नास्त्रेदमस की 2022 की भविष्यवाणी | nostradamus predictions 2022 ki bhavishyavani book pdf download

पूरी दुनिया में भविष्यवाणी जो सबसे अधिक मानते है आइये जाने नास्त्रेदमस की 2022 की भविष्यवाणी नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2050 नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2023 नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी book pdf नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2025 नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2021 नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2024 नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2020 2023 की भविष्यवाणी

नास्त्रेदमस ने कहा था दुनिया के अंत के पहले संकेत होंगे अकाल भूकंप, तरह-तरह की बीमारियां और महामारी . जैसा कि इस दौर में हो भी रहा है 2020 कोरोना वायरस की महामारी इसकी शुरुआत मानी जा सकती है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया ये एक ऐसा अकाल होगा, जिसका सामना दुनिया ने पहले कभी नहीं किय.


Prophecies Of Nostradamus top popular

  1. Earth will be hit by an asteroid 
  2. Devastating earthquake
  3. Zombie apocalypse
  4. Biblical famine 
  5. Solar storms 

पृथ्वी एक asteroid ग्रह की चपेट में आएगी

नास्त्रेदमस का यह भी कहना है कि एक ग्रह 2021 में प्राकृतिक आपदाओं का कारण बन सकता है


न केवल दुनिया एक धूमकेतु के प्रभाव को सहन करेगी, नास्त्रेदमस यह भी कहते हैं कि इससे बड़ी संख्या में प्राकृतिक आपदाएं भी हो सकती हैं।

उन्होंने लिखा: "आकाश में, एक आग और चिंगारी का एक लंबा निशान देखता है।"

और ऐसा लगता है कि नासा भी प्रभाव के लिए आसमान की निगरानी कर रहा है, विशेष रूप से ग्रह,  संभवतः अगले साल 6 मई को पृथ्वी पर हमला कर सकता है।

. विनाशकारी भूकंप

2020 के बाद आखिरी में एक और प्राकृतिक आपदा होगी - हालांकि, अगर आप कैलिफोर्निया में रहते हैं तो वह बुरी खबर है  

नास्त्रेदमस का दावा है कि अमेरिका और कैलिफोर्निया में एक बड़ा भूकंप आएगा

India nostradamus predictions


इंदिराजी की मृत्यु का भविष्य कथन : 'निष्कासित स्त्री फिर सत्तारूढ़ होगी। उसके बैरी उसके विरुद्ध षड्यं‍त्र करेंगे। तीन वर्षों के अपने यादगार कार्यकाल के बाद सत्तर की आयु के लगभग उसकी मृत्यु होगी।' (से. 6, चतु. 74)

सन् 1977 के आम चुनाव में इंदिराजी की पराजय हुई थी और जनता पार्टी की सरकार बनी थी। किंतु 1980 में वे वापस सत्ता में आईं और प्रधानमंत्री बनीं। जब उनकी हत्या कर दी गई, उस समय उनकी आयु 67 वर्ष की थी

 

पाकिस्तान और चीन मिलकर भारत की सीमा में घुसपैठ कर गंगा नदी के मुहाने तक पहुंच जाएं। 

तृतीय विश्व युद्ध के संदर्भ में नास्त्रेदमस लिखते हैं, 'अनीश्वरवादी और ईश्वरवादियों के बीच संघर्ष होगा।'- (6-62)। चीन का धर्म और वहां की सरकार अनीश्वरवादी ही है। हाल ही में चीन द्वारा पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल से घनिष्ठता बढ़ाकर भारत की घेराबंदी करना इस बात की सूचना है कि चीन के इरादे नेक नहीं है।

 'एक सेनापति उत्सुकतावश पीछे भागती दुश्मन सेना की फौज का पीछा करेगा। वह उसके बचाव चक्र को भेदता हुआ, अंत: उन्हें रोक देगा। वे पैदल भांगेंगे, मगर उनसे अधिक दूर नहीं होगा वह। अंतिम जंग गंगा (ganges) के किनारे होगी।'' (iv-51) गंगेज नाम से फ्रांस का एक कस्बा भी है लेकिन 'किनारे' शब्द का इस्तेमाल तो किसी नदी के लिए ही होता है। इसीलिए व्याख्याकार इसे भारत के संदर्भ में लिखी गई भविष्यवाणी मानते हैं। ''भारत, फ्रांस, जोर्डन आजाद कराएं जाएंगे। निर्दयी शक्तियों का सुदूर पूर्व में विनाश होगा। 

गंगा, जोर्डन, फ्रांस और स्पेन को हड़पने वाला साम्राज्य खत्म हो जाएगा। समुद्र में खून और लाशें तैरती दिखेंगी।'' यहां सवाल यह है कि भारत जैसे समर्थ देश के तृतीय विश्वयुद्ध में कमजोर होने की संभावना किस तरह है? इसके दो कारण हो सकते हैं- पहला राजनीतिक नेतृत्व की कमजोरी और दूसरा आंतरिक कारण और आपसी फूट में उलझे रहने वाले कारणों में उलझे रहने वाले भारत का अपनी सीमा की ओर कभी ध्यान नहीं दे पाना। संदर्भ : अशोक कुमार शर्मा की पुस्तक नास्त्रेदमस की संपूर्ण भविष्यवाणियां (डायमंड पाकेट बुक्स)

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