आंदोलनकारी शिक्षकों, कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों का पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग, मांग नहीं मानी गई तो वह 30 नवंबर को राजधानी जाम करेंगे

 आंदोलनकारी शिक्षकों, कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों का पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग, मांग नहीं मानी गई तो वह 30 नवंबर को राजधानी जाम करेंगे

प्रयागराज : पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज हो गई है। गुरुवार को पत्थर गिरजाघर के निकट जीजीआइसी के मैदान में आंदोलनकारी शिक्षकों, कर्मचारियों और रिटायर कर्मचारियों का हुजूम रहा। हजारों कर्मचारियों ने एक सुर में पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह 30 नवंबर को राजधानी जाम करेंगे। पुरानी पेंशन सहित 11 सूत्रीय मांग पत्र मंच से पढ़ा गया और प्रदेश सरकार को चेतावनी दी गई कि मांगें न माने जाने पर आंदोलन उग्र होगा। कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले कई संगठनों के पदाधिकारी और राज्य व केंद्र सरकार के कर्मचारी आंदोलन में एकजुट हुए। इसके जरिए कई हजार कर्मचारियों ने अपनी ताकत दिखाई और पुरानी पेंशन बहाली की आवाज बुलंद की। धरना स्थल पर पहुंचे शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग जायज है। इसे सरकार को मान लेनी चाहिए। सरकार की नीतियों और महत्वाकांक्षी योजनाओं का पालन कराने वाले कर्मचारी असहयोग करेंगे तो स्थिति बिगड़ सकती है। आंदोलन के संयोजक बीके पांडेय ने कहाकि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। नई पेंशन जुआ पर निर्भर है, शेयर आधारित पेंशन दिया जाना कहां तक उचित है।

 


सरकार में न रहते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पुरानी पेंशन दिए जाने की पुरजोर वकालत करते थे। अब वह अपना वायदा भूल गए। डिप्लोमा इंजीनियर संघ के मंडल सचिव इंजीनियर बीके राजपूत ने कहा कि जब माननीयों को पेंशन मिल रही है तो कर्मचारियों को क्यों नहीं। जो कर्मचारी सरकार के कार्यों के लिए अपना पूरा जीवन लगा रहा है, उसे पुरानी पेंशन से वंचित न किया जाय। डिप्लोमा इंजीनियर संघ के महामंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों के साथ छलावा है। इसमें तय नहीं कि रिटायर होने के बाद कितनी पेंशन मिलेगी। इसलिए इसे खत्म करके पुरानी पेंशन दी जाय। नियमित वर्कचार्ज के कर्मचारी नेता रविशंकर मिश्र ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है, उसे देना चाहिए। देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, विनोद कुमार पांडेय, अनुज कुमार पांडेय और राजेंद्र तिवारी ने कहा कि मांगे पूरी न होने पर कर्मचारी उग्र होंगे। केवल पेंशन हीं नहीं, कई और मांगे सालों से लंबित है। उसे पूरा नहीं किया जा रहा है। इस आंदोलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहु, स्वास्थ्य कर्मी, शिक्षा मित्र, रेलकर्मी, राजस्व कर्मी आदि शामिल हुए। इसमें पेंशनर्स भी पहुंचे और एनपीएस की खामियां और पुरानी पेंशन की जरूरत बताई। धरना के समापन पर एडीएम सिटी को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।

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