एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए प्रयागराज से लखनऊ के बीच बने घनचक्कर

 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए प्रयागराज से इलाहाबाद के बीच चक्कर काट रहे हैं। कभी उन्हें अटकी हुईं फाइलें निकलवाने तो कभी पोर्टल खुलवाने के लिए अफसरों के दफ्तरों में दस्तक देनी पड़ रही है। यहां तक कि उन्होंने डिप्टी सीएम का दरवाजा भी खटखटाया, इसके बावजूद हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय में तकरीबन ढाई हजार चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंसी हुई है।


एलटी ग्रेड शिक्षक के 10768 पदों पर भर्ती के लिए जुलाई 2018 में लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा 15 विषयों में भर्ती के लिए हुई थी। बाकी 13 विषयों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी है, लेकिन हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय के अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। अन्य विषयों के अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा देने के बावजूद नियुक्ति में देर हुई और अब वे अपने ही साथियों से जूनियर हो गए हैं।

नियुक्ति में जितनी देर होगी, अभ्यर्थियों को उतना ही नुकसान होगा। एलटी ग्रेड हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट जारी हुए नौ माह पूरे हो रहे हैं। सितंबर 2020 में रिजल्ट जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस वर्ष फरवरी में चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें निदेशालय को भेज दीं थीं। इनमें सामाजिक विज्ञान पुरुष वर्ग में 787 एवं महिला वर्ग में 797 और हिंदी पुरुष वर्ग में 418 एवं महिला वर्ग में 540 अभ्यर्थियों की फाइलें शामिल थीं।  

इसके बाद भी पांच माह से अभ्यर्थी ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें नियुक्ति मिल सके। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान और मोर्चा के प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग को लेकर लखनऊ में अफसरों से मिलने गए हैं। उन्होंने सोमवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा और माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मिलने का समय मांगा गया है। इससे पूर्व भी अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल कई बार लखनऊ जा चुका है।

आयोग ने जब फरवरी में सामाजिक विज्ञान और हिंदी के चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज को भेजीं तो कभी फाइलों में कमी निकाली गई तो कभी आयोग से मंगाई गई चयनितों के विवरण से संबंधित सॉफ्टकॉपी को त्रुटिपूर्ण बताया गया। अभ्यर्थियों ने उस वक्त भी निदेशक और डिप्टी सीएम को ज्ञापन देकर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की थी। इसके बाद सॉफ्टकॉपी तो लखनऊ भेज दी गई, लेकिन ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए पोर्टल नहीं खुला। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में तब तक डटा रहेगा, जब तक कि ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए पोर्टल नहीं खोल दिया जाता

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