बीएड सत्र 2004-05 के 1021 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों को टेंपर्ड माना गया, विश्वविद्यालय का यह निर्णय हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाना है

बीएड सत्र 2004-05 के 1021 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों को टेंपर्ड माना गया, विश्वविद्यालय का यह निर्णय हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाना है

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कार्य परिषद की बैठक में बीएड सत्र 2004-05 के 1021 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों को टेंपर्ड माना गया। बैठक में जांच समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई । विश्वविद्यालय का यह निर्णय हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाना है। हाईकोर्ट के आदेश पर परिषदीय स्कूलों में कार्यरत टेंपर्ड प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

 


प्रकरण में गठित एसआईटी की टेंपर्ड प्रमाणपत्रों की सूची में 1084 अभ्यर्थियों का नाम था । विशेष अपील की सुनवाई करते हुए
हाईकोर्ट ने 26 फरवरी, 2021 को मामले की जांच के आदेश विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट शुक्रवार को कार्य परिषद की बैठक में रखी गई। समिति ने जांच में पाया कि एसआईटी की सूची में एक ही अभ्यर्थी का नाम 61 बार है। एक छोड़कर 60 जगह से नाम हटा दिए गए। बचे 1024 में से तीन अभ्यर्थियों के साक्ष्य सही पाए गए। इनके नामों को टेंपर्ड प्रमाणपत्रों की सूची से हटा दिया गया। बृहस्पति भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने की ।

जांच समिति की रिपोर्ट को दे दी गई मंजूरी

टेंपर्ड प्रमाणपत्रों की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई है। 1021 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र टेंपर्ड पाए गए हैं। हाईकोर्ट के समक्ष विश्वविद्यालय के निर्णय को प्रस्तुत किया जाएगा। - प्रो. अशोक मित्तल, कुलपति, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय

Comments

Popular posts from this blog

Gove confirms mandatory housebuilding targets for councils will be abolished in face of Tory rebellion – UK politics live

Kotak Mahindra Bank Recruitment 2022 Released for Graduate Candidates And Apply Online