Download WBCHSE Class XII HINDI Notes | नशा - मुंशी प्रेमचंद | PDF Download WB Board Class 12 Hindi Notes | NASHA | Class 12 HINDI Notes | PDF | WBCHSE
NASHA HINDI NOTES | WEST BENGAL BOARD CLASS XII NOTES | HINDI - FIRST LANGUAGE | नशा : मुंशी प्रेमचन्द |
लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक के लिए)
1. “ये लोग गरीबों का खून चूसने के सिवा और करते क्या है?” - यह कथन किसका है तथा ‘ये लोग’ से संकेतित पात्र कौन है?
3. मुंशी प्रेमचंद का असली नाम क्या था?
4. वीर ने किसे कामचोर कहा?
5. “ऐसा न्याय तो किसी राज्य में नहीं देखा।“ - वक्ता कौन है?
6. वीर को किसकी गुस्ताखी बुरी लग रही थी?
7. “तुम कौवे होकर हंस के साथ कैसे?” - ‘कौवा’ और ‘हंस’ किसे कहा गया है?
8. “मैं सबसे पहले तुम्हें बताऊंगा” - प्रस्तुत अंश कौन, किससे कहता है?
9. वीर का बिस्तर लगाने महरा कितने बजे आया था?
10. “मैंने निश्चय किया कि घर नहीं जाऊंगा।“- किसने घर ना जाने का निश्चय किया?
उत्तर: वीर ने दशहरे की छुट्टी में घर ना जाने का निश्चय किया।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंकों के लिए)
1. “ये लोग गरीबों का खून चूसने के सिवा और करते क्या हैं?”
प्रसंग: ईश्वरी के गाँव मुरादाबाद में एक ठाकुर था। वह कुछ मनचला व्यक्ति था, किन्तु महात्मा गांधी का परम भक्त था। वह वीर को भी महात्मा गांधी का चेला समझ कर उसका बहुत लिहाज करता था। उसने वीर से कहा कि वहाँ सुराज आ जाएगा तो जमींदार न रहेंगे। इसी प्रसंग में अपनी शान जमाने के लिए वीर ने यह बात कही।
व्याख्या: ठाकुर महात्मा गांधी का परम भक्त था। वह वीर को महात्मा गांधी का चेला समझकर बड़ा लिहाज करता था। एक दिन वह वीर को अकेला देखकर उसके पास गया और हाथ जोड़कर पूछा कि आप तो गांधीजी के चेले हैं, लोग कहते हैं कि यहां सुराज हो जाएगा तो जमींदार नहीं रहेंगे। वीर ने कहा कि ज़मींदारी की आवश्यकता ही क्या है? वे लोग गरीबों को का खून चूसने के सिवा और क्या करते हैं?


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