राजनीति शास्त्र (Political science)
10th के political science (राजनीति शस्त्र ) के पहला
chapter से जीतने भी महत्वपूर्ण प्रश्न बनते है ,लेकर आया
हूँ| ये सारे प्रश्न पिछले exam मे पुछे गए हैं |
तो मेरे प्यारे दोस्तों आप अंत तक जरूर पढ़ें |
आप इसे अपने दोस्तों के पास भी जरूर send करें |
लघु उत्तरीय प्रश्न-
लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी
Q.1. श्रीलंका और भारत में सामाजिक विभाजन का आधार क्या है ?
में सामाजिक विभाजन है ।
Q.2. लैंगिक असमानता क्या है ?
उत्तर — लिंग के आधार पर समाज में महिलाओं व पुरुषों में जो
असमानता पाई जाती है उसे लैंगिक असमानता कहते हैं ।
यह असमानता सामाजिक , आर्थिक , राजनीतिक व अन्य
क्षेत्रों में पाई जाती है ।
Q.3. किन्हीं तीन प्रावधानों का जिक्र करें , जो भारत को
धर्मनिरपेक्ष देश बनाते हैं
उत्तर- हमारे देश में धर्मनिरपेक्ष शासन की स्थापना के लिए
कई प्रावधान हैं , जैसे—
( i ) संविधान में हर नागरिक को यह स्वतंत्रता दी गई है कि
अपने विश्वास से वह किसी भी धर्म को अंगीकार कर सकता है ।
इस आधार पर उसे किसी अवसर से वंचित नहीं किया जा सकता है ।
धर्मावलंबी को अपने धर्म का पालन करने अथवा शांतिपूर्ण ढंग से
प्रचार करने का अधिकार है । इसके लिए वह शिक्षण संस्थाओं को
स्थापित एवं संचालित भी कर सकता है ।
( ii ) हमारे संविधान के अनुसार धर्म के आधार पर किसी प्रकार
का भेदभाव असंवैधानिक घोषित है ।
( iii ) संविधान में इस बात का स्पष्ट उल्लेख कर दिया गया है कि
भारत का अपना कोई धर्म नहीं है ।
Q.4. सत्ता की साझेदारी से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर – सत्ता की साझेदारी एक ऐसी कुशल राजनीतिक पद्धति है
जिसके द्वारा समाज के सभी वर्गों को देश की शासन प्रक्रिया में
भागीदार बनाया जाता है ताकि कोई भी वर्ग यह महसूस न करें कि
उसकी अवहेलना हो रही है । वास्तव में , सत्ता की भागीदारी लोकतंत्र
का मूलमंत्र है । जिस देश ने सत्ता की साझेदारी को अपनाया वहाँ गृहयुद्ध
की संभावना समाप्त हो जाती है । सरकार के तीनों अंगों विधायिका ,
कार्यपालिका तथा न्यायपालिका में भी सत्ता की भागीदारी को
अपनाया जाता है ।इस प्रकार केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकारों
में भी सत्ता की भागीदारी के सिद्धांत पर शक्ति का बँटवारा कर दिया जाता है ।
Q.5. भाषा नीति क्या है ?
उत्तर भारत वास्तव में विविधतापूर्ण देश है जहाँ 114 से अधिक प्रमुख
भाषाओं का प्रयोग होता है । इसमें इन सभी भाषाओं के प्रति आदर
होना चाहिए ।ये सब मिलकर हमारी भाषाई विरासत को समृद्ध बनाते हैं
तथा उन्हें साथ विकसित होने में मदद करते हैं । हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी है ।
अत : प्रमुख भाषाओं को समाहित करने की नीति ने राष्ट्रीय एकता
को मजबूत किया है । भारतीय संविधान में 22 प्रमुख भाषाओं को
समाहित किया गया है । जैसे - हिन्दी , अंग्रेजी , बंग्ला , तेलुगू , कन्नड़ आदि ।
यही भाषा नीति है । इसे अपनाकर राष्ट्रीय एकता को सबल बनाया गया है ।
Q.6. भारत में किस तरह जातिगत असमानताएँ जारी हैं ?
