School Reopening In UP: 42 फीसदी अभिभावक चाहते हैं जुलाई से खुल जाएं स्कूल :-
School Reopening In UP: कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच 42 फीसदी अभिभावक जुलाई से स्कूलों को खोलने के पक्ष में हैं। हालांकि, 46 फीसदी अभी भी ऑनलाइन पढ़ाई पर ही जोर दे रहे हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सैम्पल सर्वे में यह बात निकलकर सामने आई है, जिसमें 58 स्कूलों के 850 अभिभावकों पर सर्वे किया गया।
कोरोना के चलते स्कूल मार्च 2020 से बन्द चल रहे हैं। इस सत्र में भी सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं ही लग पाई। परीक्षा तक आयोजित नहीं हो पाई। सरकार अब जुलाई से स्कूल खोलने पर मंथन कर रही है। सरकार के रुख को देखते हुए प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने अभिभावकों के बीच सर्वे किया। सर्वे में अभिभावकों से पूछा गया कि क्या वो अपने बच्चों को जुलाई में स्कूल भेजने को तैयार हैं। इसके जवाब में 42 फीसदी ने हामी भरी। वहीं 46 फीसदी अभी भी तैयार नहीं हैं। 12 फीसदी ने किसी भी तरह का जवाब नहीं दिया। अभिभावकों ने सर्वे के दौरान तमाम सुझाव भी दिए हैं। इनके मूल में कोरोना से बचाव पर जोर दिया गया है। कक्षाओं के संचालन को लेकर भी सुझाव दिए गए हैं।
ये दिए हैं सुझाव
0 स्कूलों का तीन शिफ्ट में संचालन हो।
0 एक सीट पर एक ही छात्र बैठे।
0 दो सीटों के बीच एक खाली सीट रहे।
0 डेस्क के आगे प्रोटेक्शन शील्ड लगाई जाए।
0 जिन अभिभावकों का वैक्सीनेशन हो चुका उनके बच्चों को ही आने की अनुमति हो।
0 स्कूल के पूरे स्टाफ का वैक्सीनेशन हो चुका हो।
सुनिए इनकी बात
अभिभावक चाहते हैं कि अब स्कूल खुले
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ मेहरोत्रा कहते हैं कि स्कूल नहीं आने के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो अब बच्चों को स्कूल जाते देखना चाहता है। ऐसे लोगों ने जुलाई में स्कूल खुलने पर बच्चों को भेजने की सहमति जताई है।
स्कूलों को निभानी होगी बड़ी जिम्मेदारी
अभिभावक दानिश जमाल ने कहा कि अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में सोच रहे हैं। यह सरकार की गाइडलाइन के बाद ही सम्भव हो सकेगा। गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। स्कूल कैंपस को कोविड मुक्त रखने को लगातार सेनेटाइज करना होगा।

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