कार्य , शक्ति एवं ऊर्जा ( Work , Power and Energy ) ( Physics ) part -3
कार्य , शक्ति एवं ऊर्जा ( Work , Power and Energy )
कार्य
- किसी वस्तु पर बल लगाकर वस्तु को बल की दिशा में विस्थापित करने को कार्य कहते हैं ।
- यह किया गया कार्य बल और बल की दिशा में हुए विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है ।
- कार्य - बल ×विस्थापन
- w=fscosθ
- यदि बल ( F ) और विस्थापन ( S ) की दिशा के बीच ( 0 ) कोण बन रहा हो ।
- कार्य का मात्रक जूल है ।
- इसका ( SI) मात्रक न्यूटन मीटर ( N.M ) होता है
- यह एक अदिश राशि है ।
ऊर्जा ( Energy ) :-
- किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं ।
- इसके दो प्रकार होते हैं-
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
ऊर्जा( Energy )
स्थितिज ऊर्जा ( Potential Energy )
गतिज ऊर्जा ( Kinetic Energy)
स्थितिज ऊर्जा ( Potential Energy ) : -
- किसी वस्तु में उसकी आकृति या स्थिति में परिवर्तन के कारण निहित ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा कहते हैं ।
- जैसे - टर्बाइन पर ऊंचाई से जल छोड़ने पर टरबाइन में गतिज ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है ।
- जल में यह ऊर्जा ऊंचे तल पर संचित रहने के कारण उत्पन्न होती है ।
- स्थितिज ऊर्जा PE = mgh 7 जहां M द्रव्यमान , g त्वरण एवं h पदार्थ की ऊंचाई है ।
गतिज ऊर्जा ( Kinetic Energy ) :-
- किसी वस्तु में गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहा जाता है ।
- किसी गतिशील वस्तु की गतिज ऊर्जा उस वस्तु द्वारा विरामावस्था में आने तक किए गए कार्य के रूप में व्यक्त की जा सकती है ।
- जैसे - बन्दूक की गोली विरामावस्था में निष्क्रिय रहती है , लेकिन उसमें गति उत्पन्न होते ही भेदने की क्षमता आ जाती है ।
- 1 गतिज ऊर्जा
- किसी वस्तु का द्रव्यमान दोगुना करने पर उसकी गतिज ऊर्जा दोगुनी हो जाएगी और द्रव्यमान आधा करने पर उसकी गतिज ऊर्जा आधी हो जाएगी ।
ऊर्जा संरक्षण का नियम ( Law of Energy Conservation ) :-
- ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है ,
- केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है ।
- किसी बन्द निकाय में कुल ऊर्जा स्थायी रहती है । इसे ऊर्जा संरक्षण का नियम कहा जाता है ।
ऊर्जा के विभिन्न रूप ( Different Forms of Energy )
उष्पीय ऊर्जा ( Thermal Energy ) :
- जब कोई वस्तु ठंडा होते समय कोई कार्य करती है , उष्मीय ऊर्जा कहलाती है
- उष्मीय ऊर्जा के उदाहरण हैं - किसी भाप इंजन में भाप का फैलना और ठंडी होना , पिस्टन को गति में लाना इत्यादि ।
- गर्म या उष्मा वस्तु के अणुओं के मध्य में उष्मा उनकी अव्यवस्थित गति तथा उनकी पारस्परिक स्थितिज ऊर्जा अर्थात् उनकी आंतरिक ऊर्जा से संबंधित होती है ।
- उष्मा आंतरिक ऊर्जा और ताप के बीच परिशुद्ध संबंधी उष्मा गतिकी का विषय है
रासायनिक ऊर्जा ( Chemical Energy ) : -
- किसी स्थिर रासायनिक यौगिक की ऊर्जा इसके अलग - अलग हिस्सों की तुलना में कम होती है ।
- यह अंतर यौगिक में इलेक्ट्रॉनों एवं नाभिकों की विशिष्ट व्यवस्था व गति के कारण है
- इस ऊर्जा को रासायनिक उर्जा कहा जाता है ।
- रासायनिक ऊर्जा के उदाहरण हैं - कोयले का दहन , उष्माशोषी या उष्माक्षेपी एवं जल अपघटन ।
