुख्य विषय था- “ हिंद महासागर में शांति , सुरक्षा और सहयोग में वृद्धि करना " ।
  •  यह सम्मेलन एक संस्थागत , आर्थिक और सहकारी वातावरण में बातचीत को बढ़ावा देने की एक पहल है । 
  • यह हिंद महासागर क्षेत्र में शांति , स्थिरता और समृद्धि के विकास को बढ़ावा दे सकता है । 
  •  सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के बीच रक्षा उद्योग सहयोग से जुड़े विषयों , समुद्री निगरानी और सहयोग तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत इत्यादि विषयों पर चर्चा हुई । 
  •  सम्मेलन में चार देशों ( मालदीव , कोमोरोस , ईरान और मेडागास्कर ) के रक्षा मंत्रियों , छह देशों ( ऑस्ट्रेलिया , केन्या , सेशेल्स , मॉरीशस , कुवैत और म्यांमार ) के राजदूतों / उच्चायुक्तों सूडान के रक्षा सचिव और 10 देशों के सेना प्रमुखों ने भाग लिया ।

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