उत्तर - भारत में श्रम विभाजन के आधार पर जातिगत असमानताएँ जारी हैं ।
भारत की तरह दूसरे देशों में भी पेशा का आधार लगभग वंशानुगत ही है ।
पेशा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्वतः चला जाता है ।
पेशे पर आधारित सामुदायिक व्यवस्था ही जाति का रूप ले लेती है ।
यह व्यवस्था जब स्थायी हो जाती है तब वह श्रम विभाजन का अतिवादी
रूप कहलाने लगनी है । वास्तव में इसे ही हम जाति के नाम से जानने लगते हैं ।
खासकर शादी - विवाह और अनेक अनिवार्य व्यवस्थाओं में यह स्पष्ट रूप
से दिख जाता है । इस प्रकार भारत में सदियों से जातिगत असमानताएँ जारी है।
Q.7. भारत की विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की
स्थिति क्या है ? अथवा , भारत की संसद में महिलाओं के
प्रतिनिधित्व की स्थिति क्या है ?
उत्तर - भारत की विधायिकाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व नगण्य है ।
स्वतंत्रता आन्दोलन में जिस प्रकार की भागीदारी महिलाओं की थी ,
आज विधायिकाओं में उनकी पूछ उतनी नहीं है । कोई राजनीतिक दल
उनकी संख्या के हिसाब से उन्हें टिकट नहीं देते । विधायिकाओं में अपनी
भागीदारी भी नहीं । जब महिला आरक्षण के लिए बिल आता है , तब कभी
यह दल और कभी वह दल इसका विरोध करने लगते हैं ।
विरोध के नये मुद्दे तलाशे जाते हैं । यद्यपि भारतीय लोकसभा में महिला
प्रतिनिधियों की संख्या 59 हो गई है । फिर भी इसका प्रतिशत 11 %
के नीचे ही है । आज भी आम परिवार के महिलाओं को सांसद या विधायक बनने
का अवसर क्षीण है । महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना लोकतंत्र के लिए शुभ
होगा । भारत में हाल में महिलाओं को विधायिका में 33.4 % आरक्षण देने
की बात संसद में विचाराधीन है ।
Q.8. लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ किस प्रकार अनेक तरह के कर
सामाजिक विभाजनों को संभालती है ? उदाहरण के साथ बतावें ।
उत्तर - विश्व में जितने शासनतंत्र हैं उनमें लोकतंत्र सर्वोत्तम माना
लोकतांत्रिक व्यवस्था देश में अनेकों तरह से सामाजिक विभाजन को
सम्भालती है । जैसे — भारतीय संविधान में पिछड़ी जातियों के उत्थान
के विषय - वस्तु को लिखकर भारत को खण्डता से बचाया गया है ,
नहीं तो भारत अभी तक कई भागों में खंडित हो गया होता ।
Q.9. जीवन के विभिन्न पहलुओं का जिक्र करें , जिनमें भारत
में स्त्रियों के साथ भेद - भाव है या वे कमजोर स्थिति में हैं ।
उत्तर - जन्म के साथ ही लड़कियों के साथ भेदभाव आरम्भ हो जाता है ।
लड़की के जन्म लेते ही परिवार में उदासी छा जाती है । उनके पालन -
पोषण में भी लड़कों के मुताबिक कम ध्यान दिया जाने लगा है । पहले
तो उन्हें पढ़ाना आवश्यक समझा ही नहीं जाता था । सोच यही थी कि
किसी प्रकार उसे ब्याह कर विदा कर दिया जाए । लड़कियाँ पराई धन
मानी जाती थी । विवाह के बाद आज भी ससुराल में उन्हें दोयम दर्जे का
पारिवारिक सदस्य माना जाता है । बचे - खुचे भोजन पर ही उन्हें गुजर
करना पड़ता है । किसी भी दृष्टि से देखा जाता है तो पाया जाता है कि
उनकी स्थिति हर जगह कमजोर ही है, लेकिन इतना ध्यान रखना है कि
पढ़े-लिखे लोगों तथा शहरों में स्थिति इसके विपरीत हैं।
वहां लड़की में कोई भेद नहीं समझा जाता है।
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