- विद्युत आवेश व धारा एक दूसरे को आकर्षित या प्रतिकर्षित करते हैं , अर्थात् वे एक - दूसरे पर बल लगाते हैं
- इस कार्य से संबंधित ऊर्जा को विद्युत या विद्युत चुंबकीय ऊर्जा कहा जाता है ।
- न्यूट्रॉन व प्रोटॉन 10 ^ -15 m को कोटि की दूरियों पर एक - दूसरे को आकर्षित करते हैं ।
- नाभिक बनाने के लिए बाधित होते हैं . इससे संबंधित ऊर्जा को नाभिकीय ऊर्जा कहा जाता है ।
सौर ऊर्जा ( Solar Energy ) : -
- पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे विशाल स्रोत सूर्य है ।
- विश्व के सभी देशों द्वारा एक वर्ष में कुल जितनी ऊर्जा की खपत होती है , उसकी लगभग 50,000 गुना ऊर्जा सूर्य की किरणें पृथ्वी तल पर प्रतिदिन प्रदान करती हैं ।
- सूर्य का लगभग 70 % द्रव्यमान हाइड्रोजन से , 28 % हीलियम से तथा 2 % अन्य भारी तत्वों से बना है ।
- सूर्य के केन्द्र का तापमान और दाब क्रमश 1.5 x 10 ^7k तथा 2 X 10^16 न्यूटन प्रति वर्ग मीटर है ।
- सूर्य के केन्द्र में चार हाइड्रोजन नाभिक संलयित होकर हीलियम नाभिक बनाते हैं
- जिससे अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है
- सौर सेल के द्वारा सौर ऊर्जा को विद्युत उर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
- सर्वप्रथम सौर सेल का विकास 1954 ई . में किया गया था ।
- सौर सेल प्रायः सिलीकॉन तथा गैलियम जैसे अर्द्धचालकों से बनाया जाता है।
- -्सौर ऊर्जा उत्पादन तथा इस्तेमाल में भारत कौन से स्थान पर आता है ।
ऊर्जा रूपान्तरण के उदाहरण
उपकरण ऊर्जा का रूपान्तरण
- सौर सेल प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- डायनेमो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिकी ऊर्जा में
- माइक्रोफोन ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- लाउडस्पीकर विद्युत ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में
- सितार यांत्रिकी ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में
- बल्ब / ट्यूबलाइट विद्युत ऊर्जा को प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा में
- मोमबत्ती का हीटर का जलना , - रासायनिक ऊर्जा को प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा में
- कोयले का जलना रासायनिक ऊर्जा को ऊष्मा ऊर्जा में
- विद्युत सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- इंजन ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
- प्रकाश विद्युत सेल प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में
- किसी वस्तु के कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं ।
- शक्ति वह माप है जो बताती है कि कार्य कितनी शीघ्रता या कितनी विलम्बता से किया जाता है ।
- यदि t समय में w कार्य होता है तो शक्ति P होगी
- शक्ति कार्य / समय ( P = w / t)
- शक्ति का मात्रक वाट है । (1W = 1J / S
- मशीनों की शक्ति को अश्व शक्ति ( Horse Power - HP ) में भी व्यक्त किया जाता है ।
- वॉट सेकण्ड ( ws ) ऊर्जा या कार्य का मात्रक है , वॉट घंटा ( wh ) भी ऊर्जा या कार्य का मात्रक है।
- शक्ति की खोज महान वैज्ञानिक ने की थी इसलिए शक्ति के मानक को वाट कहते है ।
- 1H.P = 746 वाट
- 1WS = 1 जूल
- Wh = 3600 जूल





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