परिषदीय विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं
परिषदीय विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं
सोनभद्र। परिषदीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर विकसित करने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद नक्सल इलाके के कई विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चों को पानी पीने के लिए घर से जाना पड़ता है। इसका खुलासा अभिसूचना इकाई की जांच में हुआ है। एसपी नक्सल ने डीएम को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है।
राबर्ट्सगंज, कोन, करमा, म्योरपुर, दुद्धी, चोपन, घोरावल नगवां चतरा और बभनी विकास खंड में परिषदीय और कंपोजिट i 2061 विद्यालय संचालित हैं। पिछले माह जिले में दौरे पर आए । बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र , द्विवेदी ने बीएसए को सभी परिषदीय न स्कूलों में शुद्ध पेयजल आदि का समुचित इंतजाम करने का निर्देश दिया था। मंत्री के आदेश के बावजूद नक्सल और दुरूह क्षेत्रों के कई स्कूलों में बच्चों के लिए पेयजल का इंतजाम तक नहीं है। हैंडपंप खराब पड़े हैं। अभिसूचना इकाई के सदस्यों ने कुछ स्कूलों में इसका पड़ताल की थी जिसमें ये खुलासा हुआ है। एसपी (नक्सल) नित्यानंद राय ने डीएम को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय सुअरसोत खुर्द में पाया गया कि दोनों विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। यहां हैंडपंप तो हैं लेकिन खराब हैं। इसी तरह से कई स्कूलों में हैंडपंप खराब पड़े हैं।
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