अभ्यर्थिआयोग के गेट के बाहर सड़क पर बैठ गए औरआयोग कार्यालय से किसी को बाहर नहीं निकलने दिए, 1786 को प्रवेशपत्र निर्गत
अभ्यर्थिआयोग के गेट के बाहर सड़क पर बैठ गए औरआयोग कार्यालय से किसी को बाहर नहीं निकलने दिए, 1786 को प्रवेशपत्र निर्गत
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए 30 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा का प्रवेशपत्र तमाम अभ्यर्थियों के लिए मुसीबत बन गया। छह हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र डाउनलोड नहीं होने से अभ्यर्थियों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर आ गया। दोपहर बाद वह आयोग के गेट के बाहर सड़क पर बैठ गए और कहा कि जब तक उनका प्रवेशपत्र निर्गत नहीं किया जाता, वह आयोग कार्यालय से किसी को बाहर नहीं निकलने देंगे। नगर मजिस्ट्रेट व पुलिस अफसरों की मौजूदगी में आयोग के प्रयास से 1786
उन अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में प्रतिबंध के साथ सम्मिलित होने की अनुमति मिल गई, जिनके आवेदन में मामूली त्रुटि थी। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती के लिए प्रथम चरण की परीक्षा 30 अक्टूबर को होगी। अभ्यर्थी प्रदीप, माधुरी, कल्पना, प्रखर, अर्पिता आदि का कहना था कि परीक्षा की तैयारी करने के बजाय उन्हें प्रवेशपत्र पाने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों के प्रदर्शन शुरू कर देने पर नगर मजिस्ट्रेट गौरव श्रीवास्तव व बड़ी संख्या में पुलिस पहुंच गई। बाद में पीएसी की गाड़ी बुला लिए जाने पर अभ्यर्थियों का गुस्सा और भड़क गया। परीक्षार्थियों की मांग के समर्थन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर महामंत्री नीरज प्रताप ने कहा कि मांग पूरी हुए बिना कोई नहीं हटेगा। प्रवेशपत्र के मामले को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है। इधर, आयोग के उपसचिव डा. शिव जी मालवीय ने बताया कि कुछ अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के लिए प्रवेशपत्र डाउनलोड न हो पाने के कारण प्रत्यावेदन दिया। इस पर संबंधित एजेंसी से इन्हें अनर्ह बताया। बैठक में परीक्षार्थी हित में 1784 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति इस शर्त के साथ दी गई है कि वह परीक्षा के दो सप्ताह के भीतर अपनी संपूर्ण औपचारिकताएं पूर्ण कराएंगे। लिखित परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के नाम, अनुक्रमांक आयोग के पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं।
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