क्या बेवफाई क्या रुसवाई क्या समझ क्या सोच लिखना जरूरी है इससे पहले कोई बताये दरवाजे पर खड़ी है मौत आई है
जो कहीं नहीं है बस वही नजर आये
जो सब जगह है उसे बताने की मनाही है
जो सब जगह है उसे बताने की मनाही है
सब को सब समझ में कहाँ आता है
आ भी गया तो कह देना दूसरी लहर आई है
आ भी गया तो कह देना दूसरी लहर आई है
महफिल कहीं नहीं सजती अब
अकेले रहा करो इसी में सबकी भलाई है
अकेले रहा करो इसी में सबकी भलाई है
उठ के यूँ ही चले जा रहे हैं लोग
छोड़ कर के आने में ही सुना रुसवाई है
छोड़ कर के आने में ही सुना रुसवाई है
जाना ही होता है सब जायेंगे
मौत भी एक रस्म है बात लिखी लिखाई है
मौत भी एक रस्म है बात लिखी लिखाई है
सच को झूठ और झूठ को सच बता
खेल ले तेरे पाले में नई बॉल आई है
खेल ले तेरे पाले में नई बॉल आई है
पढ़ा लिखा अनपढ़
फर्क आदमी आदमी का
आदमी ने बात बनाई है
फर्क आदमी आदमी का
आदमी ने बात बनाई है
कौन क्या कर रहा होता है किसे पता
लिखना लिखाना रस्म अदाई है
लिखना लिखाना रस्म अदाई है
उलाहना आसान है
भुगत ले क्यों परेशान है
रोज होता है नई बात नजर नहीं आई है
भुगत ले क्यों परेशान है
रोज होता है नई बात नजर नहीं आई है
आना जाना बना रहे
जान पहचान जरूरी है
कुछ ले और कुछ दे दोनों की भलाई है
जान पहचान जरूरी है
कुछ ले और कुछ दे दोनों की भलाई है
‘उलूक’ एक लहर से दूसरी लहर तक
सफर में सनक जाना मना है बेवफाई है
सफर में सनक जाना मना है बेवफाई है
तीसरी लहर तक लिखना ना भूल जाना
मरी ही सही सोच की हौसला अफजाई है ।
मरी ही सही सोच की हौसला अफजाई है ।
चित्र साभार: https://www.shutterstock.com/

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