अहीरवाल में चुप रहने वाले योगेंद्र यादव ऐलनाबाद में ना सेंके राजनीतिक रोटी : दिग्विजय
चंडीगढ़( abtaknews.com ) 07अक्टूबर,2021: जननायक जनता पार्टी के प्रधान महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला ने योगेंद्र यादव को खुली चुनौती देते हुए उन्हें आईना दिखाया है। दिग्विजय ने कहा कि योगेंद्र यादव षडयंत्र के तहत ऐलनाबाद में जाकर झूठी बयानबाजियां करके उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को ही टारगेट कर इलाके का माहौल खराब करने में लगे हुए है। उन्होने कहा कि सच्चाई यह है कि वे अपने क्षेत्र गुरुग्राम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सरीखे नेताओं के खिलाफ खड़े होने तक का साहस नहीं रखते।
दिग्विजय चौटाला ने योगेंद्र यादव को खुली चुनौती दी कि यदि वे अपने आपको किसानों का इतना ही बड़ा हितैषी मानते है तो वे अपने इलाके में इन बड़े नेताओं के खिलाफ एक दिन भी खड़े होने का हौसला दिखाएं अन्यथा किसानों के प्रति अपनी ड्रामेबाजी बंद करें। उन्होंने कहा कि रही बात उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तो यह कुर्सी दुष्यंत चौटाला को योगेंद्र यादव ने नहीं सौंपी है। प्रदेश की जनता ने दुष्यंत चौटाला को डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बैठाया है और आज उसी कुर्सी की ताकत से ही दुष्यंत चौटाला गरीब, किसान वर्ग की खुशहाली, युवाओं के रोजगार समेत तमाम वर्गों के हितों में कार्य कर रहे है।
जेजेपी प्रधान महासचिव ने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे है जबकि उनका खुद का किसानी से कोई वास्ता नहीं। ऐसे लोगों की वजह से ही आज किसान व केंद्र सरकार के बीच इस मसले पर सहमति नहीं बन पा रही है। उन्होंने कहा कि योगेंद्र यादव शुरू से ही हर मौके पर देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े होकर देश में व्यवस्था व माहौल खराब करते रहे है लेकिन आज दुर्भाग्यवश उन्हें आंदोलन की आड़ में भोले-भाले किसानों का मुखौटा मिल गया है। उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं लेकिन उनका अपना राजनीतिक दल है और इस आंदोलन के माध्यम से योगेंद्र यादव अपने राजनीतिक हित साधना चाहते है।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि दुष्यंत चौटाला जनता द्वारा सौंपी गई उपमुख्यमंत्री की कुर्सी की ताकत से ही निरंतर किसानों के हित में एसएसपी सिस्टम को मजबूत करने, धान की खरीद नहीं हुई तो केंद्र से बातचीत करके खरीद शुरू करवाने, 75 प्रतिशत रोजगार कानून बनाकर प्रदेश के गरीब, किसान वर्ग के बच्चों को रोजगार मुहैया करवाने जैसे तमाम जनहितैषी कार्य करते हुए सर छोटूराम की कहावत “किसानों का भला सत्ता में किसान की भागीदारी से ही हो सकता हैं” को साकार कर रहे है।
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