मेरी आजादी यानी लोगों के दिलों में कैद रहना 


आजादी से बढ़कर दुनिया में कुछ नहीं है. गुलामी की बेड़ियों को तोड़ कर हर कोई आजादी से जीना चाहता है. गुलाम तो हमेशा खून के अश्रु बहाता रहता है. गुलामी में जीने से अच्छा तो मर जाना होता है. लेकिन मरने से बेहतर है कि आजादी के लिए संघर्ष किया जाए और आजाद हो कर खुशी-खुशी जीया जाए. लेकिन मेरे लिए तो इस खुशी से बढ़कर लोगों के दिलों में कैद रहकर जीने में है. वास्तव में तो यही हमारी आजादी है कि हम कैद होते हुए भी आजाद और आनंदित है. लोग हमें अपने दिलों में कैद रखे इसके लिए हमें सभी लोगों का दिल जीतना होगा. और सबका दिल जीतना इतना आसान है भी नहीं. 

हम आजादी का अर्थ यह कदापि न निकाले की हम जो चाहे वह सब कर सकते है. आजादी का मतलब सिर्फ इतना है की हम किसी के गुलाम नहीं है. हमारे साथ कोई तानाशाह व्यवहार नहीं कर सकता है. लेकिन हम भी आजाद रहते हुए वही काम कर सकते है जो किसी को किसी भी तरह से कोई नुकसान या चोट न पहुंचाए. किन्तु हम वास्तव में ऐसी आजादी को आजादी मानते ही कहां है. 

यदि हम ऐसे कार्य करने लगे जिससे की लोगों का भला हो या फिर हम खुद के काम इस तरह से करें की हमारे कामों से किसी को किसी तरह की तकलीफ न पहुंचे तो लोग हमारी तरफ आकर्षित होने लगेंगे. वे हमसे प्यार करने लगेंगे. जब हम लोगों के दिलों में इस तरह से बसने लगेंगे तो यह हमारे अंतर्मन को प्रसन्नता से भर देगा. हम खुद भी इसी तरह उनके दिलों में बसे रहना चाहेंगे. क्योंकि अब हमें वह सब कुछ मिलेगा जो हम चाहते है अथार्थ अपार मान सम्मान और सभी का साथ. इसलिए तो मैंने अपनी आजादी लोगों के दिलों में कैद रहना मानी है, आपकी आजादी किस तरह से है? 

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