ज्वालामुखी क्या है और इसके प्रकार, सक्रिय ज्वालामुखी कौन कौन से हैं, विश्व का सबसे बड़ा ज्वालामुखी कौन सा है, विश्व का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी

दोस्तों आज हम प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों की जानकारियां लेने वाले हैं। जैसे- ज्वालामुखी किसे कहते हैं तथा ज्वालामुखी से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न


और क्या आप जानते हैं कि विश्व का सबसे अधिक सक्रिय ज्वालामुखी कहां स्थित है। यदि नहीं तो आज के इस पोस्ट में आप हम ऐसे ही प्रश्न की जानकारी लेने वाले हैं।




  ज्वालामुखी ( Volcano )

ज्वालामुखी भूपटल पर वह प्राकृतिक शेरिया दरार है जिससे होकर पृथ्वी का पिघला पदार्थ लावा, राख,भाप तथा अन्य कैसे बाहर निकलते हैं। ज्वालामुखी के कप के आकार के मुख्य को क्रेटर कहते हैं। बाहर हवा में उड़ा हुआ लावा शीघ्र ही ठंडा होकर छोटे ठोस टुकड़ों में बदल जाता है, जिसे सिंडर कहते हैं। उदगार में निकलने वाली गैसों में वाष्प का प्रतिशत सर्वाधिक होता है। पेले-अश्रु की उत्पत्ति ज्वालामुखी के उद्गार के समय ही होता है। उदगार अवधि अनुसार ज्वालामुखी तीन प्रकार की होती हैं-

1. सक्रिय ज्वालामुखी (Active Volcano) इसमें अक्सर उद्गार होता है। वर्तमान समय में विश्व में सक्रिय ज्वालामुखीयों की संख्या 500 है। इनमें प्रमुख है,इटली का एटना तथा स्ट्रांबोली। मेक्सिको (उत्तर अमेरिका) में स्थित कोलीमा ज्वालामुखी बहुत ही सक्रिय ज्वालामुखी है। इसमें 40 बार से अधिक बार उद्गार हो चुका है। स्ट्रांबोली भूमध्य सागर में सिसली के उत्तर में लिपारी द्वीप पर स्थित है। इसमें सदा प्रज्वलित गैस निकाला करती हैं, जिससे आसपास का भाग प्रकाशित रहता है, इस कारण इस ज्वालामुखी को भूमध्य सागर का प्रकाश स्तंभ कहते हैं।

2. प्रसुप्त ज्वालामुखी (Dormant Volcano) जिसमें निकट अतीत में उद्गार नहीं हुआ है। लेकिन इसमें कभी भी उद्गार हो सकता है। उदाहरण-विसुवियस (भूमध्य सागर), क्राकाटोवा (सुंडा जलडमरूमध्य), फ्यूजीयामा (जापान), मेयन (फिलीपींस)


3. शांत ज्वालामुखी (Extict Volcano) वैसा ज्वालामुखी जिसमें ऐतिहासिक काल से कोई उद्गार नहीं हुआ है और जिस में पुनः उद्गार होने की संभावना नहीं हो। उदाहरण-कोहसुल्तान एवं देमवंद (ईरान), पोपा (म्यांमार), किलिमंजारो (अफ्रीका), चिंबोराजो (दक्षिण अमेरिका)

महत्वपूर्ण-तथ्य

कूल सक्रिय ज्वालामुखी का अधिकांश प्रशांत महासागर के तटीय भाग में पाया जाता है। प्रशांत महासागर के परिमेखला को अग्नि वालय भी कहते हैं।

सबसे अधिक सक्रिय ज्वालामुखी अमेरिका एवं एशिया महाद्वीप के तट पर स्थित है।

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में एक भी ज्वालामुखी नहीं है।

गेसर (Geyser) : बहुत से ज्वालामुखी क्षेत्रों में उद्गार के समय दरारों तथा सुराखों से होकर जल तथा वाष्प कुछ अधिक ऊंचाई तक निकलने लगते हैं जिसे गेसर कहा जाता है। जैसे-ओल्ड फैथफुल गेसर, यह U.S.A के येलोस्टोन पार्क में है। इसमें प्रत्येक मिनट उद्गार होता रहता है।

धुआंरे (Fumaroles): यह ज्वालामुखी क्रिया के अंतिम अवस्था के प्रतीक हैं। इनसे गैस व जलवाष्प निकला करते हैं। गंधक युक्त धुंआंरो को सोलफतारा कहा जाता है। अलास्का (USA) के कटमई पर्वत को हजारों धुंआंरो की घाटी कहा जाता है। ईरान का कोह सुल्तान धुआंरो व न्यूजीलैंड की प्लेंटी की खाड़ी में स्थित ह्वाइट द्विप का धुआंरा भी प्रसिद्ध है।

विश्व का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी पर्वत कोटापैक्सी (ऊंचाई 19613 फीट) इक्वाडोर में है।

विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित सक्रिय ज्वालामुखी ओजस डेल सालाडो एंडीज पर्वतमाला में अर्जेंटीना-चिली देश की सीमा पर स्थित है।

विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित शांत ज्वालामुखी एकांकागुआ एंडीज पर्वतमाला पर स्थित है, जिसकी ऊंचाई 6960 मीटर है।


परीक्षा उपयोगी प्रश्न______________

1. ज्वालामुखी किसे कहते हैं?

उत्तर-ज्वालामुखी पृथ्वी पर बना हुआ वह दरार व छेद है जिससे होकर समय-समय पर पृथ्वी के अंदर से तप्त लावा व मैग्मा पृथ्वी के धरातल पर आता है।


2. ज्वालामुखी नली किसे कहते हैं?

उत्तर-जिस छिद्र से ज्वालामुखी का पदार्थ बाहर आता है, उसे ज्वालामुखी नली कहते हैं।


3. ज्वालामुखी कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर- क्रियाशीलता के आधार पर ज्वालामुखी को निम्न तीन भागों में बांटा जा सकता है-

(i) सक्रिय ज्वालामुखी

(ii) प्रसुप्त ज्वालामुखी

(iii) शांत या विलुप्त ज्वालामुखी

4. विश्व का सबसे अधिक सक्रिय ज्वालामुखी कहां स्थित है?

उत्तर- किलायु हवाई द्वीप (U.S.A) पर है



‘मुझे आशा है कि आज का हमारा यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा।’


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