कविता- संघर्ष
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जीवन भर संघर्ष किया
मानव हरपल यूं जिया।
संघर्ष की राह पर हम बढ़े
सफलता की सीढ़ी हम चढ़े।
संघर्ष कर होते हम सफल
समस्या का मिलें हमें हल।
संघर्षों से हम ना घबराएं
संघर्ष से जीवन निखर जाएं।
संघर्ष से होते हम मजबूत
परिश्रम का यह सही सबूत।
संघर्ष कर होते कामयाब
दुनिया बड़ी ही लाजवाब।
कहे कृष्णा करो संघर्ष
करिए ज़रा विचार विमर्श।
-कृष्णा जोशी, इन्दौर, मध्यप्रदेश

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